NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

31. भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किसी राज्य का राज्यपाल मुख्यमंत्री से किसी विषय को, जिस पर किसी मंत्री ने निर्णय कर दिया है किन्तु मंत्री-परिषद् ने विचार नहीं किया है, परिषद् के समक्ष विचार के लिये रखने के लिए कह सकता है?

Correct Answer: (d) अनुच्छेद 167(c)
Solution:

भारत के संविधान के अनुच्छेद 167 (c) के तहत यदि राज्यपाल आवश्यक समझता है, तो किसी भी मामले को मंत्रिपरिषद् के विचारार्थ जिस पर एक मंत्री द्वारा निर्णय लिया गया है लेकिन परिषद् के द्वारा विचार नहीं किया गया है, मंत्रि-परिषद् के समक्ष रख सकता है। जबकि अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्यों की विधायिका द्वारा विधेयक राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

32. राज्य मंत्रि-परिषद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?

Correct Answer: (d) मंत्रिमंडल के किसी निर्णय का असामयिक लीक होने से सरकार की वैधता का हास हो सकता है
Solution:

मंत्रिमंडल के किसी निर्णय का असामयिक लीक होने से सरकार की वैधता का ह्रास हो सकता है। यह कथन राज्य मंत्रि- परिषद् के संबंध में सही है। राज्य मंत्रिपरिषद् का प्रावधान भारत के संविधान के अनुच्छेद 163 में किया गया। इसके तहत राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद् होगी, जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा। जबकि मंत्रियों को गोपनीयता की शपथ राज्य के 'राज्यपाल' द्वारा दिलायी जाती है।

33. निम्न में से कौन द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार मुख्य सचिव के चयन हेतु कॉलिजियम का सदस्य नहीं है?

Correct Answer: (d) उच्च न्यायालय का कोई न्यायाधीश
Solution:

'द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग' द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार मुख्य सचिव के चयन हेतु 'उच्च न्यायालय का कोई न्यायाधीश' कॉलिजियम के सदस्य नहीं होते हैं। भारत सरकार के 'प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग' द्वारा अगस्त 2005 में कर्नाटक के भूतपूर्व मुख्यमंत्री 'वीरप्पा मोइली' की अध्यक्षता में दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया। इसका गठन लोक प्रशासन प्रणाली के पुनरीक्षण हेतु एक विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए एक जाँच आयोग के रूप में किया गया था।

34. निम्नलिखित में से किसे राज्य की आकस्मिक निधि से व्यय की मंजूरी देने का अधिकार है?

Correct Answer: (d) राज्यपाल
Solution:

'राज्यपाल' को राज्य की आकस्मिक निधि से व्यय की मंजूरी देने का अधिकार है। संविधान के 'छठे भाग' के अनुच्छेद-155 में कहा गया है कि प्रत्येक राज्य का एक राज्यपाल होगा, लेकिन सातवें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 की धारा के अनुसार एक ही व्यक्ति दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। राज्यपाल किसी अप्रत्याशित व्यय की पूर्ति के लिए राज्य की आकस्मिक निधि से अग्रिम राशि ले सकता है।

35. जिला समाहर्ता (कलेक्टर) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

(A) द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग ने विकास कार्य से कलेक्टर को दूर रखने का सुझाव दिया है।
(B) विभिन्न राज्यों में वर्ष 1993 तथा 1994 के पंचायती राज अधिनियमों के आने के पश्चात् विकास प्रशासन में कलेक्टर की भूमिका कम हुई है।
(C) कलेक्टर की वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट जिला के संसद सदस्य द्वारा लिखी जाती है।
(D) कलेक्टर जिला में चुनाव संचालन के कार्य का निरीक्षण करता है।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए:

Correct Answer: (b) (A), (B) और (D)
Solution:

जिला समाहर्ता (क्लेक्टर) के पद का विकास भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के समय हुआ था। इस पद का सृजन वर्ष 1772 में तत्कालीन गवर्नर जनरल 'वारेन हेस्टिंग्ज' ने किया था। वर्ष 1787 में जिलाधीश को राजस्व संग्रहण के अतिरिक्त नागरिक न्याय और मजिस्ट्रेट के कार्य को जिम्मेदारी भी सौंपी गई। उस समय जिलाधीश अतिशक्तिशाली पदाधिकारी था और उसे 'लिटिल नेपोलियन' कहा जाता था। क्लेक्टर जिला में चुनाव संचालन के कार्य का निरीक्षण करता है। इसका 'द्वितीय प्रशासनिक आयोग' ने विकास कार्यों से दूर करने का सुझाव दिया था।

36. भारत में शहरी स्थानीय शासन के विकास में निम्नलिखित में से किसे स्थानीय शासन का मैग्ना कार्टा कहा जाता है?

