Solution:प्रबंध के सिद्धान्त निर्णय लेने एवं व्यवहार के लिए व्यापक एवं सामान्य मार्गदर्शक होता है। सिद्धान्त, कार्य के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। यह कारण एवं परिणाम में सम्बन्ध को स्पष्ट करते हैं। प्रबन्ध करते समय, प्रबन्ध के कार्य नियोजन, संगठन, नियुक्तिकरण, निर्देशन एवं नियंत्रण प्रबन्ध की क्रियाएं हैं। जबकि सिद्धान्त इन कार्यों को करते समय प्रबन्धकों को निर्णय लेने में सहायक होते हैं। प्रबन्ध के सिद्धान्तों के लक्षण निम्नलिखित हैं-
(a) सर्वप्रयुक्त
(b) सामान्य मार्गदर्शन
(c) व्यवहार एवं शोध द्वारा निर्मित
(d) लोच
(e) मुख्यतः व्यावहारिक
(f) कारण एवं परिणाम का सम्बन्ध
(g) अनिश्चित
अतः उपर्युक्त आधार पर लचीलापन, सार्विक अनुप्रयोग, स्थिति आधारित और अनुभव से व्युत्पन्न प्रबन्ध के सिद्धान्तों के सुस्पष्ट लक्षण है। अतः विकल्प (d) सही है।