NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 वाणिज्य (Shift – I)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को सावधानीपूर्वक पढ़िए और गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

"भारत की अर्थव्यवस्था मिश्रित, मध्य-आय, विकासशील सामाजिक बाजार अर्थव्यवस्था है। नामिनल सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार यह विश्व की पांचवी सबसे बड़ी और क्रयशक्ति समतुल्यता (पी.पी.पी) के अनुसार तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइ.एम.एफ) के अनुसार (नामिनल) सकल घरेलू उत्पाद (स.घ.उ.) के आधार पर प्रतिव्यक्ति आय में भारत का स्थान 142 वां और (पी.पी.पी.) (स.घ.उ.) के आधार पर 125वां है।

1942 में मिली स्वतंत्रता से 1991 तक, क्रमशः सारी सरकारों ने संरक्षणवादी आर्थिक नीतियों को बढ़ावा दिया जिसमें राज्य का हस्तक्षेप ओर आर्थिक नियमन अत्यधिक था लाइसेंस राज के रूप में नियंत्रण ही इसकी विशेषता थी। शीत युद्ध की समाप्ति और 1991 के प्रचंड भुगतान संतुलन संकट ने भारत में व्यापक आर्थिक उदारीकरण को स्वीकार्य बना दिया।

21वीं शताब्दी के प्रारम्भ से ही सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 6% से 7% रही है। सन् 2013 से 2018 तक, भारत चीन को पछाड़ते हुए विश्व की सबसे तेज बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था थी। भारतीय उपमहाद्वीप की अर्थव्यवस्था, अभिलेखबद्ध इतिहास के अधिकांश काल में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रही जब तक कि 19वीं शताब्दी के प्रारम्भ में उपनिवेशवाद का प्रादुर्भाव नहीं हो गया। पी.पी.पी के आधार पर विश्व अर्थव्यवस्था में भारत अर्थव्यवस्था की हिस्सेदारी 7.5% थी।

युवा-जनसंख्या, निम्न निर्भरता अनुपात, पर्याप्त बचत, निवेश दरें, भारत में उत्तरोत्तर बढ़ते वैश्वीकरण और वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ एकीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक वृद्धि परिप्रेक्ष्य को सकारात्मक रखा है।
भारत का लगभग 70% सकल घरेलू उत्पाद देशी निजी उपभोग से संचालित है। भारत विश्व का छठवां सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। निजी उपभोग के अलावा, भारतीय सकल घरेलू उत्पाद सरकारी व्यय, निवेशों और निर्यातों से भी ऊर्जा ग्रहण करता है।

एक जनवरी, 1995, से ही भारत विश्व व्यापार संगठन का एक सदस्य है। कारोबार करने में सुविधा के सूचकांक के मामले में भारत का स्थान 37वां और वैश्विक प्रतियोगितात्मकता रिपोर्ट के अनुसार 37वां है। रूपये प्रति डालर की दरों में अत्याधिक उतार-चढ़ाव के कारण भारत के नामिनल सकल घरेलू उत्पाद में भी महत्त्वपूर्ण घटाव बढ़ाव देखने को मिलता है।
50 करोड (500 मिलियन) श्रमिकों के साथ भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी श्रम शक्ति है। भारत विश्व के उन देशों में एक है जहाँ अरबपतियों की संख्या सर्वाधिक और अत्याधिक आर्थिक असमानता है। बहुत सारी छूटों को कारण केवल 2% भारतीय ही आयकर देते हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: 
कथन I: भारत विश्व के अरबपतियों की सर्वाधिक संख्या वाले और अत्यधिक आर्थिक असमानता वाले देशों में एक है। बहुत सारी छूटों के कारण केवल 5% भारतीय ही आयकर देते हैं
कथन II: भारतीय श्रम शक्ति, 50 करोड़ (500 मिलियन) श्रमिकों के साथ विश्व की दूसरी सबसे बड़ी श्रमशक्ति है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: 

Correct Answer: (d) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है
Solution:

भारत विश्व के अरबपतियों की सर्वाधिक संख्या वाले और अत्यधिक आर्थिक असमानता वाले देशों में एक है। बहुत सारी छूटों के कारण केवल 5% भारतीय ही आयकर देते है। यह कथन (I) गलत है, लेकिन भारतीय श्रम शक्ति, 50 करोड़ (500 मिलियन) श्रमिकों के साथ विश्व की दूसरी सबसे बड़ी श्रम शक्ति है। यह कथन (II) सही है। अतः कथन (I) गलत है, लेकिन कथन (II) सही है।

92. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

Correct Answer: (c) भारत एक जनवरी, 1996 से विश्व व्यापार संगठन का एक सदस्य है।
Solution:

भारत एक जनवरी, 1996 से विश्व व्यापार संगठन (W.T.O.)का एक सदस्य है, यह कथन सत्य नहीं है। विश्व व्यापार संगठन (W.T.O.) के निर्माण की पृष्ठभूमि गैट के उरूग्वे दौर (वर्ष 1986-94) की वार्ता में तैयार हुई तथा । जनवरी 1995 को W.T.O. द्वारा कार्य शुरू किया गया। W.T.O. एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जो देशों के मध्य व्यापार के नियमों को विनियमित करता है।

93. भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक वृद्धि परिप्रेक्ष्य के लिए निम्नलिखित में से कौन एक सहयोगी कारक नहीं है?

