NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून 2024 (समाजशास्त्र)

Total Questions: 100

81. निम्न में से किसे व्यावहारिक समाज सुधारक माना जाता है?

Correct Answer: (e) b & d
Solution:महात्मा गाँधी एवं श्री गुरू नारायण को व्यावहारिक सुधारक माना जाता है।

82. निम्नलिखित अध्ययनों में से कौन-से अध्ययन अनुभवाश्रित स्तर पर "सामाजिक संस्तरीकरण" की संकल्पना का विश्लेषण करते हैं?

A. आन्द्रे बेटाईI.  कास्ट, क्लास एंड पॉवर ( जाति, वर्ग और सत्ता )
B.  एस.सी. दुबेII. इंडियन विलेज ( भारतीय ग्राम )
C.  एफ.जी. बैलीIII. कास्ट रैंकिंग एंड कम्यूनिटी स्ट्रक्चर
D.  मैककिम मैरियटIV.  कास्ट रैंकिंग एंड कम्यूनिटी स्ट्रक्चर इन फाइव रीजन ऑफ एंड पाकिस्तान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:आन्द्रे बेतेई- कास्ट, क्लास एण्ड पावर, एफ.जी. बैली - कास्ट रैकिंग एण्ड कम्युनिटी स्ट्रक्चर, मैककिम मैरियट कास्ट रैकिंग एण्ड कम्युनिटी स्ट्रक्चर इन फाइव रीजंस ऑफ इंडिया एण्ड पाकिस्तान, अध्ययन अनुभवाश्रित स्तर पर सामाजिक संस्तरीकरण" की संकल्पना का विश्लेषण करते है।

83. समाज के निम्नलिखित प्रकारों को उनके विकास के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. पशुपालक
B. कृषि
C. शिकार और संग्रह
D. औद्योगिक
E. उत्तर औद्योगिक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) C, A, B, D, E
Solution:समाज के प्रकारों का उनके विकास का आरोही क्रम इस प्रकार है:

शिकार और संग्रह → पशुपालक → कृषि → औद्योगिक → उत्तर औद्योगिक

84. गारो की सामाजिक संरचना को केवल निम्न के संदर्भ में ही समझा जा सकता है।

Correct Answer: (a) नोक
Solution:गारो की सामाजिक संरचना को केवल नोक के सन्दर्भ में ही समझा जा सकता है।

85. सूची । के साथ सूची II का मिलान कीजिए।

सूची I संकल्पनासूची II लेखक
A.  सुस्पष्ट उपभोगI.  जोसेफ शुम्पीटर
B.  लोकप्रिय संस्कृतिII.  ई.एच. सदरलैंड
C. पूंजीवाद, समाजवाद और लोकतंत्रIII.  थॉर्स्टीन वेब्लेन
D. श्वेतपोश अपराधIV.  इयान चेम्बर्स

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-III, B-IV, C-I, D-II
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है:
सूची-I/संकल्पनासूची-II/लेखक
सुस्पष्ट उपभोगथॉर्स्टीन वेब्लेन
लोकप्रिय संस्कृतिइयान चेम्बर्स
पूंजीवाद, समाजवाद और लोकतंत्रजोसेफ शुम्पीटर
सफेदपोश अपराधई.एच. सदरलैंड

86. समकालीन समाज में राष्ट्र राज्य के निर्बलीकरण के पूर्ववर्ती कारण क्या हैं?

A.  लोगों का पार राष्ट्रीय प्रवाह
B.  बहु-राष्ट्रीय कंपनियों (एम एन सी) का बढ़ता महत्व
C. राष्ट्रवाद पर अत्यधिक बल देना
D.  वैश्विक स्तर पर नई संप्रेषण प्रौद्योगिकियों का विकास और अभिग्रहण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A,B, D
Solution:समकालीन समाज में राष्ट्र राज्य के निर्बलीकरण के पूर्ववर्ती कारण हैं- लोगों का पार-राष्ट्रीय प्रवाह, बहु-राष्ट्रीय कंपनियों (एम.एन.सी.) का बढ़ता महत्व और वैश्विक स्तर पर नई संप्रेषण प्रौद्योगिकियों का विकास और अभिग्रहण ।

