NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2019 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

21. निम्नलिखित में से किसने पहली बार लोकपाल संस्था की स्थापना की अनुशंसा की थी?

Correct Answer: (b) प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग
Solution:
सिफारिश:
भारत में लोकपाल (Lokpal) और लोकायुक्त (Lokayukta) जैसी संस्थाओं की स्थापना की सिफारिश सबसे पहले प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) द्वारा की गई थी।

स्थापना: इस आयोग की स्थापना 5 जनवरी 1966 को की गई थी।

अध्यक्षता: शुरुआत में इसकी अध्यक्षता मोरारजी देसाई ने की थी, लेकिन बाद में के. हनुमंतैया इसके अध्यक्ष बने क्योंकि मोरारजी देसाई भारत के उप-प्रधानमंत्री बन गए थे।

उद्देश्य: इस आयोग का मुख्य कार्य सरकारी प्रशासन की समीक्षा करना और उसे अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव देना था। इसने अपनी सिफारिशों में कुल 20 महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की थीं।

22. मुख्य सतर्कता आयुक्त या सतर्कता आयुक्त की नियक्ति करते समय निम्नलिखित में से किस प्रकार के अनुभव पर विचार नहीं किया जाता है?

Correct Answer: (c) न्यायिक मामले
Solution:

मुख्य सतर्कता आयुक्त या सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति के समय 'न्यायिक मामलों' पर विचार नहीं किया जाता है, जबकि सतर्कता से संबंधित मामले, नीति निर्माण, प्रशासन, बीमा तथा बैंकिंग सहित वित्त मामलों पर विचार किया जाता है। 'केन्द्रीय सतर्कता आयोग' में एक अध्यक्ष व दो सर्तकता आयुक्त होते हैं। जिनकी नियुक्ति 'राष्ट्रपति' द्वारा एक तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर होती है। इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता व केन्द्रीय गृहमंत्री होते हैं। इनका कार्यकाल 4 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु तक होता है।

23. ब्रिटिश काल के दौरान निम्नलिखित में से कौनसी विचारधारा/व्यवस्था जिला प्रशासन की कार्यपालिका की सत्ता (जिलाधीश) की न्यायिक शक्तियों को पृथक करने के पक्ष में थी?

Correct Answer: (a) कार्नवालिस प्रणाली
Solution:

शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers): लॉर्ड कार्नवालिस ने 1793 के 'कार्नवालिस कोड' (Cornwallis Code) के माध्यम से राजस्व प्रशासन (Revenue Administration) को न्यायिक प्रशासन (Judicial Administration) से अलग कर दिया था।

परिवर्तन: इससे पहले, जिला कलेक्टर के पास राजस्व वसूलने और न्याय करने (मजिस्ट्रेट के रूप में) दोनों शक्तियाँ होती थीं। कार्नवालिस ने महसूस किया कि एक ही व्यक्ति के पास ये दोनों शक्तियाँ होने से भ्रष्टाचार और अन्याय की संभावना रहती है।

नया ढांचा: कार्नवालिस प्रणाली के तहत, कलेक्टर से न्यायिक और मजिस्ट्रेट की शक्तियां छीन ली गईं और उन्हें केवल राजस्व संग्रह तक सीमित कर दिया गया। दीवानी अदालतों के लिए अलग से जिला न्यायाधीश (District Judge) नियुक्त किए गए।

इसके विपरीत, मुनरो (Munro) और एलफिंस्टन (Elphinstone) जैसी प्रणालियों ने बाद में "शक्तियों के केंद्रीकरण" का समर्थन किया था, जहाँ कलेक्टर को फिर से मजिस्ट्रेट की शक्तियाँ दी गई थीं ताकि प्रशासन अधिक प्रभावी हो सके।

24. निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन अधिनियम ने राज्यपाल को किन्ही राज्य विधानसभाओं में आग भारतीय को मनोनीत करने का अधिकार दिया है?

Correct Answer: (c) 23वां संविधान संशोधन अधिनियम
Solution:

संविधान के 23वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1969 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभा दोनों में, नागालैंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण बंद कर दिया, यह निर्धारित किया गया कि राज्यपाल द्वारा किसी भी राज्य विधानसभा के लिए एक से अधिक एंग्लो-इंडियन को नामित नहीं किया जा सकता है, (जबकि संशोधन से पहले, राज्य विधानसभाओं के लिए नामित किए जा सकने वाले एंग्लो-इंडियन की संख्या को राज्य के राज्यपाल के विवेक पर छोड़ दिया गया था और लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 'अनुसूचित जातियों' और 'अनुसूचित जनजातियों' और 'एंग्लो-इंडियन' के लिए सीटों के आरक्षण की अवधि को 1980 तक बढ़ा दिया गया।

25. संविधान को अंगीकार करते समय निम्नलिखित में से कौन सा 'भाग-सी राज्य' था?

Correct Answer: (c) संयुक्त आगरा एवं अवध प्रांत
Solution:

'संयुक्त आगरा एवं अवध प्रांत' संविधान को अंगीकार करते समय 'भाग-सी राज्य' था। वर्ष 1950 का संविधान तीन मुख्य प्रकार के राज्यों और क्षेत्रों के एक वर्ग के बीच अंतर करता है। ये तीन प्रकार के राज्यों में मुख्यतः भाग-ए राज्य, भाग-बी राज्य और भाग-सी राज्य शामिल हैं। भाग-सी राज्य में दोनों (प्रांत और रियासत) पूर्व मुख्य आयुक्तों के प्रान्तों और कुछ रियासतों को शामिल किया गया है, और प्रत्येक को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक मुख्य आयुक्त द्वारा शासित किया गया था। इसमें 10 राज्य क्रमशः अजमेर, भोपाल, बिलासपुर, कूर्ग, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कच्छ, मणिपुर, त्रिपुरा और विंध्य प्रदेश शामिल हैं।

26. निम्नलिखित में से कौन सी संस्था पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाती है?

