Solution:क्षेत्रीय परिषद वैधानिक निकाय है (संवैधानिक नहीं)। ये संसद के एक अधिनियम, यानी राज्य पुर्नगठन अधिनियम 1956 द्वारा स्थापित किये गए है। इस अधिनियम ने देश को पांच क्षेत्रों- उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी में विभाजित किया तथा प्रत्येक क्षेत्र के लिये एक क्षेत्रीय परिषद प्रदान की। क्षेत्रीय परिषद के संगठनात्मक ढांचे में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और सलाहकार शामिल होते है।
केन्द्रीय गृहमंत्री इसका अध्यक्ष होता है। प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री एक वर्ष की अवधि के लिए उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते है। इसके सदस्य प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री और प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा नामित दो अन्य मंत्री व संघ राज्य क्षेत्रों से दो सदस्य होते है। इसमें सलाहकार के रूप 'नीति आयोग' द्वारा नामित एक मुख्य सचिव और जोन में शामिल प्रत्येक राज्य द्वारा नामित एक अन्य अधिकारी/ विकास आयुक्त होते है।
क्षेत्रीय परिषद का उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण को साकार करना, तीव्र राज्य को संचेतना, क्षेत्रवाद तथा विशेष प्रकार की प्रवृत्तियों के विकास को बढ़ना। विकास परियोजनाओं के सफल एवं तीव्र निष्पादन के लिये राज्यों के बीच सहयोग वातावरण की स्थापना करना।
• क्षेत्रीय परिषद के सदस्य केंद्र सरकार के चार कैबिनेट मंत्री नहीं शामिल होते हैं।