NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

31. "जिंदगी स्वयं एक महान घड़ी है। प्रातः - संध्या उसकी सुइयाँ हैं। नियम बद्ध एक-दूसरी के पीछे घूमती रहती हैं। मैं चाहती हूँ मेरा घर भी घड़ी ही की तरह चले। हम सब उसके पुर्जे बन जाएँ और नियम-पूर्वक अपना-अपना काम करते जाएँ।" - 'अंजो दीदी'

नाटक में यह संवाद किसने किससे कहा ?

Correct Answer: (c) अंजली द्वारा अनिमा को कहा गया।
Solution:"जिंदगी स्वयं एक महान घड़ी है। प्रातः संध्या उसकी सुइयाँ हैं। नियम-बद्ध एक-दूसरी के पीछे घूमती रहती हैं। मैं चाहती हूँ - मेरा घर भी घड़ी ही की तरह चले। हम सब उसके पुर्जे बन जाएँ और नियम-पूर्वक अपना-अपना काम करते जाएँ।" 'अंजो दीदी' नाटक में यह संवाद अंजली द्वारा अनिमा को कहा गया है।
उपेन्द्र नाथ अश्क के प्रमुख नाटक- लक्ष्मी का स्वागत (1935 ई.), जय-पराजय (1937 ई.), स्वर्ग की झलक (1940 ई.), अलग-अलग रास्ते (1954 ई.), अंजो दीदी (1955 ई.), कैद, उड़ान आदि।

32. "क्रोध मेरी खुराक है, लोभ मेरा नयन अंजन है और काम भुजंग मेरा क्रीड़ा सहचर है। इसको ही मैं क्रमशः विद्रोह, प्रगति और नवलेखन कहकर पुकारता हूँ।"

उपर्युक्त कथन में निबंधकार अपने जीवन की वर्तमान अवस्था को किस नक्षत्र से जोड़ते हैं?

Correct Answer: (c) पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र से
Solution:"क्रोध मेरी खुराक है, लोभ मेरा नयन अंजन है और काम भुजंग मेरा क्रीड़ा सहचर है। इसको ही मैं क्रमशः विद्रोह, प्रगति और नवलेखन कहकर पुकारता हूँ।" उपर्युक्त कथन में निबंधकार अपने जीवन की वर्तमान अवस्था को 'पूर्वाफाल्गुनी' नक्षत्र से जोड़ते हैं। उपर्युक्त कथन 'कुबेरनाथ राय' के निबंध 'उत्तराफाल्गुनी से उद्धृत है।
कुबेरनाथराय रसधर्मा ललित निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध संग्रह निम्नलिखित हैं- प्रिया नीलकण्ठी, रस आखेटक, गंधमादन, विषाद, निषाद बाँसुरी, पर्ण मुकुट, महाकवि की तर्जनी, मराल, अन्धकार में अग्नि शिखा आदि।

33. "आजकल की कविता में नयापन नहीं। उसमें पुराने जमाने की कविता की पुनरावृत्ति मात्र है। इस नक़ल में असल की पवित्रता और कुँवारेपन का अभाव है।" -

उपर्युक्त कथन निम्नलिखित में से किस निबंध से उद्धृत है?

Correct Answer: (b) मजदूरी और प्रेम
Solution:"आजकल की कविता में नयापन नहीं। उसमें पुराने ज़माने की कविता की पुनरावृत्ति मात्र है। इस नक़ल में असल की पवित्रता और कुँवारेपन का अभाव है।" उपर्युक्त कथन मजदूरी और प्रेम निबंध से उद्धृत है।
• अध्यापक पूर्ण सिंह ने कुल छः निबंध लिखे हैं जो निम्न हैं-
आचरण की सभ्यता, मजदूरी और प्रेम, सच्ची वीरता, पवित्रता, कन्यादान, अमेरीका का मस्त कवि वाल्ट हिटमैन। जबकि कविता क्या है? आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का 'उठ जाग मुसाफिर' विवेकी राय का तथा 'संस्कृति और सौन्दर्य' नामवर सिंह के निबंध है।

34. निम्न में से कौन विवेकी राय कृत निबंध संग्रह नहीं है?

Correct Answer: (d) हर बारिश में
Solution:

'हर बारिश में' विवेकीराय का निबंध संग्रह नहीं है। बल्कि यह निर्मल वर्मा का निबंध संग्रह है जो 1970 ई. में प्रकाशित हुआ।
निर्मल वर्मा के अन्य निबंध संग्रह - चीड़ों पर चाँदनी (1964 || ई.), शब्द और स्मृति (1976 ई.), कला का जोखिम (1981 ई.), भारत और यूरोप प्रतिश्रुति के क्षेत्र (1991 ई.), आदि अंत और आरम्भ (2001 ई.), जबकि फिर बैतलवा डाल पर, गवई-गंध गुलाब तथा उठ जाग मुसाफिर, विवेकी राय के निबंध हैं।

35. 'संस्कृति और सौंदर्य' निबंध में निम्नलिखित में से किस निबंध का उल्लेख नहीं है?

