Solution:शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers): लॉर्ड कार्नवालिस ने 1793 के 'कार्नवालिस कोड' (Cornwallis Code) के माध्यम से राजस्व प्रशासन (Revenue Administration) को न्यायिक प्रशासन (Judicial Administration) से अलग कर दिया था।
परिवर्तन: इससे पहले, जिला कलेक्टर के पास राजस्व वसूलने और न्याय करने (मजिस्ट्रेट के रूप में) दोनों शक्तियाँ होती थीं। कार्नवालिस ने महसूस किया कि एक ही व्यक्ति के पास ये दोनों शक्तियाँ होने से भ्रष्टाचार और अन्याय की संभावना रहती है।
नया ढांचा: कार्नवालिस प्रणाली के तहत, कलेक्टर से न्यायिक और मजिस्ट्रेट की शक्तियां छीन ली गईं और उन्हें केवल राजस्व संग्रह तक सीमित कर दिया गया। दीवानी अदालतों के लिए अलग से जिला न्यायाधीश (District Judge) नियुक्त किए गए।
इसके विपरीत, मुनरो (Munro) और एलफिंस्टन (Elphinstone) जैसी प्रणालियों ने बाद में "शक्तियों के केंद्रीकरण" का समर्थन किया था, जहाँ कलेक्टर को फिर से मजिस्ट्रेट की शक्तियाँ दी गई थीं ताकि प्रशासन अधिक प्रभावी हो सके।