NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (पुनर्परीक्षा), जून 2024 समाजशास्त्र

Total Questions: 69

51. संस्कृति नियतत्ववाद का प्रवक्ता कौन नहीं है?

Correct Answer: (c) आर.एम. मैकाईबर
Solution:आर.एम. मैकाईबर, 'संस्कृति नियतत्ववाद का प्रवक्ता नहीं है। जबकि ई.बी. टाइलर, ए.एल. क्रोबर, लेस्ली व्हाईट, फ्रांज बोआस, एडवर्ड सैपिर इत्यादि संस्कृति नियतत्ववाद के प्रवक्ता हैं। संस्कृति निर्धारणवाद (नियतत्ववाद) एक सिद्धांतात्मक दृष्टिकोण है।

जो मानव व्यवहार और सामाजिक संरचनाओं पर संस्कृति के प्रभाव को महत्त्व देता है। यह सुझाव देता है कि सांस्कृतिक कारक व्यक्तियों के कार्यो, विश्वासों और मूल्यों को काफी हद तक आकार देते हैं।

52. धार्मिक जीवन के प्रारम्भिक स्वरूप में, इमाईल दुखम ने खण्डन किया है-

Correct Answer: (d) कान्टियन ज्ञानमीमांसा जो कि आदर्शात्मक और प्रागनुभवात्मक कल्पनाओं पर आधारित है।
Solution:1912 में प्रकाशित पुस्तक 'धार्मिक जीवन के प्रारम्भिक स्वरूप में इमाईल दुखीम ने 'कान्टियन ज्ञानमीमांसा जो कि आदर्शात्मक और प्रागनुभवात्मक कल्पनाओं पर आधारित है', का खण्डन किया है।

हालाकि दुखम ने मूल ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी धर्मों पर शोध किया, लेकिन उनका इरादा धर्म के सबसे बुनियादी रूप की खोज करना था। इस दौरान उन्होंने पवित्र बनाम अपवित्र और व्यक्तिगत बनाम सामूहिक आत्मा जैसे विचारों पर चर्चा की।

53. 'अ फिलॉसोफी ऑफ नेफा' पुस्तक के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (d) वेरियर एल्विन
Solution:'अ फिलॉसोफी ऑफ नेफा' नामक पुस्तक के लेखक वेरियर एल्विन हैं। इनकी अन्यन्य प्रमुख कृतियाँ इस प्रकार हैं -

Art of the north-east frontier of India.
The Nagas in the nineteenth century.
The Muria and their ghotul.

54. समाजीकरण की पार्सन्स की धारणा के संबंध में निम्न में से कौन-कौन सही है?

A. समाजीकरण की प्रक्रिया में व्यवस्था के मानकों व मूल्यों का आभ्यंतरीकरण होता है और वे कर्ताओं के अंतःकरण का भाग बन जाते हैं।
B. समाजीकरण एक संरक्षण की प्रक्रिया है जिसमें आवश्यकता चित्तवृत्ति बच्चों को सामाजिक व्यवस्था से बाँध कर रखती है।
C. पार्सन्स समाजीकरण को एक जीवन पर्यन्त अनुभव के रूप में देखता है।
D.  समाजीकरण की प्रक्रिया में रचनाशीलता के लिए अत्यल्प अथवा कोई भी गुंजाइश नहीं होती है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B, C & D
Solution:समाजीकरण के संबंध में पार्सन्स की धारणा निम्न है-

• समाजीकरण की प्रक्रिया में व्यवस्था के मानकों व मूल्यों का आभ्यंतरीकरण होता है और वे कर्ताओं के अंतःकरण का भाग बन जाते हैं।
•  समाजीकरण एक संरक्षण की प्रक्रिया है जिसमें आवश्यकता चित्तवृत्ति बच्चों को सामाजिक व्यवस्था से बाँध कर रखती है।
•  पार्सन्स समाजीकरण को एक जीवन पर्यन्त अनुभव के रूप में देखता है।
•  समाजीकरण की प्रक्रिया में रचनाशीलता के लिए अत्यल्प अथवा कोई भी गुंजाइश नहीं होती है।

55. आधुनिक युग में शास्त्रार्थ मीमांसा दर्शन के उद्भव की सर्वाधिक उपयुक्त विशेषताएँ इनमें दिखाई देती है-

Correct Answer: (c) शेलियरमाचर
Solution:शेलियरमाचर के अनुसार, आधुनिक युग में शास्त्रार्थ मीमांसा दर्शन के उद्भव की सर्वाधिक उपयुक्त विशेषताएँ इनमें दिखाई देती है।

