Solution:एच. डेवनपोर्ट ने 1990 में बिजनेस प्रोसेस इंजीनियरिंग (बीपीआर) का प्रस्ताव रखा था। बीपीआर, व्यवसायिक प्रक्रियाओं को मौलिक रूप से सुधारने, लागत कम करने और ग्राहक संतुष्टि बढ़ाने के लिये अपनाई जाने वाली एक पद्धति है।
बीपीआर को पहली बार 1990 के दशक में एमआइटी के पूर्व प्रोफेसर माइकल हैमर ने विकसित किया था। उन्होंने तर्क दिया कि उस दशक में बाजारों और तकनीक में तेजी से हो रहे बदलावों के साथ तालमेल बिठाने के लिये व्यवसायिक प्रक्रियाओं का 'आमूलचूल नया स्वरूप' जरूरी था। बीपीआर में चार मुख्य चरण शामिल है: निदान, विश्लेषण, पुनर्रचना एवं मूल्यांकन ।