Solution:जब नकारात्मक आय प्रभाव, सकारात्मक प्रतिस्थापन प्रभाव पर इतना भारी पड़ता है कि माँग वक्ररेखा सकारात्मक रूप में ऊपर की ओर जाती है तो उपभोज्य वस्तु को गिफेन वस्तु की तरह वर्णित किया जाता है। गि न एक विशेष प्रकार की निकृष्ट (घटिया अथवा निम्न कोटि) वस्तुओं (Special type of Inferior goods), जिन्हें गिफेन वस्तु भी कहा जाता है, के सम्बन्ध में लागू होता है।
गिफेन वस्तुएँ वे निकृष्ट कोटि की वस्तुएँ हैं जिन पर सामान्यतया निर्धन लोग अपनी आय का अधिकांश भाग व्यय करते हैं। जैसे- मक्का, गेहूँ की अपेक्षा व आलू, मांस की अपेक्षा एक निकृष्ट वस्तु है।