NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

41. देवनागरी लिपि के सम्बन्ध में निम्नलिखित तथ्य मिलते हैं-

A. 'नागलिपि' से 'नागरी' नामकरण नहीं हुआ है।
B. देवनागरी की वर्णमाला का वर्णक्रम वैज्ञानिक है।
C. नगरों में प्रचलित होने से 'देवनागरी' नाम पड़ा।
D. गुजरात के नागर ब्राह्मणों के नाम पर 'नागरी' नाम पड़ा।
E. देवनागरी लिपि आक्षरिक नहीं है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B, C और D
Solution:देवनागरी लिपि के संबंध में निम्नलिखित तथ्य मिलते हैं जो इस प्रकार हैं-
1. देवनागरी की वर्णमाला का वर्णक्रम वैज्ञानिक है।
2. नगरों में प्रचलित होने से 'देवनागरी' नाम पड़ा।
3. गुजरात के नागर ब्राह्मणों के नाम पर 'नागरी' नाम पड़ा।
4. देवनागरी लिपि आक्षरिक है।
5. देवनागरी में प्रत्येक वर्ण के लिए ध्वनि है अर्थात् प्रत्येक अक्षर उच्चरित होते हैं।
6. प्रसिद्ध बौद्धग्रन्थ 'ललित विस्तार' में वर्णित 'नागलिपि से 'नागरी' नामकरण हुआ।
7. देवनागरी का सर्वप्रथम प्रयोग गुजरात के राजा जयभट्ट (7वीं- 8वीं सदी ई.) के एक शिलालेख में हुआ है।

42. अवधी और ब्रज में निम्नलिखित वैषम्य मिलता है-

A. अवधी का संबंध पूर्वी हिंदी से है, जबकि ब्रज का संबंध पश्चिमी हिंदी से है।
B. अवधी में ऐ, ओ स्वर का उच्चारण अइ, अउ के रूप में होता है, किंतु ब्रज में ये स्वर अए, अओ के रूप में उच्चरित होते हैं।
C. ध्वनि के स्तर पर अवधी आकारांत है, जबकि बज्र 'उकारांत' है।
D. अवधी में क्षतिपूरक दीर्घकरण की प्रवृत्ति अधिक है, ब्रज में कम है।
E. अवधी में पुल्लिंग संज्ञा पदों में 'वा' परसर्ग जुड़ने की प्रवृत्ति मिलती है, जबकि ब्रज में प्रायः ऐसा नहीं होता।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B और E
Solution:अवधी और ब्रज में निम्नलिखित वैषम्य (विषमता) मिलती है जो इस प्रकार है-
1. अवधी का संबंध पूर्वी हिंदी से है, जबकि ब्रज का संबंध पश्चिमी हिंदी से है।
2. अवधी में ऐ, ओ स्वर का उच्चारण अइ, अउ के रूप में होता है, किंतु ब्रज में ये स्वर अए, अओ के रूप में उच्चरित होते हैं।
3. अवधी में पुलिंग संज्ञा पदों में 'वा' परसर्ग जुड़ने की प्रवृत्ति मिलती है, जबकि ब्रज में प्रायः ऐसा नहीं होता।
ध्वनि के स्तर पर अवधी 'आकारांत' है, जबकि ब्रज 'ओकारांत' है।
• ब्रजभाषा शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित 'पश्चिमी हिंदी' के अन्तर्गत आती है, जबकि 'अवधी' अर्धमागधी अपभ्रंश से विकसित 'पूर्वी हिंदी' के अन्तर्गत आती है।

43. निम्नलिखित कथनों के आधार पर उपयुक्त विकल्प चुनिए

A. 'प्रभु जी तुम चन्दन हम पानी' की रचना रैदास द्वारा की गई।
B. कबीर परिचई में अनंतदास ने कबीर के व्यक्तित्व और जीवनी से संबंधित तथ्यों का उल्लेख किया है।
C. जंभनाथ का जन्म तालवा (बीकानेर) में हुआ।
D. अलख दरीबा का संबंध निरंजनी संप्रदाय से है।
E. दादू की समग्र रचनाओं को अंगवधू शीर्षक से संत रज्जब ने संकलित किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B और E
Solution:निम्नलिखित कथनों के आधार पर उपयुक्त विकल्प इस प्रकार है-
• 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी' की रचना रैदास द्वारा की गई।
• कबीर परिचई में अनंतदास ने कबीर के व्यक्तित्व और जीवनी से संबंधित तथ्यों का उल्लेख किया है।
• दादू की समग्र रचनाओं को अंगवधू शीर्षक से संत रज्जब ने संकलित किया।
• जम्भनाथ का जन्म (1451-1523) नागौर में हुआ इनके गुरू बाबा गोरखनाथ थे।
• अलखदरीबा (सत्संग-स्थल) 'दादू पंथ' से संबंधित है। 'दादू पंथ' के प्रवर्तक 'दादू दयाल' हैं।