56. सामाजिक रचनावादी सिद्धान्तकार लैंगिक भिन्नताओं के जैव वैज्ञानिक आधार को अस्वीकृत करते हैं। इन सिद्धान्तकारों के अनुसार-

Correct Answer: (a) लैंगिक पहचानें समाज में अनुभूत लैंगिक भिन्नताओं के सम्बन्ध में उभरती है और बदले में उन समाजों को आकार देने में सहायता करती है।
Solution:सामाजिक रचनावादी सिद्धान्तकार लैंगिक भिन्नताओं के जैव वैज्ञानिक आधार को अस्वीकृत करते हैं। इन सिद्धान्तकारों के अनुसार, लैंगिक पहचानें समाज में अनुभूत लैंगिक भिन्नताओं के सम्बन्ध में उभरती है और बदले में उन समाजों को आकार देने में सहायता करती है।

57. निम्नलिखित में से कौन-से आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलों के विषय में सही हैं?

A. आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलें आनुवांशिक विविधता को कम कर सकती है।
B. मोन्सैन्टो कम्पनी द्वारा आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलों में 'टर्मिनेटर जीन' के प्रयोग की योजना बनाई गई थी।
C. 'टर्मिनेटर जीन' ने यह सुनिश्चित किया कि बीज तीन पीढ़ियों के बाद अनुर्वर हो जाएँगे।
D.आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलें सामान्यतः प्रयुक्त कृषक तृणभक्षियों और कीटनाशकों की प्रतिरोधी होती हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) Aकेवल A, B और D
Solution:आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलों के विषय में सही कथन इस प्रकार है-
  • आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलें आनुवांशिक विविधता को कम कर सकती है।
  • मोन्सैन्टो कम्पनी द्वारा आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलों में 'टर्मिनेटर जीन' के प्रयोग की योजना बनाई गई थी।
  • आनुवांशिक रूप से संशोधित फसलें सामान्यतः प्रयुक्त कृषक तृणभक्षियों और कीटनाशकों की प्रतिरोधी होती हैं।
  • यह एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग फसल की कीस्मों को अधिक तेजी से और सस्ते में विकसित करने के लिए किया जा सकता है।

58. ट्राइब टू एम्पायर' पुस्तक के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (b) ए. मोरेट और जी. डेवी
Solution:'फ्रॉम ट्राइब टू एम्पायर' नामक पुस्तक के लेखक ए. मोरेट और जी. डेवी हैं। ए. मोरेट और जी. डेवी दोनों ने प्राचीन सभ्यताओं, सामाजिक संरचनाओं और कानूनी व राजनीतिक प्रणालियों के विकास के अध्ययन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

59. निम्नलिखित सामाजिक क्रान्तियों को उनके घटित होने के कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए

A. सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति
B. फ्रांसीसी क्रांति
C. बोल्शेविक क्रांति
D. पैलेस क्रांति

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (e) *
Solution:सामाजिक क्रान्तियों को उनके घटित होने का सही कालानुक्रम इस प्रकार है-
  • पैलेस क्रांति - 18वीं सदी के दौरान फ्रांसीसी क्रांति - 1789
  • बोल्शेविक क्रांति - 1923
  • सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति - 1970's

अतः इसका सही उत्तर DBCA होना चाहिए जो विकल्प में नहीं है।

नोट- NTA ने इस प्रश्न को मूल्यांकन से बाहर (Delete) कर दिया है।

60. आधुनिकता पर लिखी गयी निम्नलिखित समाजशास्त्रीय रचनाओं को उनके प्रकाशन के कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित कीजिए -

A. द कॉन्सीक्वेन्स ऑफ मॉडर्निटी (एन्थनी गिडेन्स)
B. लिक्विड मॉडर्निटी (जिगमन्ट बॉमेन)
C. रिस्क सोसाईटी: टूवस अ न्यू मॉडर्निटी (उलरिख बेक)
D. फेसिंग अप टू मॉडर्निटी (पीटर एल. बर्गर)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) D, C, А, В
Solution:आधुनिकता पर लिखी गयी समाजशास्त्रीय रचनाओं का उनके प्रकाशन का सही कालानुक्रमिक रूप इस प्रकार है-
  • फेसिंग अप टू मॉडर्निटी (पीटर एल. बर्गर) - (1977)
  • रिस्क सोसाईटी टूस अ न्यू मॉडर्निटी (उल्चि बेक) - (1986)
  • द कॉन्सीक्वेन्स ऑफ मॉडर्निटी (एन्थनी गिडेन्स) - (1990)
  • लिक्विड मॉडर्निटी (जिगमन्ट बॉमेन) - (2000)