Correct Answer: (d) शिरीष के फूल
Solution:

'संस्कृति और सौन्दर्य' निबंध में 'शिरीष के फूल' निबंध का उल्लेख नहीं है। जबकि अशोक के फूल, विचार और वितर्क तथा मेघदूत एक पुरानी कहानी, आचार्य हजारीप्रसाद द्वारा रचित निबंध का उल्लेख 'संस्कृति और सौन्दर्य' निबंध में है। 'संस्कृति और सौंदर्य' निबंध के रचनाकार डॉ. नामवर सिंह हैं। इस निबंध में उन्होंने अपने गुरू आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंधों की चर्चा की है।

36. भारतेंदु - मंडल के लेखकों की चर्चा करते हुए रामचंद्र शुक्ल निबंध के लिए निम्न में से किस पद का प्रयोग नहीं करते?

Correct Answer: (b) ललित गद्य
Solution:भारतेंदु मंडल के लेखकों की चर्चा करते हुए रामचंद्र शुक्ल निबंध के लिए 'ललित गद्य' पद का प्रयोग नहीं करते। जबकि लेख, गद्य-प्रबंध तथा निबन्ध शब्द का प्रयोग करते हैं।

37. "भारतीय समाज में एक द्वंद्व तो कर्म और सन्यास को लेकर है, दूसरा प्रवृत्ति और निवृत्ति के बीच तथा तीसरा स्वर्ग और नरक की कल्पनाओं को लेकर।"

उपर्युक्त कथन किस पुस्तक में है?

Correct Answer: (b) संस्कृति के चार अध्याय
Solution:भारतीय समाज में एक द्वंद्र तो कर्म और सन्यास को लेकर है, दूसरा प्रवृत्ति और निवृत्ति के बीच तथा तीसरा स्वर्ग और नरक की कल्पनाओं को लेकर। उपयुक्त कथन संस्कृति के चार अध्याय-पुस्तक में है। 'संस्कृति के चार अध्याय' (1956 ई.) रामधारी सिंह दिनकर की रचना है, जिसे 1959 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
• 'मेरी तिब्बत यात्रा' (1973 ई.) राहुल सांकृत्यायन की यात्रा साहित्य है। इनके अन्य यात्रा साहित्य किन्नर प्रदेश में, चीन में क्या देखा, मेरी लद्दाख यात्रा, रूस में पच्चीस मास आदि।
• 'आवारा मसीहा' (1974 ई.) विष्णु प्रभाकर की शरतचन्द्र चट्टोपध्याय पर लिखित जीवनी विधा की रचना है।
• 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ (1969 ई.), नीड़ का निर्माण फिर (1970 ई.), बसेरे से दूर (1978 ई.), दशद्वार से सोपान तक (1985 ई.), हरिवंश राय बच्चन का आत्मकथा है। जो उपर्युक्त क्रमशः चार भागों में है।

38. 'ठकुरी बाबा' निम्नलिखित में से किस संग्रह से संकलित है?

Correct Answer: (b) स्मृति की रेखाएँ
Solution:महादेवी वर्मा कृत 'ठकुरी बाबा' स्मृति की रेखाएँ रेखाचित्र संग्रह में संकलित है। इनके अन्य रेखाचित्र अतीत के चलचित्र (1941 ई.), मेरा परिवार (1972 ई.), 'पथ के साथी' (1956 ई.) महादेवी वर्मा का संस्मरण विधा की रचना है।

39. शरत चंद्र ने रवीन्द्रनाथ को किस कवि के बाद भारत का सर्वोत्तम कवि घोषित किया?

Correct Answer: (a) व्यास
Solution:शरत् चंद्र ने रविन्द्रनाथ को 'व्यास' के बाद भारत का सर्वोत्तम कवि घोषित किया।
• शरतचन्द्र की जीवनी 'आवारा मसीहा' नाम से विष्णु प्रभाकर ने लिखा। जिसे लिखने में 14 वर्ष का समय लगा।
विष्णु प्रभाकर के उपन्यास - ढलती रात (1951 ई.), तट के बंधन (1955 ई.), स्वप्नमयी (1956 ई.), अर्धनारीश्वर (1992 ई.), संकल्प (1993 ई.) आदि।

40. 'गौतम बुद्ध के लिए जो स्थान था आम्रपाली का, सम्भवतः वही थी मेरे लिए नटिनिया।' यह कथन किसका है?

Correct Answer: (c) तुलसीराम
Solution:“गौतम बुद्ध के लिए जो स्थान था आम्रपाली का, संभवतः वही थी मेरे लिए नटिनिया।"
उपर्युक्त कथन 'तुलसीराम' का है।
दलित आत्मकथाकार - तुलसीराम ने अपनी आत्मकथा दो भाग में लिखा-मुर्दहिया (2010 ई., प्रथम भाग), मणिकर्णिका (2014, द्वितीय भाग)।