NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 राजनीति विज्ञान (Political Science)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित अवतरण को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

जेम्स मेडिसन किसी लोकतंत्र मे प्रचलित सूचना हेतु तत्काल जरूरत को वाग्मितापूर्ण अभिव्यक्ति देते हैं। औपनिवेशिक शासन में, प्रशासनिक संस्कृति मुख्यतया आंतरिक दर्शी, लोगों से बचने वाली और गोपनीयतापूर्ण थी। सूचना का अधिकार संस्थानों और संस्कृति, दोनों का उत्पाद हैं।

जन दबाव और विश्व भर में समसामयिक लोकतांत्रिक आंदोलनों के कारण सरकारी कार्यों में खुलापन और पारदर्शिता हालिया समय में उभरती प्रवृत्तियाँ बन चुकी हैं।

बहुत से देशों में सूचना का अधिकार विधियाँ अधिनियमित की जा रही हैं। स्वीडन ने 1766 में प्रेस की स्वतंत्रता अधिनियम को अपनाया। यूनाइटेड स्टेट्स ने सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 1966 पारित किया।

फ्रांस में, सूचना की स्वतंत्रता और लोक सेवकों का उत्तरदायित्व संवैधानिक अधिकारों का अभिन्न भाग है। जापान में सूचना की स्वतंत्रता कानून 2001 में प्रभावशील हुआ, जिसने प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक या मुद्रित प्रारूपों में रखी गई सूचना तक पहुँच प्रदान की।

जर्मनी में, संघीय सरकार ने 2005 में सूचना की स्वतंत्रता विधि को पारित किया। छह बुन्डसलैंडर (प्रांतीय सरकारों) ने इस विषय पर अपने अलग कानून बनाये हैं। भारत के उच्चतम न्यायालय ने उत्तरप्रदेश राज्य बनाम राज नारायण वाद में व्यवस्था दी कि सूचना का अधिकार, वाक स्वतंत्रता के अधिकार में निहित है।

1997 में भारत ने सूचना का अधिकार तथा खुली और पारदर्शी सरकार को बढ़ावा देने संबंधी एक कार्यकारी समूह स्थापित किया था। 2005 में, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरणों के नियंत्रणाधीन सूचना तक नागरिकों को सुरक्षित पहुँच करने के लिए भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया गया था।

अवतरण के अनुसार, किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि सूचना का अधिकार वाक्स्वतंत्रता के अधिकार में निहित है?

Correct Answer: (a) राज नारायण वाद
Solution:

भारत के उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश बनाम राजनारायण वाद में व्यवस्था दी कि सूचना का अधिकार, वाक स्वतंत्रता के अधिकार में निहित है 1997 में भारत ने सूचना का अधिकार तथा खुली व पारदर्शी सरकार को बढ़ावा देने संबंधी एक कार्यकारी समूह स्थापित किया।

92. अवतरण के अनुसार. किस देश ने सबसे पहले प्रेस/ सूचना से संबंधित प्रावधान अपनाये था?

Correct Answer: (d) स्वीडन
Solution:

अवतरण के अनुसार स्वीडेन ने सर्वप्रथम 1766 में प्रेस τ की स्वतंत्रता अधिनियम अपनाया। पुनः -

यूनाइटेड स्टेट्स ने - 1966
फ्रांस में - 1978
कनाडा में - 1982
मैक्सिकों में - 2001
जापान - 2001
भारत - 2005

93. अवतरण के अनुसार किस वर्ष भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया था?

Correct Answer: (b) 2005
Solution:

नागरिकों को सरकार से प्रश्न करने के लिए, सशक्त बनानें, सरकार के कामकाज में पारदर्शिता व जवाबदेही की बढ़ोत्तरी हेतु, भ्रष्टाचार रोकनें तथा लोगों को बेहतर तरीके से काम करने के लिए, सूचना का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत मौलिक अधिकार है जिसे वर्ष 2005 में लागू किया गया।

94. अवतरण के अनुसार, किस देश ने सूचना की स्वतंत्रता और लोक सेवकों के उत्तरदायित्व को संवैधानिक अधिकारों का अभिन्न अंग बनाया है?

Correct Answer: (c) फ्रांस
Solution:

फ्रांस ने 17 गई, 1978 में सूचना का अधिकार लागू करते समय यह तय किया कि सूचना की स्वतंत्रता और लोक सेवकों का उत्तरदायित्व संवैधानिक अधिकारों का अभिन्न भाग है। फ्रांस द्वारा लागू किया गया सूचना का अधिकार कानून, अमेरिका से प्रेरित था।

95. जर्मनी में बुंडसलैंडर को किस अन्य नाम से भीजाना जाता है?

Correct Answer: (b) प्रांतीय सरकारें
Solution:

जर्मनी में संघीय सरकार ने 2005 में सूचना की स्वतंत्रता विधि को पारित किया तथा छः बुन्डसलैंडर (प्रान्तीय सरकारों) ने सूचना के अधिकार विषय पर अपने अलग-अलग कानून बनाए। जर्मनी में बुन्डसलैंडर, प्रांतीय सरकार को कहते हैं।

96. निम्नलिखित अवतरण को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

स्वतंत्रता पश्चात् भूमि सुधार मुख्यतया कुमारप्पा समिति के आधार पर अपनाए गए थे। इस समिति के मार्गदर्शक सिद्धांतों में शोषण की समाप्ति और जोतने वालों को जमीन प्रदान करना शामिल था। बिहार प्रदेश किसान सभा (BPKS) 1929 में स्थापित की गई थी। इसने 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के रूप में राष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज की थी।

