A. पूंजीवादी प्रभुत्त्वपूर्ण हो गया है, फिर भी यह अभी सामंतवाद का प्रयोग करता है पूंजीवाद किसानों के सभी हस्तशिल्पों और उत्पाद के सभी स्वरूपों को तहस-नहस कर देता है।
B. पूंजीवादी सामंतवाद के अधीन रहता है और भूमियुक्त संपत्ति पर कच्चे मालों तथा कामगारों को पाने के लिए निर्भर करता है
C. सामंतवाद पूंजीवाद के विकास की राह में एक बाधक हो जाता है, और इसलिए इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
Correct Answer: (b) B, A, C
Solution:फ्रांसीसी समाजशास्त्री पी.पी.रे.ने उत्पादन के साधनों का अभिव्यक्तिकरण की एक परिशुद्ध अवधारण को आगे बढ़ाते हुए उत्पादन की सामंती व्यवस्था से पूँजीवादी व्यवस्था के अंतरण के तीन चरण बताए है। उनका सही क्रम है-1. पूंजीवादी सामंतवाद के अधीन रहता है और भूमियुक्त संपत्ति पर कच्चे मालों तथा कामगारों को पाने के लिए निर्भर करता है। पूंजीवादी प्रभुत्त्वपूर्ण हो गया है, फिर भी यह अभी सामनवाद का प्रयोग करता है
2. पूंजीवाद किसानों के सभी हस्तशिल्पों और उत्पाद के सभी स्वरूपों को तहस-नहस कर देता है।
3. सामंतवाद पूंजीवाद के विकास की राह में एक बाधक हो जाता है, और इसलिए इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाता है।