44. यात्रा वृतांत पर आधारित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

A. मोहन राकेश कृत 'आखिरी चट्टान तक' में दक्षिण  भारत के जीवन को रेखांकित किया गया है।
B. रघुवंश की 'हरी घाटी' में राँची हज़ारीबाग के आसपास के प्रदेशों का चित्रण हुआ है।
C. गगन गिल कृत 'अवाक्' में पश्चिमी घाट की प्राकृतिक सुषमा का वर्णन मिलता है।
D. यात्री के उपनाम से मशहूर नागार्जुन ने 'घुमक्कड़ शास्त्र' नामक पुस्तक की रचना की।
E. निर्मल वर्मा के यात्रा वृतांत 'चीड़ों की चाँदनी' में आइसलैंड का उल्लेख मिलता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B और E
Solution:यात्रा वृतांत पर आधारित निम्नलिखित कथन सही हैं जो इस प्रकार हैं-
• मोहन राकेश कृत 'आखिरी चट्टान तक' में दक्षिण भारत के जीवन को रेखांकित किया गया है। • रघुवंश की 'हरी घाटी' में राँची हजारीबाग के आस-पास के प्रदेशों का चित्रण हुआ है।
• निर्मल वर्मा के यात्रा वृतांत 'चीड़ो की चाँदनी' में आइसलैंड का उल्लेख मिलता है।
• गगन गिल कृत 'अवाक्' में कैलाश मानसरोवर यात्रा वृत का चित्रण किया गया है।
• नागार्जुन संस्कृत और मैथिली में 'यात्री' नाम से कविताएं लिखते थे।
• 'घुमक्कड़ शास्त्र' राहुल सांकृत्यायन द्वारा रचित यात्रा वृतांत हैं।

45. नाटक और रंगमंच से संबंधित निम्न तथ्यों पर विचार कीजिए:

A. 'अश्क' का नाटक 'कैद' काफी मंचित हुआ,जिसके परिवर्द्धित नवीन रूप को बाद में 'लौटता हुआ दिन' के नाम से प्रस्तुत किया गया।
B. पुराण कथा का आधुनिक उपयोग जगदीशचंद्र माथुर के 'पहला राजा' में अत्यंत सर्जनात्मक रूप में हुआ है।
C. प्रसाद का अंतिम नाटक 'स्कन्दगुप्त' है।
D. प्रसाद का नाटक 'धुवस्वामिनी' और भुवनेश्वर का नाटक 'प्रतिभा का विवाह' एक ही वर्ष में प्रकाशित हुए।
E. भुवनेश्वर के नाटकों में प्रेम-संबंधों की पवित्रता एवं कोमलता तथा प्रसाद में प्रेम संबंधी मान्यताओं का सहज तिरस्कार मिलता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B और D
Solution:नाटक और रंगमंच से संबंधित निम्नलिखित तथ्य हैं-
• उपेन्द्रनाथ 'अश्क' का नाटक 'कैद' काफी मंचित हुआ, जिसके परिवर्द्धित नवीन रूप को बाद में लौटता हुआ दिन के नाम से प्रस्तुत किया गया।
बच्चन सिंह के अनुसार 'अश्क' पहले नाटककार हैं, जिन्होंने हिंदी नाटक को रंगमंच से सम्बद्ध किया और उसे रोमांस के कठघरे से निकालकर आधुनिक भाव बोध के साथ जोड़ा।
• पुराण कथा का आधुनिक उपयोग जगदीशचंद्र माथुर के 'पहला राजा' (1969 ई.), अत्यंत सर्जनात्मक रूप में हुआ है। इस नाटक के संदर्भ में लेखक की उक्ति है, "यह नाटक न पौराणिक है, न ऐतिहासिक, न यथार्थवादी है। यह तो एक 'माडन एलिगोरी' आधुनिक अन्योक्ति का मंचीय रूप है।
• जयशंकर प्रसाद का नाटक 'ध्रुवस्वामिनी' और भुवनेश्वर का नाटक 'प्रतिभा का विवाह' यह दोनों नाटक एक ही वर्ष 1933 ई. में प्रकाशित हुए।
प्रसाद का प्रथम नाटक 'सज्जन' (1910 ई.) तथा अन्तिम नाटक ध्रुवस्वामिनी' (1933 ई.) है। इनके अन्य नाटक कल्याणी परिणय (1912 ई.), विशाख (1921 ई.), अजातशत्रु (1922 ई.), जनमेजय का नागयज्ञ (1926 ई.), कामना (1927 ई.), स्कन्दगुप्त (1928 ई.), चन्द्रगुप्त (1931 ई.)।

