NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 100

91. निर्देशः निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनिएः

सूफी साधक ईश्वर को निराकार भी मानते हैं और साकार भी। वे ईश्वर को मनुष्य की आत्मा और मानव जीवन को उस आत्मा का आवरण मानते हैं। प्रायः प्रत्येक साधक ईश्वर की कल्पना परम सुन्दरी नारी के रूप में करता है जिस पर वह आसक्त होना चाहता है। सूफी- मत में परमेश्वर साकार सौन्दर्य है और साधक साकार प्रेम ।

सूफी सम्प्रदाय में साधिकाएँ भी हुई हैं, जो परमात्मा को अपना पति समझती थी। इनमें से, बसरे की राबिया नाम की साधिका बहुत प्रसिद्ध हुई। कहते हैं, एक बार उन्होंने कहा था कि "मेरा हृदय परमात्मा के प्रेम से ऐसा लबालब भर गया है कि उसमे नबी के भी प्रेम के लिए जगह नहीं रही, फिर शैतान के प्रति घृणा की तो बात ही क्या है।"

सौन्दर्य से प्रेम और प्रेम से मुक्ति, यह सूफी मत के सिद्धान्तों का निचोड़ है। इसी प्रेम की सिद्धि के लिए सूफियों ने इश्के मिजाजी की भी छूट दी, क्योंकि इश्के मिजाजी से भी इश्के हकीकी हासिल हो सकता है। वैसे सूफी मत यती वृत्ति, वैराग्य साधना, योग और संयम, सब पर जोर देता है।
सौन्दर्य और प्रेम के बाद सूफियों में संगीत की प्रधानता है, क्योंकि संगीत में मन को केन्द्रित करके उसे ऊपर ले जाने की शक्ति होती है। उसका उपयोग सूफी सन्त समाधि की सुगमता के लिए किया करते हैं।

मनुष्य के सीमित गुणों को सूफी नासूत कहते हैं और भगवान् की निस्सीमता को 'लाहूत'। इसी प्रकार जब तक मनुष्य मोक्ष अथवा ईश्वर मिलन से दूर है तब तक उसकी स्थिति 'बका' की स्थिति समझी जाती है तथा जब वह मोक्ष अथवा ब्रह्म मिलन को प्राप्त करता है, तब वह 'फना' (विनाश, निःशेषता या निर्वाण) की स्थिति में पहुँच जाता है। सूफियों के दो सम्प्रदाय हैं जिनमें से एक तो यह मानता है कि सृष्टि का उपादान कारण प्रकाश है और दूसरा यह है कि सृष्टि विचार से निकली है। सूफियों में एक सम्प्रदाय और है, जो हुलूल (अवतारवाद) इम्तिजाज (अंशावतारवाद) और नस्खे अरबा यानी आत्मा के आवागमन में विश्वास करता है।
राबिया नाम की साधिका शैतान से भी घृणा क्यों नहीं करती थी? 

Correct Answer: (b) उसके हृदय में परमात्मा के अतिरिक्त किसी दूसरे के लिए जगह ही नहीं थी।
Solution:राबिया नाम की सूफी साधिका शैतान से भी घृणा नहीं करती थी, क्योंकि उसके हृदय में परमात्मा के अतिरिक्त किसी दूसरे के लिए जगह ही नहीं थी।

92. सूफीमत के अनुसार मानव जीवन को किसका आवरण माना गया है?

Correct Answer: (c) आत्मा
Solution:सूफीमत के अनुसार मानव जीवन को आत्मा का आवरण माना गया है।

सौन्दर्य और प्रेम के बाद सूफियों में संगीत की प्रधानता है, जिसका उपयोग सूफी सन्त समाधि की सुगमता के लिए किया करते हैं।

93. संगीत का उपयोग सूफी संत किसके लिए करते हैं?

Correct Answer: (a) समाधि की सुगमता के लिए
Solution:संगीत का उपयोग सूफी संत समाधि की सुगमता के लिए करते हैं। संगीत में मन को केन्द्रित करने की शक्ति होती है।

94. बका की स्थिति से क्या अभिप्राय है-

Correct Answer: (d) ईश्वर मिलन से दूर की स्थिति
Solution:बका की स्थिति से अभिप्राय है ईश्वरमिलन से दूर की   स्थिति'।
जब तक मनुष्य मोक्ष अथवा ईश्वर मिलन से दूर है, तब तक उसकी स्थिति 'बका' की स्थिति समझी जाती है।

95. ब्रह्म मिलन या मोक्ष की प्राप्ति की दशा सूफियों में क्या कहलाती है-

Correct Answer: (b) फना
Solution:

ब्रह्म मिलन या मोक्ष की प्राप्ति की दशा सूफियों में 'फना' कहलाती है। फना की स्थिति को ही निर्वाण कहा जाता है।

96. निर्देशः निम्नलिखित अवतरण को ध्यानूपर्वक पढ़िए और संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

