NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 100

41. 'स्वर' ध्वनि के संबंध में निम्नलिखित तथ्यों पर विचार कीजिए।

A. स्वरों का स्वतंत्र उच्चारण नहीं किया जा सकता।
B. उच्चारण की दृष्टि से मूल स्वर दस है।
C. स्वर ध्वनि के उच्चारणों में हवा अबाध गति से मुख विवर से निकलती है
D. सभी स्वर आक्षरिक नहीं होते हैं।
E. मात्रा के आधार पर स्वर दो प्रकार के होते हैं- (1) हस्व (2) दीर्घ
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (B), (C), (E)
Solution:'स्वर' ध्वनि के संबंध में निम्नलिखित तथ्य इस प्रकार हैं- उच्चारण की दृष्टि से मूल स्वर दस है। स्वर ध्वनि के उच्चारण में हवा अबाध गति मुख विवर से निकलती है। मात्रा के आधार पर स्वर दो प्रकार के होते हैं (i) हस्व स्वर (ii) दीर्घ स्वर
स्वरों का वर्गीकरणः-
1. मुख विवर के आधार परः-
क - विवृत - 'आ'
ख - अर्ध विवृत अ, ऐ, औ, ऑ
ग- संवृत – इ, ई, उ, ऊ
घ - इषत् संवृत - ए, ओ
2. जिह्वा की स्थिति के आधार परः-
क - अग्र स्वर - इ, ई, ए, ऐ
ख - मध्य स्वर - अ
ग - पश्च स्वर आ, उ, ऊ, ओ, औ
3. ओष्ठ के आधार परः-
क - अवृत्त मुखी अ, आ, इ, ई, ए, ऐ
ख - वृत्तमुखी उ, ऊ, ओ, औ।

42. क्रिया के सम्बंध में निम्नलिखित तथ्य है,

A. जिस क्रिया का फल कर्म पर नहीं, कर्ता पर पड़ता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।
B. जो क्रियाएँ वाक्य के अंत में रहकर वाक्य को समाप्त करती है, वे समापिका क्रियाएँ कहलाती है।
C. जिस शब्द के प्रयोग द्वारा किसी वस्तु के विषय में विधान किया जाता है, उसे क्रिया कहते हैं।
D. अकर्मक क्रिया में किसी कर्म का होना अनिवार्य है E. क्रिया के मूल अंश को 'धात्' कहते हैं। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (B), (C), (E)
Solution:'क्रिया' के संबंध में उचित तथ्य निम्नलिखित हैं -
• जो क्रियाएँ वाक्य के अन्त में रहकर वाक्य को समाप्त करती हैं, वे समापिका क्रियाएँ कहलाती हैं।
• जिस शब्द के प्रयोग द्वारा किसी वस्तु के विषय में विधान किया जाता है, उसे क्रिया कहते हैं।
• क्रिया के मूल अंश को 'धातु' कहते हैं।

43. 'भारतेन्दु युगीन' कविता के निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) भारतेंदु हरिश्चंद ने 'अब्र' नाम से उर्दू में कविताएँ लिखी।
(B) 'दशरथ विलाप' और 'फूलों का गुच्छा' खड़ी बोली में रचित हैं।
(C) जगमोहन सिंह कानपुर के रंगमंच और वहाँ की संस्था रसिक समाज से जुड़े थे।
(D) 'गीत गोविंदानंद' और 'वर्षा विनोद' भारतेन्दु हरिश्चंद की रचनाएँ हैं।
(E) भारतेन्दु हरिश्चंद्र 'प्रात समीरन' कविता में बंगला के 'पयार' छंद का प्रयोग किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (B), (D), (E)
Solution:भारतेन्दु युगीन कविता के संबंध में उचित कथन निम्नवत् हैं-
  • 'दशरथ विलाप' और फूलों का गुच्छा' खड़ी बोली में रचित हैं।
  • 'गीत गोविंदानंद' और 'वर्षा विनोद' भारतेन्दु हरिश्चंद्र की रचनाएँ है।
  • भारतेन्दु हरिश्चंद ने 'प्रात समीरन' कविता में बंगला 'पयार' छंद का प्रयोग किया।

भारतेन्दु द्वारा रचित अन्य काव्य ग्रंथ निम्नलिखित हैं- प्रेमाश्रुवर्षण सतसई श्रृंगार, मधुमुकुल भक्ति सर्वस्व, वैशाख माहात्म्य, विनय प्रेम पचासा, उर्दू का स्यापा, बकरी-विलाप, अपवर्ग पंचक, विजयिनी- विजय वैजयंती रिपुनाष्टक इत्यादि ।

44. गद्य विधाओं से संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए:

