एपेस्टिन ने मैसूर राज्य के दो भिन्न-भिन्न स्थानों पर स्थित गांवों के आर्थिक और सामाजिक सरंचना पर सरकार प्रायोजित आधुनिक सिंचाई परियोजना के प्रभाव का विश्लेषण किया। उनकी विशेष अभिरुचि इन दोनों गांवों की संस्थागत संरचनाओं पर प्रौद्योगिकीय नवाचार और आर्थिक परिवर्तन के प्रभावों की पहचान करने में थी।
उन्होंने पाया कि यद्यपि आधुनिक वाणिज्यकृत कृषि के विकास से समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में बदलाव हुआ है, लेकिन सिंचाई के केंद्रीय क्षेत्र और सीमांत क्षेत्र में स्थिति के अनुसार गांवों के विकास के प्रतिरूप में भिन्नता पाई गई।
वांगला गांव में, जिसमें सिंचाई का पूर्ण लाभ प्राप्त हुआ और इसलिए उसकी वर्तमान कृषि जनित अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ, विकास इस अर्थ में एकरेखीय था कि आर्थिक संगठनों के पूर्व तरीकों अनुकूल नए अवसर प्राप्त हुए थे और इसके परिणाम स्वरूप सामाजिक संरचना में सापेक्षतः कम परितर्वन हुए।
दूसरी ओर, गांव जो सिंचाई क्षेत्र के सीमांत पर स्थित था, इसलिए वह प्रत्यक्ष रूप से नकदी फसल अर्थव्यवस्था में शामिल नहीं हो सका, इस उसमें आर्थिक विविधता के प्रतिरूप दिखाई दिए क्योंकि उसके निवासियों ने नजदीक के कस्बे शहर में बढ़ते रोजगार के अवसरों लाभ उठाया और सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार बने और विभिन्न लघु वाणिज्यिक गतिविधियों में संलग्न हो गए।
उनमें से ने नजदीक के गांवों में सिंचित भूमि खरीदी या पड़ोस के गांवों में कृषि मजदूर के रूप में कार्य किए। व्यापक आर्थिक संबंधों में अधिक सहभागिता और बहुआयामीय नगरीय प्रभावों के कारण दलेना गांव की सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण उल्लेखनीय रूप हुआ जबकि स्मेलसर विकास के रेखीय दृष्टिकोण की ओर इंगित करते हैं, और बहु प्रकार्यात्मक भूमिकाओं से विशेषीकृत संरचनाओं में परिवर्तन को रेखांकित करते हैं।
जबकि एपेस्टिन यह बताती हैं कि आर्थिक विकास, पारंपरिक भूमिकाओं एवं सम्बन्धों में बिना बदलाव लाये भी कैसे सम्भव होता है।
वांगला गांव पर आधुनिक सिंचाई परियोजना का क्या प्रभाव पड़ा था?
Correct Answer: (c) कृषि का वाणिज्यीकरण हुआ
Solution:वांगला गाँव पर आधुनिक सिंचाई परियोजना का प्रभाव यह हुआ कि कृषि का वाणिज्यीकरण हुआ।