िन्दी प्रदेश में नवजागरण 1857 ई. के स्वाधीनता संग्राम से शुरू होता है। इस स्वाधीनता संग्राम की पहली विशेषता यह है कि यह सारे देश की एकता को ध्यान में रखकर चलाया गया था। राष्ट्रीय एकता का यह उद्देश्य भारतीय सेना के नेताओं ने अपने सामने रखा था, सामन्तों ने नहीं। इसीलिए जो नवाब स्वतंत्र बादशाह बन बैठे थे, उन्हें भारतीय सेना के नेतृत्व ने दिल्ली के मातहत करार दिया और इसी शर्त पर उनके साथ संयुक्त मोर्चा बनाया। अपने विघटनकाल में भारतीय सामन्तवाद राष्ट्रीय एकता की पहचान खो चुका था। अलगअलग बादशाहों नवाबों और राजाओं की सत्ता कायम करने के बदले सभी सामन्तों को एक ही झंडे के नीचे संगठित करने का प्रयत्न एक सामन्त-विरोधी कार्य था।

इस संग्राम की दूसरी विशेषता यह है कि राज्यसत्ता की मूल समस्या सामन्तों के हित में नहीं, जनता के हित में हल की गई थी। बहादुरशाह को सारे देश का बादशाह घोषित किया गया था किन्तु वास्तविक सत्ता बादशाह या उसके अनुयाइयों के हाथ में नहीं थी। सैनिक नेतृत्व ने दिल्ली के बादशाह को वही दर्जा दिया था जो ब्रिटेन में वहाँ के बादशाह को हासिल था। वह राज्यतंत्र में मुखिया बनाया गया था पर आर्थिक, राजनीतिक और सैनिक अधिकार उस कोर्ट के हाथ में थे जिसमें भारतीय सेना के चुने हुए प्रतिनिधि थे।

इस संग्राम की तीसरी विशेषता यह है कि अंग्रेजों ने जमींदारों और साहूकारों को जहाँ भी नये अधिकार दिये थे, जहाँ भी किसानों के विरुद्ध इन शोषकों के पक्ष में उन्होंने फैसले किये थे, वहाँ भारतीय सेना का प्रभुत्व कायम होते ही, अथवा अंग्रेजों का प्रभुत्व खत्म होते ही, जनता ने अंग्रेजों की कायम की हुई व्यवस्था उलट दी। इस तरह की कार्रवाई से इस स्वाधीनता संग्राम का सामन्तविरोधी पक्ष और पुष्ट होता था।

इस संग्राम की चौथी विशेषता यह है कि इसका नेतृत्व उन किसानों ने किया जो फौज में सिपाहियों और सूबेदारों के रूप में काम कर रहे थे। अनेक छोटे-बड़े सामन्त इनके सहायक थे, संग्राम के नेता नहीं। अक्सर वे देशी सेना के दबाव में आकर अंग्रेजों से लड़े। फौज के भीतर वाले किसानों के साथ गाँवों के गैर-फौजी किसान थे, और इन दोनों ने मिलकर जो हथियारबंद लड़ाई चलाई, वैसी लड़ाई न तो सन् 57 से पहले कभी चलाई गई थी, और न उसके बाद कभी चलाई गई। लड़ने वाले किसानों में केवल उच्च वर्ण हिन्दू नहीं थे। उनके साथ निम्न वर्ण के सैकड़ों आदमी थे। हिन्दुओं के साथ हजारों मुसलमान थे। धर्म और वर्ण की सीमाएँ तोड़कर लाखों किसान एक ही लड़ाई में शामिल हुए।
उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार हिन्दी प्रदेश में नवजागरण कब शुरू हुआ।?

Correct Answer: (b) 1857 के स्वाधीनता संग्राम से
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार हिंदी प्रदेश में नवजागरण 1857 ई.के स्वाधीनता संग्राम से शुरू हुआ।

97. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार 1857 के स्वाधीनता संग्राम की विशेषता है:

Correct Answer: (a) इसका सामन्त विरोधी पक्ष स्पष्ट और प्रबल था।
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार 1857 के स्वाधीनता संग्राम की विशेषता है कि इसका सामन्त विरोधी पक्ष स्पष्ट और प्रबल था।

98. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 के संग्राम के बाद किसे बादशाह बनाया गयाः

Correct Answer: (a) बहादुर शाह
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 ई.के संग्राम के बाद 'बहादुर शाह' को बादशाह बनाया गया।

99. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 के स्वाधीनता संग्राम के संबंध में कौन सा कथन सत्य है:

Correct Answer: (a) इसका नेतृत्व किसानों ने किया।
Solution:

उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 के स्वाधीनता संग्राम के संबंध में सत्य कथन है कि इसका नेतृत्व किसानों ने किया। अन्य कथन तर्क संगत नहीं है।

100. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 के स्वाधीनता संग्राम में सामंतों की क्या भूमिका थी?

Correct Answer: (d) सामंत विद्रोह में नेतृत्वकर्ता किसानों के सहायक थे।
Solution:

उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 के स्वाधीनता संग्राम में 'सामंत विद्रोह में नेतृत्वकर्ता किसानों के सहायक थे।'