NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून 2024 (समाजशास्त्र)

Total Questions: 100

11. निम्न में से कौन 'परिक्षेपण के मापन" का सही सेट है?

Correct Answer: (c) रेंज, माध्य विचलन, मानक विचलन
Solution:परिक्षेपण के मापन का सही सेट है- रेंज, माध्य विचलन और मानक विचलन । परिक्षेपण माप बंटन के केन्द्र के प्रति मापों के गुच्छन के बारे में बताता है या विलोमतः वह बताता है कि माप कितना परिवर्तनशील है। प्रक्षेपण यह दर्शाता है कि वितरण का मान उसके औसत मान से कितना भिन्न है।

12. "लिंग व्यवस्था" (जेंडर आर्डर) पद निम्न में से किसके लेखन के साथ संबंधित है?

Correct Answer: (b) आर. डब्ल्यू. कॉनेल
Solution:"लिंग व्यवस्था" (जेंडर आर्डर) पद आर.डब्ल्यू कॉनेल के लेखन से सम्बन्धित है। आर.डब्ल्यू कॉनेल ऑस्ट्रेलिया में सिडनी विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के प्रोफेसर हैं। उनकी पुस्तकें हैं- जेण्डर एण्ड पॉवर जेण्डर (इन वर्ल्ड पर्सपेक्टिव) 'रूलिंग क्लास', 'रूलिंग कल्चर', 'मेकिंग द डिफरेंस' आदि।

13. विकास का "विश्व प्रणाली सिद्धांत" किसने दिया है?

Correct Answer: (b) आई. वालेरस्टेन
Solution:विकास का "विश्व प्रणाली सिद्धान्त" आई. वालेरस्टेन ने दिया है। उन्होंने इस सिद्धान्त द्वारा यह सुझाव दिया है कि विश्व एक आर्थिक प्रणाली है जिसमें कुछ देशों को लाभ होता है जबकि अन्य का शोषण होता है। उनका यह सिद्धान्त राज्यों के उत्थान एवं पतन, आय असमानता, सामाजिक अशांति तथा सम्राज्यवाद की व्याख्या करता है।

14. निम्न में से उस प्राक्कल्पना को क्या कहा जाता है, जिसमें यह पहले ही मान लिया जाता है कि चयनित चरों के बीच कोई संबंध नहीं है?

Correct Answer: (d) शून्य प्राक्कल्पना
Solution:उस प्राक्कल्पना को शून्य प्राक्कल्पना कहा जाता है, जिसमें यह पहले ही मान लिया जाता है कि चयनित चरों के बीच कोई संबंध नही है। परिकल्पना वे प्रस्तावित समस्या समाधान हैं जिन्हें सामान्यीकरणों या कथनों के रूप में व्यक्त किया जाता है तथा जिनकी सत्यता सिद्ध करने के लिए उसका परीक्षण किया जा सकता है।

15. पर्यावरणीय नैतिकता निम्नलिखित किन मुद्दों से संबंधित है?

(a)  पर्यावरणीय रूप से पर्यावरणीय विनाश का कारण अमीर लोगों का उपभोग है।
(b)  पर्यावरणीय विनाश से सर्वाधिक रूप से गरीब पीड़ित हैं।
(c) यद्यपि जहां वनरोपण के रूप में प्रकृति का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, यह गरीब की आवश्कताओं से विलग रूप में रूपांतरित हो रहा है।
(d)  समाज और प्रकृति की समग्र समझ के बिना समुचित आर्थिक एवं सामाजिक विकास नहीं किया जा सकता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B, C और D
Solution:पर्यावरण नैतिकता, व्यापक रूप से पर्यावरणीय विनाश का कारण अमीर लोगों का उपभोग है। पर्यावरणीय विनाश से सर्वाधिक रूप से गरीब पीड़ित हैं।

यद्यपि जहाँ वनारोपण के रूप में प्रकृति का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, वह गरीब की आवश्यकताओं से विलग रूप से रूपांतरित हो रहा है। समाज और प्रकृति की समग्र समझ के बिना समुचित आर्थिक एवं सामाजिक विकास नहीं किया जा सकता है।

16. सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए।

सूची I संकल्पनासूची II समाजशास्त्री
A. समय-स्थान दूरस्थताI. रॉबर्ट के. मर्टन
B. संदर्भ समूहII. टाल्कॉट पारसंस
C. क्रमविकासकारी सार्वभौमिकताIII. एंथनी गिडेन्स
D. गहन संरचनाIV. सी. लेवी-स्ट्रॉस

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है:
सूची-I/संकल्पनासूची-II/समाजशास्त्री
समय-स्थान दूरस्थताएंथोनी गिडेन्स
संदर्भ समूहरॉबर्ट के. मर्टन
क्रमविकासकारी सार्वभौमिकताटाल्कॉट पारसंस
गहन संरचनासी. लेवीस्ट्रॉस

17. प्रकार्यवाद के सिद्धांत में योगदान करने वाले निम्न समाज वैज्ञानिकों का सही कालानुक्रम क्या है?

A.  इमाइल दुखम
B. हर्बर्ट स्पेंसर
C. ए. आर. रेडक्लिफ ब्राउन
D. टाल्कट पार्सन्स
E. राबर्ट के मर्टन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) B, A. C, D, E
Solution:प्रकार्यवाद के सिद्धान्त में योगदान करने वाले समाज वैज्ञानिकों का सही कालानुक्रमण है-

हर्बर्ट स्पेंसर (1820-1903),
इमाइल दुखम (1858-1917),
ए. आर. रेडक्लिफ ब्राउन (1881-1955),
टाल्कट पार्सन्स (1902- 1979),
रॉबर्ट के मर्टन (1910-2003) |

18. नगरीय सामाजिक जीवन की अव्यक्तिकता जैसी सुस्पष्ट विशिष्टताओं को निर्दिष्ट करने हेतु लुईस वर्थ द्वारा प्रयुक्त अवधारणा है :

Correct Answer: (d) नगरीयता
Solution:नगरीय सामाजिक जीवन की अव्यक्तिकता जैसी सुस्पष्ट विशिष्टताओं को निर्दिष्ट करने हेतु लुईस वर्थ द्वारा प्रयुक्त तत्व नगरीयता है।

नगरीयता का तात्पर्य एक ऐसी जीवन पद्धति से है जिसमें व्यक्तिवादिता, सम्बन्धों में औपचारिकता, अस्थायित्व, परिवर्तनशीलता तथा अज्ञात स्थिति जैसी विशेषताओं का समावेश होता है।

19. लिंग आधारित रोजगार के 'क्षैतिज पार्थक्य' के संबंध में निम्न में से क्या सही नहीं है?

Correct Answer: (d) एक ही प्रकार के कार्य के लिए पुरुषों व महिलाओं को समान भुगतान
Solution:एक ही प्रकार के कार्य के लिए पुरूषों व महिलाओं को समान भुगतान लिंग आधारित रोजगार के 'क्षैतिज पार्थक्य' के संबंध में सही नहीं है।

सत्य कथन यह हैं कि महिलाओं का ऐसे कार्यों में सकेंद्रण जहाँ बहुत कम प्राधिकार व आगे बढ़ने के अवसर हैं। कार्यों के विभिन्न श्रेणियों में पुरूषों व महिलाओं का संकेन्द्रण तथा एक ही प्रकार के कार्य के लिए पुरूषों व महिलाओं का असमान भुगतान ।

20. बहुविवाह प्रथा पाई जाती है :

(a) नागा में
(b) गोंड में
(c) बैगा में
(d) टोडा में

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B, C और D
Solution:बहुविवाह प्रथा नागा, गोंड, बैगा तथा टोडा में पाई जाती है। बहुविवाह (Polygamy) दो शब्दों बहु तथा विवाह से मिलकर बना है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा एक से अधिक विवाह किये जाते हैं। इस प्रकार बहुविवाह में किसी भी महिला या पुरूष के एक ही समय में एक से अधिक वैवाहिक साथी हो सकते हैं।