A. 'ऋणजल धनजल' फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा रचित बाढ़ और सूखे से संबंधित रिपोर्ताज का संकलन है।
B. 'कलम का मजदूर' अमृतराय द्वारा लिखित प्रेमचंद की जीवनी है।
C. ज्ञानमंडल, बनारस द्वारा ही दो खंडों में प्रकाशित 'साहित्यकोश' के संपादक रामकुमार वर्मा थे।
D. हजारी प्रसाद द्विवेदी अपने निबंधों में भारत के सांस्कृतिक इतिहास का पुनर्निमाण करते हैं। E. 'दूसरी परंपरा की खोज' विश्वनाथ त्रिपाठी द्वारा लिखित आलोचना की पुस्तक है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (A),(C), (D)
Solution:गद्य विधाओं से संबंधित उचित कथन निम्नवत् है:- 'ऋणजल धनजल' फणीश्वरनाथ 'रेणु' द्वारा रचित बाढ़ और सूखे से संबंधित रिपोर्ताज का संकलन है।
  • ज्ञानमणडल बनारस द्वारा दो खण्डों में प्रकाशित 'साहित्यकोश' के संपादक रामकुमार वर्मा थे।
  • हजारी प्रसाद द्विवेदी अपने निबन्धों में भारत के सांस्कृतिक इतिहास का पुनर्निमाण करते हैं।
    कुछ अन्य रिपोर्ताज संकलन निम्नवत् है-

    लेखकरिपोर्ताज
    शिवदान सिंह चौहानलक्ष्मीपुरा
    रांगेय राघवतूफानों के बीच
    उपेन्द्रनाथ 'अश्क'पहाड़ो में प्रेममय संगीत
    धर्मवीर भारतीयुद्ध यात्रा
    फणीश्वरनाथ रेणुनेपाली क्रांति कथा, श्रुत-अश्रुत पूर्वे, एकलव्य के नोट्स
    विवेकी रायजुलूस रूका है, बाढ़! बाढ़!! बाढ़!!!

45. आत्मकथा के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए :

A. बनारसीदास जैन की 'अर्द्धकथानक' हिंदी की प्रथम आत्मकथा मानी जाती है।
B. जोश मलीहाबादी की 'यादों की बारात', अमृता प्रीतम' की 'रसीदी टिकट' तथा हंसा वाडेकर की 'सुनो सुनाती हूँ' अनुदित आत्मकथा के उदाहरण हैं।
C. 'कस्तूरी कुंडल बसे' प्रभा खेतान द्वारा रचित आत्मकथा है।
D. अपने-अपने पिंजरे श्योराज सिंह बेचैन द्वारा रचित आत्मकथा है।
E. 'अपनी खबर' पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र' द्वारा रचित आत्मकथा है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (A), (B), (E)
Solution:आत्मकथा के संबंध में उचित कथन निम्नवत् है-
• बनारसीदास जैन की 'अर्द्धकथानक' हिन्दी की प्रथम आत्मकथा मानी जाती है।
• जोश मलीहाबादी की 'यादों की बारात' अमृता प्रीतम की 'रसीदी टिकट' तथा हंसा बोडकर की सुनो सुनाती हूँ अनूदित आत्मकथाओं के उदाहरण हैं।
• 'अपनी खबर' पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र' द्वारा रचित आत्मकथा है। बाबू श्यामसुन्दरदास कृत 'मेरी आत्मकहानी' (1941) हिन्दी की प्रथम प्रसिद्ध आत्मकथा है।
• 'जानकी देवी बजाज' हिन्दी की पहली महिला आत्मकथा लेखिका है।
• मोहनदास नैमिशराय कृत 'अपने-अपने पिंजरे (1995 ई०) हिन्दी की पहली आत्मकथा है। ये तीन भागों में प्रकाशित हो चुका है। इसका दूसरा भाग 2000ई. में तथा तीसरा भाग 'रंग कितने संग मेरे (2019ई.) में प्रकाशित हुआ है।
• रामविलास शर्मा ने अपने तीन भाग में प्रकाशित आत्मकथा को 'अपनी धरती अपने लोग' शीर्षक से प्रकाशित कराया।

हिन्दी की प्रमुख आत्मकथाएँ एवं उनके लेखक निम्नवत् हैः-

लेखक आत्मकथा 
डॉ. राजेन्द्र प्रसादआत्मकथा
वियोगी हरिमेरा जीवन प्रवाह
अम्बिका दत्त व्यासनिजवृत्तांत
राहुल सांकृत्यायनमेरी जीवन यात्रा
रमणिका गुप्ताहादसे
मैत्रेयी पुष्पाकस्तूरी कुण्डल बसै
प्रभा खेतानगुड़िया भीतर गुड़िया, अन्या से अनन्या
चंद्र किरण सौनरेक्सापिंजरे की मैना