Correct Answer: (c) वर्ष 1882 का रिपन प्रस्ताव
Solution:

वर्ष 1882 का 'रिपन प्रस्ताव' को भारत में शहरी स्थानीय शासन का मैग्नाकार्टा कहा जाता है। 1882 ई. के प्रस्ताव से ही भारत में स्थानीय स्वराज्य का आरम्भ हुआ था। 'लॉर्ड रिपन' देश में म्युनिसिपल संस्थाओं को विकसित करना चाहते थे क्योंकि जनता की राजनीतिक शिक्षा का प्रारम्भ वस्तुतः यहीं से होता है। स्थानीय स्वराज्य का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार नहीं था, वरन लोगों को राजनीतिक क्षेत्र में स्वशासन की शिक्षा देना था। स्थानीय स्वशासन के क्षेत्र में सुधार के कारण 'लॉर्ड रिपन' को 'स्थानीय स्वशासन का जनक' कहा जाता है।

37. सुमेलित कीजिए:

सूची-I (संवैधानिक प्रावधान)सूची-II (अनुच्छेद)
(A) नगरपालिकाओं का गठन(i) अनुच्छेद 243 J
(B) नगरपालिकाओं में स्थानों का आरक्षण(ii) अनुच्छेद 243 U
(C) नगरपालिकाओं में स्थानों का आरक्षण*(iii) अनुच्छेद 243 Q
(D) नगरपालिकाओं की अवधि(iv) अनुच्छेद 243 T

नीचे दिए गए विकल्प में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(ii)
Solution:सही सुमेलित -
सूची-I (संवैधानिक प्रावधान)सूची-II (अनुच्छेद)
(A) नगरपालिकाओं का गठन(iii) अनुच्छेद 243 Q
(B) नगरपालिकाओं में स्थानों का आरक्षण(iv) अनुच्छेद 243 T
(C) पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा(i) अनुच्छेद 243 J
(D) नगरपालिकाओं की अवधि(ii) अनुच्छेद 243 U

38. राज्य वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

Correct Answer: (b) राज्य वित्त आयोग केंद्र सरकार से प्राप्त निधियों राज्य के स्थानीय निकायों में संवितरित करता है।
Solution:

राज्य वित्त आयोग केंद्र सरकार से प्राप्त निधियों को राज्य के स्थानीय निकायों में संवितरित करता है। यह कथन राज्य वित्त आयोग के संबंध में 'सही नहीं' है। यह केंद्र सरकार से नहीं बल्कि राज्य सरकार से निधि प्राप्त करता है। राज्य का राज्यपाल पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए प्रति पाँच वर्ष पर राज्य वित्त आयोग का गठन करेगा। इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 243 (1) में किया गया है। यह देश में राज्य वित्तीय संघवाद की अभिवृद्धि में सहायक है।

39. राज्य चुनाव आयोग (एस.ई.सी.) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

Correct Answer: (c) एस.ई.सी. के प्रकार्यों को पूरा करने हेतु राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों में भारत के चुनाव आयोग के (ई.सी.आई.) के अंतर्गत कार्यरत निर्वाचन मशीनरी का उपयोग कर सकती है
Solution:

विकल्प (c) राज्य चुनाव आयोग के संदर्भ में गलत है। पंचायतों के सभी चुनावों के आयोजन और मतदाता सूचियों की तैयारी कार्य की निगरानी, उसके निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति राज्य चुनाव आयोग में निहित होगी। राज्य चुनाव आयोग में राज्य चुनाव आयुक्त होगा जिसकी नियुक्ति राज्यपाल करेगा। इसकी सेवा शर्तों और कार्यकाल का निर्धारण भी राज्यपाल द्वारा किया जाएगा। इस आयोग का गठन संविधान के 74 वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा किया गया है। इसका प्रावधान अनुच्छेद 243k के अंतर्गत किया गया है। इसमें स्थानीय स्वशासन हेतु पृथक प्रावधान किया गया है।

40. निम्नलिखित में से कौन-सा पेसा अधिनियम, 1996 से संबंधित है?

Correct Answer: (c) अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज्य का विस्तार
Solution:

'अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज्य का विस्तार' पेसा अधिनियम, 1976 से संबंधित है। ऐसा का पूरा नाम 'पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) विधेयक' है। 'भूरिया समिति' की सिफारिशों के आधार पर यह सहमति बनी कि अनुसूचित क्षेत्रों के लिए एक केंद्रीय कानून बनाना ठीक रहेगा जिसके दायरे में राज्य विधान मण्डल अपने-अपने कानून बना सकें। इसी दृष्टिकोण से दिसंबर, 1996 में संसद में विधेयक प्रस्तुत एवं दोनों सदनों में पारित हुआ तथा 24 दिसंबर को इस पर राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त कर लागू कर दिया गया।