Correct Answer: (a) लैंगिक पहचानें समाज में अनुभूत लैंगिक भिन्नताओं के सम्बन्ध में उभरती है और बदले में उन समाजों को आकार देने में सहायता करती है।
Solution:सामाजिक रचनावादी सिद्धान्तकार लैंगिक भिन्नताओं के जैव वैज्ञानिक आधार को अस्वीकृत करते हैं। इन सिद्धान्तकारों के अनुसार, लैंगिक पहचानें समाज में अनुभूत लैंगिक भिन्नताओं के सम्बन्ध में उभरती है और बदले में उन समाजों को आकार देने में सहायता करती है।