NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ परीक्षा (पुनर्परीक्षा) जून, 2024 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

81. नीति प्रक्रिया में नीति आयोग की भूमिका है:

Correct Answer: (b) नीति संबंधी सलाह प्रदान करना
Solution:

नीति आयोग की नीति प्रक्रिया में भूमिका है- नीति संबंधी सलाह प्रदान करना।
नीति आयोग सरकार को रणनीतिक सलाह प्रदान करके सहाकर संघवाद को बढ़ावा देकर और आर्थिक विकास को उत्प्रेरित करके भारत की प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

82. नवीन लोक सेवा सिद्धांत में लोक सेवक निम्न से किस के प्रति उत्तरदायी होते है?

Correct Answer: (a) नागरिक
Solution:नवीन लोक सेवा सिद्धान्त में लोक सेवक मुख्य रूप में नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होते हैं। उनकी मुख्य भूमिका जनता की आवश्यकताओं और हितों की सेवा करना तथा उन्हें नीति निर्माण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करना है।

83. कार्यक्रमों द्वारा बजट के आयोजन और परिणामों के मापन की विधि को किस नाम से जाना जाता है?

Correct Answer: (c) निष्पादन बजट
Solution:

कार्यक्रमों द्वारा बजट के आयोजन और परिणामों के मापन की विधि को निष्पादन बजट के नाम से जाना जाता है। निष्पादन बजटिंग का मतलब है, बजट में शामिल कार्यक्रमों और योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह से करना ताकि अपेक्षित और वास्तविक निष्पादन के बीच कम से कम अंतर हो।

84. व्यूहरनात्मक निर्णयों की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:

A. संगठन के शीर्ष पर लिया जाता है।
B. इसमें उच्च जोखिम है।
C. निर्णयन में एकमात्र मापदंड औचित्यता है।
D. इसमें नया कार्यक्रम सम्मिलित है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B, D
Solution:व्यूहरचनात्मक निर्णयों की निम्नलिखित विशेतायें है:-
  • संगठन के शीर्ष पर लिया जाता है
  • इसमें उच्च जोखिम है।
  • इसमें नया कार्यक्रम सम्मिलित है।

85. संगठन विकास की उत्पत्ति का श्रेय निम्न में से किसे जाता है?

Correct Answer: (b) कर्ट लेविन
Solution:

संगठनात्मक विकास की उत्पत्ति का श्रेय कर्ट लेविन को दिया जाता है। संगठन विकास शब्दावली का प्रयोग अक्सर संगठनात्मक प्रभावकारिता के साथ विनिमेयता के अनुसार किया जाता है, विशेषतः जब इसका प्रयोग एक संगठन के भीतर किसी एक विभाग के नाम के रुप में किया जा रहा हो । संगठन विकास एक प्रगतिशील क्षेत्र है, जो सकारात्मक वयस्क विकास सहित अनेक नई विचारधाराओं के प्रति प्रतिक्रियाशील है।

86. प्रकरण अध्ययन शोध में निम्न में से क्या उपयोगी है?

A. व्यक्ति अथवा समूह का अध्ययन
B. शिक्षा के क्षेत्र में
C. तुलनात्मक अध्ययन के क्षेत्र में
D. सिद्धांत रचना में
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B, और C
Solution:प्रकरण अध्ययन शोध में निम्न तथ्य उपयोगी है:-
  • व्यक्ति अथवा समूह का अध्ययन
  • शिक्षा के क्षेत्र में
  • तुलनात्मक अध्ययन के क्षेत्र में।

87. निम्न में किसने नौकरशाही को प्रतिनिधिक, दलीय राज्य, सैन्य प्रभुत्व अधीन, शासक प्रभुत्व, अधीन व शासक नौकरशाही के रूप में वर्गीकृत किया है?

Correct Answer: (c) एफ.डब्ल्यू रिग्स
Solution:

एफ.डब्ल्यू रिग्स ने नौकरशाही की प्रतिनिधिक, दलीय राज्य, सैन्य प्रभुत्व अधीन शासक प्रभुत्व अधीन व शासक नौकरशाही के रूप में वर्गीकृत किया है।

88. "पैरिश काउंसिल" एक स्थानीय निकाय प्राधिकरण कहा जाता है।

Correct Answer: (c) इंग्लैण्ड
Solution:

पैरिश काउंसिल एक न्यायिक स्थानीय प्राधिकरण है। जो इंग्लैण्ड में स्थानीय सरकार का सबसे निचला स्तर है। पैरिश परिषदें निर्वाचित कार्पोरेट निकाय है। जो सिविल पैरिश नाम भौगोलिक क्षेत्र में सार्वजनिक गतिविधियाँ संचालित करते है। वे स्थानीय सरकार का प्रथम स्तर हैं और समुदायों को लोक तांत्रिक आवाज प्रदान करते है। पैरिश जमैका में शासन का सबसे निचला स्थानीय प्राधिकारी है।

89. प्रशासन से प्रतिमानों (पैटर्न्स) और नियमितताओं को समझने और सिद्धांत निर्माण अभिवृद्धि हेतु निम्नलिखित में से कौन सा सहायक है?

Correct Answer: (c) अंतः सांस्कृतिक अध्ययन
Solution:

प्रशासन के प्रतिमानों (पैटर्नस) और नियमितताओं को समझने और सिद्धान्त निर्माण अभिवृद्धि हेतु सहायक है अतः सांस्कृतिक अध्ययन ।
अंतःसांस्कृतिक अध्ययन ये अध्ययन विभिन्न संस्कृतियों के संगठनों के तुलना करते हैं तथा प्रशासनिक प्रथाओं में विभिन्नताओं पर प्रकाश डालते है यद्यपि वे सिद्धान्त निर्माण में योगदान दे सकते है, लेकिन उनका प्राथमिक ध्यान किसी एक संगठन के भीतर पैटर्न और नियमिततओं के बजाए सांस्कृतिक अंतरों पर होता है।

90. आनुभविक शोध में निम्न में से क्या अधिक उपयुक्त है?

Correct Answer: (c) वैज्ञानिक विधि
Solution:

वह शोध जिसमें प्रत्यक्ष अवलोकन अनुभव या प्रयोग के माध्यम से तथ्यों और आँकड़ों को संग्रह किया जाता है इस प्रकार के शोध सिद्धान्तों या धारणाओं पर नहीं बल्कि वास्तविक दुनिया से संबंधित डाटा का विश्लेषण किया जाता है। इसमें वैज्ञानिक विधि का प्रयोग किया जाता है। वैज्ञानिक विधि से व्यवस्थित ढंग में परिकल्पना तैयार करना, परीक्षण करना और फिर परिणामों के आधार पर निष्कर्ष निकालना शामिल होता है।