Correct Answer: (c) पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र से
Solution:"क्रोध मेरी खुराक है, लोभ मेरा नयन अंजन है और काम भुजंग मेरा क्रीड़ा सहचर है। इसको ही मैं क्रमशः विद्रोह, प्रगति और नवलेखन कहकर पुकारता हूँ।" उपर्युक्त कथन में निबंधकार अपने जीवन की वर्तमान अवस्था को 'पूर्वाफाल्गुनी' नक्षत्र से जोड़ते हैं। उपर्युक्त कथन 'कुबेरनाथ राय' के निबंध 'उत्तराफाल्गुनी से उद्धृत है।
कुबेरनाथराय रसधर्मा ललित निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध संग्रह निम्नलिखित हैं- प्रिया नीलकण्ठी, रस आखेटक, गंधमादन, विषाद, निषाद बाँसुरी, पर्ण मुकुट, महाकवि की तर्जनी, मराल, अन्धकार में अग्नि शिखा आदि।