Correct Answer: (b) राज्य निर्वाचन आयोग
Solution:

'राज्य निर्वाचन आयोग पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाता है। पंचायतों के सभी चुनावों के आयोजन और मतदाता सूचियों की तैयारी कार्य की निगरानी, उसके निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति 'राज्य चुनाव आयोग में निहित होती है। राज्य चुनाव आयोग में राज्य चुनाव आयुक्त होगा जिसकी नियुक्ति 'राज्यपाल' करेगा। उसकी सेवा शर्तों और कार्यकाल का निर्धारण भी राज्यपाल द्वारा किया जाएगा। उसे उसके पद से ठीक उसी प्रकार नहीं हटाया जा सकता है, जिस प्रकार उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को।

27. निम्नलिखित में से किस एक प्रशासनिक स्तर को राज्य प्रशासन का तंत्रिका केन्द्र कहा जाता है?

Correct Answer: (a) राज्य सचिवालय
Solution:

'राज्य सचिवालय' को राज्य प्रशासन का तंत्रिका केन्द्र कहा जाता है। प्रत्येक राज्य का अपना सचिवालय होता है। जो राज्य प्रशासन तंत्र का केन्द्र होता है। इसमें राज्य सरकार के कई विभाग होते हैं। विभागों के राजनीतिक प्रमुख 'मंत्री' और प्रशासनिक प्रमुख 'सचिव' होते हैं। मुख्य सचिव पूरे राज्य सचिवालय का प्रधान होता है, जबकि सचिव एक या दो विभाग/विभागों का प्रमुख होता है। सचिव प्रायः वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारी होते हैं। जिन्हें सामान्यज्ञ भी कहा जाता है।

28. निम्नलिखित में से किय आयोग ने संस्तुति की है कि राज्य के राज्यपाल का चयन करते समय प्रधानमंत्री को भारत के उपराष्ट्रपनि तथा लोक सभा के अध्यक्ष से परामर्श करना चाहिए?

Correct Answer: (c) सरकारिया आयोग
Solution:

'सरकारिया आयोग' ने संस्तुति की है कि राज्य के राज्यपाल का चयन करते समय प्रधानमंत्री को भारत के उपराष्ट्रपति तथा लोकसभा के अध्यक्ष से 'परामर्श करना चाहिए। वर्ष 1983 में केन्द्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश 'आर.एस. सरकारिया' की अध्यक्षता में केन्द्र राज्य संबंधो पर एक आयोग का गठन किया जिसको सरकारिया आयोगा के नाम से जाना जाता है। इसने अपनी रिपोर्ट अक्टूबर 1987 में प्रस्तुत की इसमें केन्द्र राज्य संबंधों को सुधारने के लिए 247 सिफारिशें प्रस्तुत की है।

29. निम्नलिखित कौन सा कार्य राज्य के मुख्यमंत्री का नहीं है?

Correct Answer: (a) राज्य मंत्री परिषद में नियुक्ति के लिए अपने पार्टी के अध्यक्ष को नामों की संस्तुति करना
Solution:

'राज्य मंत्री परिषद में नियुक्ति के लिए अपने पार्टी के अध्यक्ष के नामों की संस्तुति करना' मुख्यमंत्री का कार्य नहीं है। राज्य में राज्यपाल नाममात्र का कार्यपालक और मुख्यमंत्री वास्तविक कार्यपालक होता है। मुख्यमंत्री विधानसभा का नेता होता है। वह मंत्रिपरिषद तथा राज्यपाल के मध्य संपर्क सूत्र का कार्य करता है। राज्यपाल द्वारा किए जाने वाले सभी नियुक्ति संबंधित कार्य मुख्यमंत्री की सलाह पर संचालित होता है। मुख्यमंत्री राज्य का नेता होता है।

30. संयुक्त राष्ट्र की आम सभा द्वारा वर्ष 2015 में निर्धारित कौन सा धारणीय (सतत् विकास लक्ष्य (एस डी जी) नहीं है?

Correct Answer: (b) शहरीकरण
Solution:

'शहरीकरण' संयुक्त राष्ट्र की आम सभा द्वारा वर्ष 2015 में निर्धारित सतत् विकास लक्ष्य में सम्मिलित नहीं है। संधारणीय सतत् विकास लक्ष्य भविष्य के अंतराष्ट्रीय विकास संबंधित लक्ष्यों के सेट है। इन लक्ष्यों का निर्धारण संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया है। यह वर्ष 2015 के अंत में 'सस्त्राब्दी विकास लक्ष्यों के निरस्त हो जाने पर ये उनको प्रतिस्थापित कर रहे हैं। इनकी कार्य अवधि 2015 से 2030 तक है इसमें 17 एस.डी.जी. लक्ष्य और 169 विशिष्ट लक्ष्य हैं। 17 सतत् विकास लक्ष्यों में मुख्यतः गरीबी मुक्त, लैंगिक समानता तथा जलवायु परिवर्तन आदि शामिल हैं।