Solution:अभिकथन (A) एक और द्रोणाचार्य नाटक के माध्यम से समकालीन शिक्षा जगत की यथार्थ विसंगतियों एवं विद्रूपताओं को उजागर किया गया है। एक और द्रोणाचार्य के सम्बन्ध में कथन सत्य है।कारण (R) एक और द्रोणाचार्य नाटक वर्तमान शिक्षाव्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, पक्षपात, शिक्षक समुदाय के पंगु, असहाय, बेबस और अपाहिज चरित्र को पौराणिक कथा के माध्यम से प्रस्तुत करता है। कारण (R) भी सत्य है और R, A की सही व्याख्या है। 'एक और द्रोणाचार्य नाटक शंकर शेष का है। नाटक को दो भागों में बांटा गया है- पूर्वार्ध और उत्तरार्ध। पूर्वार्ध में चार दृश्य हैं। उत्तरार्द्ध में सात दृश्य है।
पौराणिक पात्र - द्रोणाचार्य, एकलव्य, कृपी (द्रोणाचार्य की पत्नी), अश्वत्थामा (द्रोणाचार्य का पुत्र), भीष्म, अर्जुन, युधिष्ठिर, सैनिक ।
आधुनिक पात्र - अरविंद, लीला, यदू, प्रिंसपल, चंदू, विमलेंदु, अनुराधा।
एक और द्रोणाचार्य नाटक' में महाभारत कालीन गुरु द्रोणाचार्य के जीवन के प्रसंगो की संवेदनशील झाँकिया प्रस्तुत की गई है। पौराणिक प्रसंगो के आधार पर प्रोफेसर अरविंद के जीवन की त्रासदी को अभिव्यक्त किया गया है।
'महाभारत' कालीन प्रसिद्ध पात्र द्रोणाचार्य के जीवन प्रसंगो को आधार बनाकर वर्तमान विसंगति को दिखाया गया है। शंकर शेष के अन्य प्रमुख नाटक हैं मूर्तिकार, रत्नगर्भा, बेटों वाल बाय, तिल का ताड़, बिन बाती के दीप, बंधन अपने-अपने, खजुराहों का शिल्पी, फंदी, कालजयी, घरौंदा, अरे मायावी सरोवर, रक्तबीज, राक्षस, पोस्टर, चेहरे, त्रिकोण का चौथा कोण, कोमल गांधार, आधी रात के बाद इत्यादि ।