NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 100

51. सतपुड़ा के जंगल कविता में जगल के संबंध में कौन से विशेषण प्रयुक्त है?

A. जगमगाते जगे जागे            B. नींद में डूबे हुए से
C. चिलचिलाते जले                D. घिनौने घने
E. कंप से कनकने
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल (B), (D), (E)
Solution:'सतपूड़ा के जंगल' भवानीप्रसाद मिश्र द्वारा रचित काव्य है। इनके अन्य रचना 'अक्कड़ मक्कड़ धूल में धक्कड़', 'बुनी हुई रस्सी', 'गीत फ़रोस', 'आषढ़ का पहला दिन', 'मै फिर आऊंगा' आदि हैं।
'सतपूड़ा के जंगल' कविता में जंगल के संबंध में प्रयुक्त विशेषण निम्नवत् है:-
  • नींद में डूबे हुए से
  • घिनौने घने
  • कंप से कनकने
  • ऊँघते अनमने
  • कष्ट से ये सने
  • अजगरों से भरे
  • गति से परे
  • लताओ के बने।

52. 'प्रियप्रवास' किन छन्दों में रची गयी है?

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (B), (C), (E)
Solution:'प्रिय प्रवास' हरिऔध का महाकाव्य है। निम्न छन्दों में रची गयी है जो इस प्रकार है:-
  • द्रुतविलम्बित
  • शार्दुलविक्रीड़ित
  • मन्दाक्रांता

द्रुतविलम्बितः- इस वर्णिक समवृत्त छंद के प्रत्येक चरण में नगण भगण, भगण, रगण के क्रम कुल 12 वर्ण होते है।
शार्दूलविक्रीडितः - इस छन्द में चार चरण होते हैं। प्रत्येक चरण में 19 वर्ण होते हैं। 12 वर्णों के बाद तथा चरणान्त में यति होती है। गणों का क्रम इस प्रकार है मगण, सगण, सगण, तगण तगण गुरु।
मंदक्रान्ताः - इस वर्णिक समवृत्त छंद के प्रत्येक चरण में भगण, भगण, नगण, तगण और दो गुरु के क्रम से 17 वर्ण होते है तथा 10-7 वर्णों पर यति होती है।
• 'प्रियप्रवास (1914 ई.)' को हिन्दी का पहला महाकाव्य माना गया है। यह संस्कृतनिष्ट हिन्दी (तत्सम प्रधान) में लिखित है।

53. 'भ्रमरगीत' पदों में गोपियाँ उद्धव को इन वचनों से संबोधित करती है।

A.जोग सिखावत पाँड़े
B. ज्ञान की महल
C. मधुकर ! मधुमतवारे !!
D. घोष बड़ो व्योपारी
E.निर्गुन नदिया माद्दरी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (A), (C), (D)
Solution:'भ्रमरगीत' पदों में गोपियाँ उद्भव को इन वचनों से संबोधित करती है:-
  • जोग सिखावन पाँडे
  • मधुकर ! मधुमतवारे !!
  • घोष बड़ो व्यापारी
  • यह सूरदास द्वारा रचित पद है।

54. मैला आँचल की स्त्री पात्र है?

A सुहागी
B. फुलिया
C. मनोरमा
D. आभा रानी
E. मंगला देवी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (B), (D), (E)
Solution:'मैला आँचल' की स्त्री पात्र निम्नवत् है:-
  • फुलिया
  • आभा रानी
  • मंगला देवी
  • कमला
  • लक्ष्मी
  • ममता
  • सिलिया
  • रामपियरिया

55. 'तमस उपन्यास के पात्र है:

A. अब्दुल्ला बेग
B. गिरधारी लाल
C. हरनाम सिंह
D. हयात बख्त
E. देवदत्त
नीचे दिये गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (C),(D), (E)
Solution:तमस उपन्यास के पात्र निम्नवत् है:-
  • हरनाम सिंह
  • हयात बख्श
  • देवदत्त
  • कश्मीरी लाल
  • जनरैल
  • रिचर्ड
  • नत्थू हकीम जी
  • बख्शी जी सरदार जी
  • अज़ीज मौलादाद
  • मास्टर रामदास लक्ष्मीनारायण
  • मेहता
  • अजीत सिंह
  • देसराज
  • शंकर
  • तमस (1973 ई.) भीष्म साहनी द्वारा रचित उपन्यास है।

56. 'मानस का हंस' उपन्यास की रचना में अमृतलाल नागर ने निम्न पुस्तकों से सहयोग लिया :

A. तुलसी काव्य मीमांसा
B. तुलसी आधुनिक वातायन से
C. लोकवादी तुलसीदास
D. काशी का इतिहास
E. अकबर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल (A), (D), (E)
Solution:'मानस का हंस' उपन्यास की रचना में अमृतलाल नागर ने निम्न पुस्तकों से सहयोग लियाः-
• तुलसी काव्य मीमांसा
• काशी का इतिहास
• अकबर
मानस का हंस में नागर जी ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र का चित्रण किया है।

57. 'तीसरी कसम' कहानी के पात्र हैं:

(A) लाल मोहर
(B) पलटदास
(C) महेश्वर
(D) धुन्नीराम
(E) बेगू पटवारी
नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (A), (B), (D)
Solution:'तीसरी कसम' कहानी के पात्र लाल मोहर, पलटदास, धुन्नीराम है। इसके मुख्य पात्रों में गाड़ीवान हीरामन और कंपनी की औरत हीराबाई। 'तीसरी कसम' कहानी प्रेमोन्मुख कहानी है। यह निश्छल प्रेमकथा, कहीं भी मर्यादा का अतिक्रमण करती नहीं दिखती और न तो इसमें प्रेम को लेकर बड़े बड़े दावे किये गए हैं, न ही लंबी चौड़ी कसमें खाई गई हैं।