46. काव्य दोष से संबंधित सही उदाहरण है:

(A) क्लिष्टत्व दोष वेद नखत ग्रह जोरि अरध करि को बरजै हम खात ।
(B) अक्रमत्व दोष मुख मयंक को देखकर विकसा मानस कंज।
(C) दुष्क्रमत्व दोष- मारुत नंदन मारुत को, मन को, खगराज को वेग लजायो।
(D) ग्राम्यत्व दोष कसती कटि थी कनिष्ठ माँ, असि देती मँझली घनिष्ठ माँ ।
(E) अप्रतीत्त्व दोष-हियतल बसि दुख देते है ये मेरे अनुभाव ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (A), (C), (E)
Solution:काव्य दोष से संबंधित सही उदाहरण निम्नवत् है-

किलष्टत्त्व दोष - वेद नखता ग्रह जोरि अरथ करि को बरजै हम खात
अक्रमत्व दोष -- मुख मयंक को देखकर विकसा मानस कंज
अप्रतीत्व दोष - हियतल बसि दुख देत है ये तेरे अनुभाव ।
काव्य दोषों की चर्चा सर्वप्रथम आचार्य भरत के नाट्य शास्त्र में होती है।
'एते दोषास्तु विज्ञेयाः सूरिः भिर्नाटकाश्रयः
एत एत विपर्यस्तु गुणाः काव्येषु कीर्तिताः ।
केशव मिश्र ने काव्य रचना के अन्तर्गत रसोत्पत्ति के वाधक तत्त्व को दोष माना है - 'दोषत्वं च रसोत्पत्ति प्रति बंधकत्वम्।'
* भारत मुनि ने दोषों की संख्या 10 मानी है।
* आचार्य वामन ने दोषों को चार भागों में बाँटा-
(i) पद्गत दोष
(ii) पदार्थगत दोष
(iii) वाक्य दोष
(iv) वाक्यार्थ दोष
* मम्मट ने दोषों के पाँच भेद बतायाः-
(i) शब्ददोष (ii) अर्थ दोष (iii) रसदोष (iv) छन्ददोष (v) वाक्यदोष
* आनन्द वर्धन ने दोष की जगह अनौचित्य शब्द का प्रयोग किया। उनके अनुसार पमुख काव्य दोष निम्नवत् है-
(i) श्रुतिकटुत्व (ii)क्लिष्टत्त्व (iii) न्यूनपदत्व (iv) अधिक पदत्व (v) ग्राम्यत्व (vi) अश्लीलत्व (vii) च्युतसंस्कृति (viii) संदिग्ध (ix) पुनरुक्त (x) स्वशब्द वाच्य।

47. काव्य रीति के संबंध में सही कथन है-

A. रीति शब्द का प्रथम प्रयोग आचार्य वामन ने किया।
B. दंडी ने रीति के स्थान पर मार्ग शब्द का प्रयोग किया।
C. आचार्य रुद्रट ने रीति को शब्द संघटना बताया।
D. भोज ने रीतियों की संख्या 105 मानीं।
E. हृदय के रागात्मक भावों की अभिव्यंजना करने वाली रीति गौड़ी रीति है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (C)
Solution:काव्य रीति के संबंध में सही कथन निम्नवत् है
  • रीति शब्द का प्रथम प्रयोग आचार्य वामन ने किया।
  • दण्डी ने रीति के स्थान पर मार्ग शब्द का प्रयोग किया
  • आचार्य रूद्रट ने रीति को शब्द संघटना बताया है।
  • वामन के मत से रीति काव्य की आत्मा है।
  • रीति के तीन प्रकार होते हैं-
    वैदर्भी, गौड़ीया और पांचाली
  • वैदर्भी - विदर्भ आदि देशों में प्रचलित है। यह दोष रहित वीणा के स्वरों के समान मधुर कुछ इस प्रकार की विशेषता से संबंधित है जो कि शब्द और अर्थ के चमत्कार से भिन्न है।
  • गौडीया - ओज कान्तिमयी होती है। इसमें मधुरता और सुकुमारता का अभाव रहता है। इसमें समास का बहुत प्रयोग होते है तथा उग्र पदोंवाली यह रीति होती है।
  • पांचाली - माधुर्य और सुकुमारता से सम्पन्न पांचाली रीति होती है। यह अगठित, भावशिथिल, छायायुक्त मधुर और सुकुमार होती है।
    रूद्रट के अनुसार रीति के चार भेद हैं-
    वैदर्भी, पांचाली, लाटी और गौड़ी
    कुन्तक ने कवि स्वभावानुरूप तीन मार्गो को स्वीकार किया है-
    (1) सुकुमार (2) विचित्र (3) मध्यम

