A. ऋणदाताओं की समिति के लिए एक व्यावसायिक आचार संहिता
B. आई बी सी मामलों को सुनवाई हेतु राष्ट्रीय कंपनी विधान अधिकरण (एन सी एल टी) की विशेष बेंचों का गठन
C. विनियोजक व्यावसायिकों की भूमिका सुदृढ़ करना
D. आई बी सी मंचों का डिजीटीकरण
E. परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों का सुदृढ़ीकरण एवं संवर्धन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
Correct Answer: (d) केवल A, B, C और D
Solution:विनियोजन प्रक्रिया को और गति प्रदान करने एवं परिसम्पत्तियों के वसूलनीय मूल्य को बढ़ाने के लिए संसदीय स्थायी समिति ने भारत के दिवालियापन विनियोजन तंत्र को निम्नलिखित माध्यम से सुदृढ़ बनाने की सिफारिश की है :-
(i) ऋणदाताओं की समिति के लिए एक व्यावसायिक आचार संहिता।
(ii) आई.बी.सी. मामलों को सुनवाई हेतु राष्ट्रीय कंपनी अधिकरण (एन.सी.एल.टी.) की विशेष बेंचों का गठन ।
(iii) विनियोजक व्यावसायिकों की भूमिका सुदृढ़ करना।
(iv) आई.बी.सी. मंचों का डिजीटलीकरण।