लोकनीति का एक अकादमिक विषय है जो सरकारी कार्रवाही और सार्वजनिक मामलों से संबंधित प्रक्रियायों, निर्णयों व निष्कर्षों का अध्ययन करता यह सामाजिक मुद्दों से जुड़ी नीतियों के विश्लेषण, विकास व मूल्यांकन हेतु, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, अर्थशास्त्र, सामाजिक शास्त्र... जैसे विभिन्न क्षेत्रों से सहायता लेता है। लोकनीति अंतर्निहित रूय से अंतर्विषयी है और जटिल सामाजिक समस्याओं को समझने व प्रभावी समाधान सूत्रबद्ध करने के लिए विभिन्न क्षेत्र अंतर्दृष्टि व प्रणाली विज्ञान प्राप्त करती है। इस क्षेत्र विद्धान नीति मामलों के विश्लेषण हेतु गुणात्मक व परिमाणात्मक शोध विधियों का ...... कर सकते हैं।
यह विश्लेषण नीतियों के अभिप्रेत निष्कर्ष और अनभिप्रेत परिणामों को देखते हुए नीतियों की प्रभाविता, कार्यकुशलता व सामान्य आकलन करता है। लोकनीति अध्ययनों को यह अनिवार्य रूप से समझना होगा कि नीतियों का प्रतिपादन, कार्यान्वयन व मूल्यांकन कैसे होता है। इसमें नीति .........निर्णयों को आकार देने में सरकारी एजेंसियों, हितबद्ध समूहों और जनता और विभिन्न अभिनेताओं की भूमिकाओं का अध्ययन करना शामिल इसमें नीति लक्ष्यों की पहचान, समुचित नीति उपकरणों का चयन और उस राजनीतिक व आर्थिक संदर्भ पर विचार करना अंतर्निहित है जिस नीतियों प्रचालित होता है। लोकनीति विषय चर्चाओं में बहुधा वितरणात्मक न्याय, व्यक्तिगत अधिकार व सांविधिक नियंत्रण के प्रश्नों जैसे व विधिक विषय भी विचारणीय होते हैं।
लोकनीति को सामाजिक मूल्यों में परिवर्तन, प्रौद्योगिकीय उन्नति, आर्थिक स्थितियां, राजनीतिक गतिशीलता और बाह्य घटनाओं जैसे विविध .......प्रभावित करते है। लोकनीतिक में बहुधा विभिन्न हितों व परिप्रेक्ष्य वाले बहु-हितधारक अंतर्निहित होते है जिनके चलते जटिल वार्ताएं व समझौते हैं। समय के साथ बदलती परिस्थितियों व प्राथमिकताओं की अनुक्रिया में लोकनीति में क्रमिक विकास होता है। नई समस्याएं उभर कर ......आती है और पुरानी समस्याओं का समाधान होता है अथवा नई समस्याएं उन्हें प्रतिस्थापित कर देती है।
लोकनीति विद्वान निम्न में से किसके विश्लेषण हेतु गुणात्मक व परिमाणात्मक शोध विधियों का नियोजन करते हैं?