48. कल्पना के संबंध में कॉलरिज के कथनों पर विचार कीजिए:

A. कल्पना को कॉलरिज ने ईश्वरीय शक्ति माना है, जिसका गुण है-सृजन ।
B. कॉलरिज कल्पना के दो भेद मानते हैं-मुख्य कल्पना और गौण कल्पना।
C. मुख्य कल्पना की अवस्थति जन सामान्य के मस्तिष्क में भी होती है, जबकि गौण कल्पना मुख्यतः दार्शनिक तथा कलाकार की विशेषता है।
D. मुख्य कल्पना इच्छाचालित वालंटरी होती है।
E. मुख्य कल्पना अधिक सचेत, सक्रिय तथा सयास होती है।
नीचे दिए गए विकल्प में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (A), (B), (C)
Solution:कल्पना के संबंध में कॉलरिज के कथन निम्नवत् हैः-
  • कल्पना को कॉलरिज ने ईश्वरीय शक्ति माना है, जिसका गुण है- सृजन ।
  • कॉलरिज कल्पना के दो भेद मानते हैं- मुख्य कल्पना और गौण कल्पना।
  • मुख्य कल्पना की अवस्थिति जन सामान्य के मस्तिष्क में भी होती है जबकि गौण कल्पना मुख्यतः दार्शनिक तथा कलाकार की विशेषता है।
  • वर्डसवर्थ और कॉलरिज दोनों मित्र थे।
  • लिरिकल बैलेड्स नामक कविता दोनों के सहलेखन में लिखी गई।
  • कॉलरिज प्रत्ययवादी थे और उनकी काव्य संबंधी धारणा जैववादी सिद्धान्त पर आधारित है।
  • कॉलरिज की प्रमुख रचनाएं निम्नवत् हैं- द फ्रेंड, एड्स टू रिफ्लेक्शन, चर्च एण्ड स्टेट, कंफेशन्स ऑफ एन इनक्वायरिंग स्पिरिट।

49. अंग्रेजी शिक्षा के सम्बंध में उपयुक्त विचार हैं:

(A) अंग्रेजी शिक्षा भारतीयों की धर्म के प्रति आस्था को  कमजोर करने वाली थी
(B) अंग्रेजी शिक्षा भारतीयों को मानसिक दासता से मुक्त करने वाली थी।
(C) अंग्रेजी शिक्षा ने सरकारी नौकरियों में भारतीयों के प्रवेश के द्वार खोले।
(D) अंग्रेजी शिक्षा ने भारतीयों को अपनी परंपराओं से मोह  करना सिखाया।
(E) अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार के लिए सरकार ने नये शिक्षा संस्थान खोले।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (A), (C), (E)
Solution:अंग्रेजी शिक्षा के सम्बन्ध में उपयुक्त कथन निम्न है:-
• अंग्रेजी शिक्षा भारतीयों की धर्म के प्रति आस्था को कमजोर करने वाली थी।
• अंग्रेजी शिक्षा ने सरकारी नौकरियों में भारतीयों के प्रवेश के द्वार खोले।
• अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार के लिए सरकार ने नये शिक्षा संस्थान खोले।
अंग्रेजी शिक्षा के संदर्भ में अन्य कथन असंगत हैं।

50. दलित विमर्श से संबंधित उपयुक्त कथन हैः

A. डॉ. अंबेडकर ने इतिहास में दलितों की भूमिका को रेखांकित करने का प्रयास किया।
B. दलित विमर्शकार गांधी दर्शन को दलित साहित्य का वैचारिक आधार मानते हैं।
C.ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की।
D. दलित चिंतक वर्णाश्रम व्यवस्था की हिमायत करते हैं
E. दलित आत्मकथाएँ एक व्यक्ति के बहाने समाज का यथार्थ प्रस्तुत करती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (A), (C), (E)
Solution:• डॉ. अंबेडकर ने इतिहास में दलितों की भूमिका को रेखांकित करने का प्रयास किया।
• ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की।
• दलित आत्मकथाएँ एक व्यक्ति के बहाने समाज का यथार्थ प्रस्तुत करती है।
• दलित चिंतक वर्णाश्रम व्यवस्था की निंदा करते हैं।
• दलित साहित्य वेदना, चीख, और छटपटाहट का साहित्य है।
• दलित लेखन का आरम्भ सबसे पहले मराठी साहित्य में हुआ।
• दलित साहित्य शुद्ध कला न होकर एक सामाजिक आन्दोलन है।
• दलित साहित्य का आरम्भ 1980 ई. के बाद आत्मकथा लेखन से हुआ।