NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 समाजशास्त्र

Total Questions: 100

11. सामाजिक विश्व में सामूहिक चेतना का एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह निम्नलिखित को इंगित करती है -

A. लोगों के विश्वासों और भावनाओं की समग्रता
B. स्वतंत्र, निश्चित और सांस्कृतिक व्यवस्था
C. लोगों के विश्वासों और भावनाओं की वैयक्तिकता
D. स्वतंत्र, अनिश्चित और सांस्कृतिक व्यवस्था
E. स्वहित की प्राथमिकता

Correct Answer: (d) केवल A और B
Solution:सामाजिक विश्व में सामूहिक चेतना का एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह निम्नलिखित को इंगित करती है यथाः - लोगों के विश्वासों और भावनाओं की समग्रता

* स्वतंत्र, निश्चित और सांस्कृतिक व्यवस्था
* सामाजिक परिवर्तन और विकास में भूमिका
* संघर्ष समाधान और सहिष्णुता
→ यह धारणा समाजशास्त्र के प्रमुख सिद्धान्तों में से एक है और इसे विशेष रूप से इमाइल दुखम ने अपने समाजशास्त्रीय अध्ययन के केन्द्र में रखा था।

12. साइबर क्राइम निम्नलिखित में से कौन से कानून के अंतर्गत कानून का उल्लंघन माना जाता है?

A. 66 ए
B. 66 बी
C. 66 सी
D. 66 डी
E. 66 ई

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B, C, D
Solution:साइबर क्राइम धारा 66ए, 66बी, 66 सी एवं 66डी के अन्तर्गत आधुनिक कानून का उल्लंघन माना जाता है। साइबर अपराध आधुनिक डिजिटल युग में एक गंभीर समस्या बन चुका है।

इसके तहत कम्प्यूटर, इंटरनेट, नेटवर्क और डिजिटल डिवाइस के माध्यम से किए जाने वाले अपराध आते हैं। भारत में साइबर अपराधों को रोकने और दोषियों को दण्डित करने के लिए विभिन्न कानून बनाए गए हैं।

13. मैक्सवेबर के अनुसार, आदर्श प्रकारों के लक्षण निम्न हो सकते हैं-

A. अनुभवाश्रित उपकरण
В. आनुभविक शोध करने में सहायक उपकरण
C. सामाजिक विश्व के किसी विशेष पहलू को समझने में सहायक
D. विश्लेषणात्मक निर्माण
E. समाज वैज्ञानिक की सनक और कल्पना के उत्पाद हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (d) केवल D, B, A, C
Solution:मैक्स वेबर के अनुसार, आदर्श प्रकारों के लक्षण निम्न हो सकते हैं यथाः

* विश्लेषणात्मक निर्माण
* आनुभविक शोध करने में सहायक उपकरण
* अनुभवाश्रित उपकरण
* सामाजिक विश्व के किसी विशेष पहलू को समझने में सहायक

14. निम्नलिखित में से किसने सुझाव दिया था कि एक व्याख्या वह है जो सामान्य ज्ञान से भिन्न हो जाती है।

Correct Answer: (d) मैक्स बेबर
Solution:मैक्स वेबर ने सुझाव दिया था कि एक व्याख्या वह है, जो सामान्य ज्ञान से भिन्न हो जाती है। मैक्स वेबर ने सामाजिक विज्ञान में व्याख्या (Interpretation) को एक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त के रूप में प्रस्तुत किया।

उनके समाजशास्त्र और सामाजिक विज्ञान में किसी घटना, क्रिया या व्यवहार की व्याख्या मात्र सतही या आम समझ पर आधारित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे वैज्ञानिक पद्धति, तर्कसंगत दृष्टिकोण और गहरे विश्लेषण द्वारा समझना चाहिए।

15. फूको की पुस्तकों के प्रकाशनों को कालक्रमिक क्रम में लिखिए

A. आर्कियोलॉजी ऑफ नॉलेज एण्ड डिस्कोर्स ऑन लैंग्वेज
B. मैडनस एंड सिवलाइजेशन
C. दी आर्डर ऑफ थिंग्स एन आर्कियोलॉजी ऑफ ह्यूमन साइंस
D. दी बर्थ ऑफ दी क्लीनिक: एन आर्कियोलॉजी ऑफ मैडिकल परसेप्शन
E. डिसिप्लीन एंड पनिश दी बर्थ ऑफ दी प्रिजन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) B, D, C, A, E
Solution:फूको की पुस्तकों के प्रकाशनों का सही काल क्रम इस प्रकार है -