87. "आर्थिक क्रियाकलाप को लाभ अथवा हित अधिकतमीकरण की तार्किक, व्यक्तिगत गणनाओं तक सीमित न कर इसे सामाजिक विभेद, शक्ति संबंध, संगठन, संस्कृति और राजनीति की अंतर्ग्रस्तता वाले सामाजिक नेटवर्क के भीतर अंतस्थापित के रूप में देखा जाना चाहिए।" यह कथन निम्न में से किसका है?

Correct Answer: (c) मार्क ग्रेनोवेटर
Solution:"आर्थिक क्रियाकलाप को लाभ अथवा हित अधिकतमीकरण की तार्किक, व्यक्तिगत गणनाओं तक सीमित न कर इसे सामाजिक विभेद, शक्ति संबंध, संगठन, संस्कृति और राजनीति की अंतर्ग्रस्तता वाले सामाजिक नेटवर्क के भीतर अंतस्थापित के रूप में देखा जाना चाहिए।” यह कथन मार्क ग्रेनोवेटर का है।

88. प्रघटनाशास्त्र निम्न में से किसका मूलभूत विकल्प है?

Correct Answer: (c) प्रत्यक्षवाद
Solution:प्रघटनाशास्त्र प्रत्यक्षवाद का मूलभूत विकल्प है। प्रघटनाशास्त्र दर्शनशास्त्र की प्रस्तावना या उसके एक भाग के रूप में मानव चेतना और आत्म-जागरूकता के विकास का अध्ययन है।

परिघटना, अनुभव की प्रासंगिक स्थितियों के साथ-साथ प्रथम व्यक्ति दृष्टिकोण से अनुभव किए गए सचेत अनुभव की संरचनाओं का अध्ययन करता है।

89. दुर्खीम के श्रम विभाजन के विचारों के बारे में निम्नलिखित में कौन-से सही हैं?

A. श्रम विभाजन से व्यावसायिक प्रकार्य की विशेषज्ञता उत्पन्न होती है और इसलिए विशिष्ट प्रतिभाओं, क्षमताओं और मनोवृत्तियों के विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
B. व्यक्तिगत व्यक्तित्व का विकास उसके विशिष्ट गुणों के अनुसार किया जाना चाहिए, और इसलिए प्रत्येक को एक समान शिक्षा प्राप्त नहीं होनी चाहिए।
C. व्यक्तित्ववाद का विस्तार श्रम विभाजन से संबंधित होता है।
D. दुखम के श्रम विभाजन के सिद्धांतों की वृद्धि के उद्विकासात्मक मॉडल के साथ तुलना की जा सकती है।
E. श्रम विभाजन मात्र औद्योगिकवाद का प्रतिफल हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, B, C और D
Solution:दुखम के श्रम विभाजन के विचारों के बारे में सही कथन है-

श्रम विभाजन से व्यावसायिक प्रकार्य की विशेषज्ञता उत्पन्न होती है और इसलिए विशिष्ट प्रतिभाओं, क्षमताओं मनोवृत्तियों के विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
व्यक्तिगत व्यक्तित्व का विकास उसके विशिष्ट गुणों के अनुसार किया जाना चाहिए और इसलिए प्रत्येक को एक समान शिक्षा प्राप्त नही होनी चाहिए।
व्यक्तिवाद का विस्तार श्रम विभाजन से संबंधित होता है।
दुखम के श्रम विभाजन के सिद्धान्तों की वृद्धि के उद्विकासात्मक मॉडल के साथ तुलना की जा सकती है।

90. टाल्कट पार्सन्स के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सामाजिक व्यवस्था की मूल इकाई है?

Correct Answer: (b) प्रस्थिति भूमिका संकुल
Solution:टाल्कट पार्सन्स के अनुसार प्रस्थिति भूमिका संकुलन सामाजिक व्यवस्था की मूल इकाई है।