फणीश्वरनाथ 'रेणु' की प्रसिद्ध कहानियाँ है- मारे गये गुलफाम (तीसरी कसम), आदिम रात्रि की महक, लाल पान की बेगम, पंचलाइट, ठेस, संवदिया आदि।

58. 'गैंग्रीन' कहानी के संदर्भ में विचार कीजिए:

A. इस कहानी में पिता पुत्र के संघर्ष का चित्रण किया गया है।
B. इस कहानी में 'अज्ञेय' को निम्न मध्यवर्गीय जीवन की विषमताओं को चित्रित करने में सफलता मिली है।
C. इस कहानी में 'अज्ञेय' ने दाम्पत्य जीवन की सारहीनता और एकरसता को चित्रित किया है।
D. इस कहानी में पूर्वदीप्ति शैली का प्रयोग किया गया है।
E. गैंग्रीन के रोगियों के अक्सर पैर काटे जाने की सूचना जीवन की त्रासदी को अभिव्यक्त करती है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (B), (C), (E)
Solution:'गैंग्रीन' कहानी में 'अज्ञेय' को निम्न मध्यवर्गीय जीवन की विषमताओं को चित्रित करने में सफलता मिली है। इस कहानी में 'अज्ञेय' ने दाम्पत्य जीवन की सारहीनता और एक रसता को चित्रित किया है। गैंग्रीन के रोगियों के अक्सर पैर काटे जाने की सूचना जीवन की त्रासदी को अभिव्यक्त करती है।

गैंग्रीन कहानी का मूल वर्ण्यविषय एक युवती (मालती) के यांत्रिक वैवाहिक जीवन के माध्यम से नारी जीवन और उसके सीमित घरेलू वातावरण में बीतते उबाऊ जीवन की कथा है। यह एक विवाहिता स्त्री के अभावों में घुटते हुए व्यक्तित्व की त्रासदी का चित्रण है। कहानी के पात्र है- मालती, महेश्वर, टिटी, कथाकार। अज्ञेय की प्रमुख कहानियाँ हैं- विपथगा (1937 ई०), परम्परा (1940 ई०), कोठरी की बात (1945 ई०), शरणार्थी (1948 ई०), जयदोल (1951 ई०)।

59. 'आषाढ़ का एक दिन' नाटक में 'मल्लिका' के कथन कौन से है?

A. इस सौन्दर्य के सामने जीवन की सब सुविधाएँ हेय हैं।
B. कोई भूमि ऐसी नहीं जिसके अन्तर में कोमलता न हो।
C. आज तक का जीवन किसी तरह बीता ही है। आगे का भी बीत जाएगा।
D. यह अवसर देखने के लिए ही तो मैंने आज तक का जीवन जिया है।
E. ये प्रतियां मैंने उज्जयिनी से आगे वाले व्यवसायियों से प्राप्त की है।
नीचे दिए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल (B), (C), (E)
Solution:'आषाढ़ का एक दिन' नाटक में 'मल्लिका' का कथन -
(1) कोई भूमि ऐसी नहीं जिसके अन्तर में कोमलता न हो।
(2) आज तक का जीवन किसी तरह बीता ही है। आगे का भी बीत जाएगा।
(3) ये प्रतियाँ मैंने उज्जयिनी से आने वाले व्यवसायियों से प्राप्त की है।
'आषाढ़ का एक दिन' का प्रकाशन 1958 ई० में हुआ था। इसके रचनाकार मोहन राकेश हैं। 'आषाढ़ का एक दिन' एक विखंडित नाटक है प्रथम खण्ड में युवक कालिदास उज्जैन नामक नगर क्षेत्र में शांतिपूर्वक जीवन गुजार रहा है और अपनी कला विकसित कर रहा था। मल्लिका के साथ प्रेम संबंध भी है। द्वितीय खण्ड में पता लगा कि कालिदास की उज्जयिनी में धाक जम चुकी है और हर ओर उसकी ख्याती फैली हुई है।
तृतीय अंक में कालिदास ने सब कुछ त्याग दिया था।

60. 'भारत दुर्दशा' नाटक के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

A. इस नाटक में भारत दुर्देव और उसकी सेना के माध्यम से भारत दुर्दशा के चित्र प्रस्तुत हुए हैं। B. इसमें मद्यपान को सही सिद्ध करने के लिए 'मदिरा' नामक पात्र को रचा गया है।
C. 'भारत दुर्दशा' नाटक भारतेन्दु के व्यथित हृदय की अभिव्यक्ति है।
D. नाटक में प्रतीकात्मक पात्र 'रोग कहता है- "निह भारत को अब नास"
E. इस नाटक में भारतेन्दु के देशभक्त और समाज सुधारक के रूप के दर्शन होते हैं।
नीचे दिये गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल (A), (C), (E)
Solution:

'भारत दुर्दशा (1880 ई.)' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का प्रमुख नाटक है। इस नाटक में तत्कालीन परिप्रेच्क्ष में अंग्रेजों की आलोचना की गई है। इस नाटक में भारत दुर्देव और उसकी सेना के माध्यम से भारत दुर्दशा के चित्र प्रस्तुत हुए हैं। भारत दुर्दशा नाटक भारतेन्दु के व्यथित हृदय की अभिव्यक्ति है। इस नाटक में भारतेन्दु के देशभक्त और समाज सुधारक रूप के दर्शन होते हैं। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के मौलिक एवं अनूदित नाटकों की संख्या 17 है। इनके प्रमुख नाटक हैं वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, विषस्य विषयमौषधम, प्रेम जोगिनी, चन्द्रावली, भारत दुर्दशा, नील देवी, अंधेर नगरी, सती प्रताप आदि।