* मैडनस एंड सिवलाइजेशन
* दी बर्थ ऑफ दी क्लीनिक एन आर्कियोलॉजी ऑफ मेडिकल परसेप्शन
* दी ऑर्डर ऑफ थिंग्स एन आर्कियोलॉजी ऑफ ह्यूमन साइंस
* आर्कियोलॉजी ऑफ नॉलेज एण्ड डिस्कोर्स ऑन लैंग्वेज
* डिसिप्लीन एंड पनिश दी बर्थ ऑफ दी प्रिजन

16. निम्नलिखित में से किसने इस विचार को अस्वीकृत किया कि समाजशास्त्रियों को वैयक्तिक मनोविज्ञान का अध्ययन करना चाहिए?

Correct Answer: (c) इमाइल दुखम
Solution:इमाइल दुखम ने इस विचार को अस्वीकृत किया कि समाजशास्त्रियों को वैयक्तिक मनोविज्ञान का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने यह तर्क दिया कि समाजशास्त्र को समाज के सामूहिक पहलुओं (Collective Aspects) पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए, न कि केवल व्यक्तिगत मानसिक प्रक्रियाओं पर।

17. एक एकल समुदाय के रूप में मानव विश्व का विश्लेषण करने की दिशा में राष्ट्र राज्य आधारित चिंतन के परे परिवर्तन को किस नाम से जाना जाता है?

Correct Answer: (a) कॉस्मोपॉलिटेनिज्म (सर्वदेशीयता)
Solution:एक एकल समुदाय के रूप में मानव विश्व का विश्लेषण करने की दिशा में राष्ट्र राज्य आधारित चिंतन के परे परिवर्तन को कॉस्मोपॉलिटेनिज्म (सर्वदेशीयता) के नाम से जाना जाता है।

18. निम्नलिखित में से किसमें सामाजिक शोध में नैतिक सिद्धांतों को सम्मिलित नहीं किया जाता है?

Correct Answer: (d) संज्ञान
Solution:संज्ञानात्मक सामाजिक शोध में नैतिक सिद्धान्तों को सम्मिलित नहीं किया जाता है। संज्ञानात्मक (Congnitive) अध्ययन अक्सर प्रयोगों और मानसिक प्रक्रियाओं के परीक्षण पर आधारित होते हैं। जबकि वास्तव में सामाजिक शोध में नैतिकता अत्यंत आवश्यक होती है, ताकि निष्कर्ष विश्वसनीय और निष्पक्ष हो तथा प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

19. विद्वानों ने नारीवादी पद्धति के बारे में टिप्पणी की हैं-

A. मारग्रेट मीड
B. सैड्रा हार्डिंग
C. कैरोल गिलीगन
E. डी. हार्वे
D. हैडी आई- हार्टमैन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) केवल B, C और D
Solution:सैंड्रा हार्डिंग, कैरोल गिलीगन, हैडी आई. हार्टमैन आदि विद्वानों ने नारीवादी पद्धति के बारे में टिप्पणी की है। नारीवादी पद्धति (Feminist Methodology) एक शोध पद्धति है, जो महिलाओं के अनुभवों, दृष्टिकोण और समाज में उनकी स्थिति को समझने और सुधारने पर केन्द्रित होती है। यह पारंपरिक शोध विधियों की आलोचना करती है, क्योंकि वे पुरुष प्रधान दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हैं।

20. उत्तरदाता से पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों के तार्किक अनुक्रम को व्यवस्थित कीजिए :

A. रुचि जगाते हुए साक्षात्कार में लाना।
B. ऐसी मदों के क्रम में चलना जो सरल से जटिल हो।
C. व्यक्तिगत सूचना के लिए अचानक और शीघ्र अनुरोध
D. किसी पश्च या अग्र गमत के बिना फ्रेम का सुगम अंतरण
E. स्पष्ट करने का अवसर दिए बिना शर्मिन्दा करने वाला

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A, B, C, E, D
Solution:उत्तरदाता से पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों का तार्किक अनुक्रम इस प्रकार है -

*  रुचि जगाते हुए साक्षात्कार में लाना।
*  ऐसी मदों के क्रम में चलना जो सरल से जटिल हो।
*  व्यक्तिगत सूचना के लिए अचानक और शीघ्र अनुरोध ।
*  स्पष्ट करने का अवसर दिए बिना शर्मिन्दा करने वाला।
* किसी पश्च या अग्र-गमत के बिना फ्रेम का सुगम अंतरण।