पर्यावरण शब्द मे जैव-अजैव, भौतिक एक अभौतिक वे सभी वाह्य कारक शामिल होते है, जो मानव के चारों तरफ विद्यमान होते है पर्यावरण की नई अवधारणा में वे सामाजिक एवं आर्थिक स्थितियां भी शामिल की जाती हैं जिसमें हम रहते हैं पर्यावरण को अच्छी तरह से समझने के लिए इसको तीन भागों में बाँटा जा सकता है।
भौतिक (जल, वायु, मृदा, आवास इत्यादि), जैविक (पादप, विषाणुओं कीटों, कृतकों इत्यादि), और सामाजिक रीति-रिवाज, संस्कृतियां, आय, व्यवसाय इत्यादि । मानव स्वास्थ्य की कुंजी, व्यापक रूप में उसके पर्यावरण में ही निहित होता है
वास्तव में मानव के खराब स्वास्थ्य के कारणों में खराब आवास, पशुओं का सहअस्तित्व, वायु जल एवं मृदा प्रदूषण इत्यादि में खोजा जा सकता है। प्रायः मनुष्य ही नगरीकरण, औद्योगीकरण एवं अन्य मानव क्रियाकलापों के माध्यम से अपने वातावरण को प्रदूषित करने के लिए उत्तरदायी है जिससे पूरे विश्व में व्यापक सामाजिक एवं पर्यावरणीय बदलाव हो रहे है।
इसलिए इस समस्या के समाधान हेतु एक स्वास्थ वातावरण बनाने हेतु एक संयुक्त बहु-विषयक कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।
अंतः सभी के लिए स्वास्थ्य प्राप्त करने हेतु, जो कि स्वस्थ वातावरण एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित है, और व्यक्तिगत स्तर पर, परिवार के स्तर पर एवं समाज के स्तर पर पहल करने की आवश्यकता संबंधी दो बदलाव (परिवर्तन) किए जाने की आवश्यकता है।
'सभी के लिए स्वास्थ्य' को सुनिश्चित करने हेतु कौनसी बुनियादी आवश्यकताएं है
A. स्वास्थ्य व्यवहार (प्रतिरूप पैटर्न)
B. स्वस्थ पर्यावरण
C. अनुकूल सरकार
D.स्वस्थ जीवलन शैली
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का कीजिए
Correct Answer: (a) केवल B और D
Solution:स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन शैली सभी के लिए स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने हेतु बुनियादी आवश्यकताएं हैं।