Correct Answer: (d) रक्षा-व्यय में निरन्तर वृद्धि
Solution:

प्रस्तुत गद्यांश के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक वृद्धि परिप्रेक्ष्य में रक्षा-व्यय में निरन्तर वृद्धि एक सहयोगी कारक नहीं है।

94. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन I: 21वीं शताब्दी के प्रारम्भ से ही भारत की औसत वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद दर 6% से 7% के बीच रही है।
कथन II: सन् 2013 से 2018 तक चीन को पछाड़ते हुए भारत विश्व की सबसे तीव्र गति से वृद्धि करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था थी।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) कथन । और II दोनों सही है।
Solution:

कथन I : 21वीं शताब्दी के प्रारम्भ से ही भारत की औसत वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद दर 6% से 7% के बीच रही है। अतः कथन (1) सही है।
कथन-II: सन् 2013 से 2018 तक चीन को पछाड़ते हुए भारत विश्व की सबसे तीव्र गति से वृद्धि करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था थी। अतः कथन (II)सही है। उपरोक्त गद्यांश के आधार पर कथन (1)और (II) दोनों सही है।

95. नीचे दो कथन दिए गये हैं: एक अभिकथन Aके रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में,

अभिकथन A: भारत के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 70% देशी निजी उपभोग से संचालित होता है।
कारण (R): (भारत) देश विश्व का छठवां सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बना हुआ है।
उपरोक्त कथन के आलोक में नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) भारत के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 70% देशी निजी उपभोग से संचालित होता है, सही है, साथ ही कारण (R) कि (भारत) देश विश्व का छठवां सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बना हुआ है, भी सही है किंतु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं कर रहा है।

96. निम्नलिखित में से कौन आधार को स्पष्ट करता है।

Correct Answer: (a) राष्ट्रीय पहचान कार्यक्रम
Solution:

राष्ट्रीय पहचान कार्यक्रम (National Identification Program) आधार को स्पष्ट करता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) 12 जुलाई, 2016 को आधार अधिनियम 2016 के प्रावधानों का पालन करते हुए "इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय" के अधिकार क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक प्राधिकरण है।
UIDAI की स्थापना भारत सरकार द्वारा जनवरी 2009 में योजना आयोग के तत्वावधान में हुआ। UIDAI को भारत के सभी निवासियों को एक 12 अंकीय विशिष्ट पहचान (UID) संख्या (आधार) प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है।

97. इण्डिया स्टैक का निम्नलिखित में से कौन-कौन बेहतर वर्णन करते हैं।

(a) एक विकेन्द्रीकृत सार्वजनिक यूटिलिटी जो निम्न लागत पर विस्तृत अंकीय पहचान प्रदान करती है।
(b) भुगतान और डेटा प्रबन्धन प्रणाली
(c) ऋण लागत कम करने का नेटवर्क
(d) एक व्यापारिक मंच
नीचे दिए गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (a) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

उपरोक्त गद्यांश के अनुसार इंडिया स्टैक का बेहतर वर्णन निम्नलिखित बिन्दु करते हैं-
• एक विकेंद्रीकृत सार्वजनिक यूटिलिटी जो निम्न लागत पर विस्तृत अंकीय पहचान प्रदान करती है।
• भुगतान और डेटा प्रबंधन प्रणाली।
• ऋण लागत कम करने का नेटवर्क ।

98. नीचे दो कथन दिए गए हैं

कथन I: ऋण उपलब्धता आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण संघटक है
कथन II: वर्तमान में भारत दुनिया के सार्वधिक अवर उत्तोलित देशों में से एक है।
उपरोक्त कथन के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सत्य हैं।
Solution:

दिया गया कथन-I ऋण उपलब्धता आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण संघटक है, सत्य है। जबकि कथन-II वर्तमान में भारत दुनिया के सर्वाधिक अवर उत्तोलित देशों में से एक है, भी सत्य है। अतः कथन- I और कथन-II दोनों सत्य हैं।

99. "यह प्रणाली आवास प्रमाण स्थापित करने के लिए जीव सांख्यिकीय पहचान की रचना करती है और यह अन्य प्रसुविधाओं के साथ वित्तीय संव्यवहारों के अंकीयकरण का साधन बनी है।"

उपयुक्त कथन में निम्न में से किसके बारे में कहा जा रहा है?

Correct Answer: (c) आधार
Solution:

"यह प्रणाली- आवास प्रमाण स्थापित करने के लिए जीव सांख्यिकीय पहचान की रचना करती है और वह अन्य प्रसुविधाओं के साथ वित्तीय संव्यवहारों के अंकीयकरण का साधन बनी है।" उपर्युक्त कथन में आधार के बारे में कहा जा रहा है। आधार 12 अंकों की एक निजी विशिष्ट संख्या है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, भारत सरकार की ओर से सभी निवासियों को जारी किया गया है।

100. नीचे दो कथन दिए गए हैं एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में-

अभिकथन A: अगले दशक में भारत का आय वितरण उछाल ले सकता है
कारण R: देश में समग्र उपयोग 2022 में $2 ट्रिलियन से दोगुना से अधिक बढ़कर दशक के अंत तक $4.9 ट्रिलियन हो सकता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, Aकी सही व्याख्या है
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) कि अगले दशक में भारत का आय वितरण उछाल ले सकता है, सही है। जबकि कारण (R) कि देश में समग्र उपयोग 2022 में $2 ट्रिलियन से दो गुना से अधिक बढ़ कर दशक के अंत तक $4.9 ट्रिलियन हो सकता है, भी सही है। अतः अभिकथन (A), कारण (R) दोनों सत्य हैं और R, Aकी सही व्याख्या है।