स्वामी सहजानंद सरस्वती ने प्रांतीय संगठनों पर प्रभुत्व बनाए रखा, और भारत में प्रमुख किसान नेता के रूप में उभरे तथा 1935 में (BPKS) के मुखिया बने। 1937 में बिहार में कांग्रेस मिनिस्ट्री के गठन ने दोनों संगठनों के बीच टकराव का रास्ता खोल दिया। जमीनदारों ने किरायेदारों की दशा सुधारने के लिए किरायेदारी/काश्तकारी कानूनों को पारित करने में अपनी सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव दिया।

बिहार सहित उत्तर औपनिवेशिक भारत राजनीतिक प्रणाली में प्रभुत्वशाली पक्षकार के रूप में कांग्रेस के उदय का साक्षी बना। 1952 चुनावों में राज्य विधायिका में झारंखंड पार्टी मुख्य विपक्षी पार्टी थी। बिहार में 1952 आम चुनावों का महत्वपूर्ण परिणाम दो क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, झारखंड पार्टी और जनता पार्टी का उदय था। कांग्रेस का परंपरागत विपक्ष तैयार करने के लिए राजा कामाख्या नारायण सिंह द्वारा जनता पार्टी 1950 में स्थापित की गई थी।

इसका राजनीतिक प्रभाव मुख्यतया दक्षिण बिहार में सीमित था। 1967 तक, बिहार में रजनी कोठारी द्वारा प्रतिपादित 'कांग्रेस प्रणाली' अर्थात् एक दल प्रभुत्व प्रणाली ही कायम रही थी। 1967-69 के बीच चुनावों में बेहद खण्डित बहु-दलीय प्रणाली देखी गई। कांग्रेसी को चुनावों में शक्ति कमी ने एक तरफ समाजवादियों और साम्यवादियों को लाभ पहुँचाया तो दूसरी ओर जनसंघ को भी इससे लाभ मिला।

अवतरण के अनुसरण, जनता पार्टी का राजनीतिक प्रभाव मुख्यतया _____ में सीमित था।

Correct Answer: (d) दक्षिण बिहार
Solution:

कांग्रेस का परंपरागत विपक्ष तैयार करने के लिए राजा कामाख्या नारायण सिंह द्वारा जनता पार्टी को 1950 में स्थापित किया, तथा इसका प्रभाव मुख्यतः दक्षिण बिहार तक सीमित रहा।

97. प्रदत्त अवतरण के अनुसार, किसने 'एकल पार्टी प्रभुत्व प्रणाली' के रूप में 'कांग्रेस प्रणाली' की संकल्पना प्रस्तुत की थी?

Correct Answer: (c) रजनी कोठारी
Solution:

बिहार में रजनी कोठारी द्वारा प्रतिपादित किया गया कि एकदल प्रभुत्व प्रणाली अर्थात् कांग्रेस प्रणाली ही लागू रही। रजनी कोठारी - 16 अगस्त - 1928 - 19 जनवरी 2015) एक भारतीय राजनीति वैज्ञानिक है।

शिक्षाविद व लेखक थे जिन्होंने भारत की राजनीति, जाति व्यवस्था व प्रशासन आदि विषयों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा विभिन्न महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं।

• Politics in India,
• Caste in Indian Politics
• Rethinking Democracy
• Communalism in Indian Politics

रजनी कोठारी ने स्वतंत्रता के बाद की दलीय व्यवस्था को 'कांग्रेस व्यवस्था' कहा है।

98. अवतरण के अनुसार 1935 में बिहार प्रदेश किसान सभा का मुखिया कौन था?

Correct Answer: (b) स्वामी सहजानंद सरस्वती
Solution:

बिहार प्रांतीय किसान सभा (BPKS) की स्थापना- स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 1929 में की गयी थी। पार्टी स्थापना की कल्पना 1929 के अंत में सारन जिले के सोनपुर मेले में हुयी थी।

जदुनंदन शर्मा, कार्यानंद शर्मा आदि नेताओं ने स्थापना में विशेष भूमिका निभाई। पार्टी का उद्देश्य जमींदारी व्यवस्था को खत्म करना व कृषि और दूसरे ग्रामीण कर्जों को माफ करने की थी।

99. अवतरण के अनुसार, बिहार विधायिका में कौनसी पार्टी 1952 चुनाव में मुख्य विपक्षी दल थी?

Correct Answer: (c) झारखंड पार्टी
Solution:

बिहार विधायिका में झारखण्ड पार्टी 1952, 1957, 1962 के बिहार विधानसभा चुनावों में भाग लिया 15 वर्षों से अधिक वर्षों के लिए झारखण्ड पार्टी बिहार में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ एकमात्र प्रमुख विपक्षी राजनीतिक दल थी।

झारखण्ड पार्टी (झापा) भारत में एक राजनीतिक दल है जिसका गठन 1949 में 'जयपाल सिंह मुण्डा' ने किया। इस पार्टी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य झारखण्ड राज्य की माँग थी।

100. अवतरण के अनुसार, जनता पार्टी का गठन किस वर्ष हुआ था?

Correct Answer: (b) 1960
Solution:

बिहार में जनता पार्टी का उदय 1950 में हुआ तथा वर्ष 1952 के चुनाव में झारखण्ड पार्टी व जनता पार्टी प्रमुख विपक्षी दलों के रूप में उभर कर सामने आये। वर्ष 1946 से 1990 तक कांग्रेस का ही प्रभाव रहा।

तथा पहली बार (1967-1968) तक जनक्रांति दल का शासन रहा। पुनः जून 1969 से जुलाई 1969 तक कांग्रेस के ही एक धड़े कांग्रेस (ओ) सोसलिस्ट पार्टी का शासन रहा। 24 जून 1977 से 17 फरवरी 1980 तक कर्पूरी ठाकुर व रामसुंदर दास के मुख्यमंत्रित्व काल में जनता पार्टी का शासन रहा।