46. रिपोर्ताज से सम्बंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

A. अंग्रेजी शब्द 'रिपोर्ट' का समानार्थी शब्द 'रिपोर्ताज' है।
B. इस रचना विधा का प्रादुर्भाव प्रथम विश्व युद्ध के समय हुआ था।
C. इलिया एहरेनबुर्ग ने रिपोर्ताज के कुशल लेखक के रूप में सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त की।
D. हिंदी में रिपोर्ताज लेखन की परंपरा शिवदान सिंह चौहान की रचना 'लक्ष्मीपुरा' रूपाभ, दिसंबर 1938 से आरंभ हुई।
E. बंगाल के दुर्भिक्ष तथा महामारी के संदर्भ में रांगेय राघव द्वारा 'बंग समाचार' के लिए लिखित रिपोर्ताज भी अपनी मार्मिकता के लिए प्रसिद्ध है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:

रिपोर्ताज से संबंधित निम्नलिखित कथन सत्य हैं-
• अंग्रेजी शब्द 'रिपोर्ट' का समानार्थी शब्द 'रिपोर्ताज' है।
• इलिया एहरेनबुर्ग ने रिपोर्ताज के कुशल लेखक के रूप में  सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त की।
हिंदी में रिपोर्ताज लेखन की परंपरा शिवदान सिंह चौहान की रचना 'लक्ष्मीपुरा' रूपाभ, दिसम्बर, 1938 ई.से आरंभ हुई।
• बंगाल के दुर्भिक्ष तथा महामारी के संदर्भ में रांगेय राघव द्वारा तूफानों के बीच (1941 ई.) लिखित रिपोर्ताज अपनी मार्मिकता के लिए प्रसिद्ध है।
• 'रिपोर्ताज' फ्रांसीसी शब्द है। गद्य विधा के रूप में इसका आविर्भाव द्वितीय विश्व युद्ध के आस-पास हुआ।
• रिपोर्ताज शैली में चंड़ी प्रसाद सिंह लिखित 'युवराज की यात्रा' (1897 ई.), प्रिंस ऑफ वेल्स की भारत यात्रा का विस्तृत और व्यौरेवार वर्णन है।

47. निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए सही कथन चुनिए

A. नयी समीक्षा काव्य के निरपेक्ष अस्तित्व को स्वीकार करती है।
B. नयी समीक्षा का आरम्भ 19वीं सदी में ब्रिटेन में हुआ। इस नाम का सर्वप्रथम प्रयोग एलेन टेट ने किया।
C. इलियट का मत है कि केवल अतीत ही वर्तमान के रूप को मर्यादित नहीं करता वर्तमान भी अतीत को प्रभावित करता है।
D. इलियट के अनुसार कवि का मन असंख्य भावनाओं, पदावलियों, बिंबों के ग्रहण एवं संचयन से निमित्त एक आधान पात्र की भाँति होता है।
E. वसवर्थ ने कविता में भावना के स्थान पर कथानक का महत्व स्थापित किया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए सही कथन इस प्रकार हैं-
• नयी समीक्षा काव्य के निरपेक्ष अस्तित्व को स्वीकार करती है।
• इलियट का मत है कि केवल अतीत ही वर्तमान के रूप को मर्यादित नहीं करता वर्तमान भी अतीत को प्रभावित करता है।
• इलियट के अनुसार कवि का मन असंख्य भावनाओं, पदावलियों, बिंबो के ग्रहण एवं संचयन के निमित्त एक आधान पात्र की भाँति होता है।
• नयी समीक्षा का आरंभ 20वीं सदी में कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रो. स्पिनगर्ग ने किया था।
• 'न्यू क्रिटिसिज्म' शब्द की सर्वप्रथम परिभाषा जॉन क्रो रैन्सम ने अपनी पुस्तक 'दि न्यू क्रिटिसिज्म' (1941ई.) की भूमिका में दी।
• आलोचना के क्षेत्र में 'न्यू क्रिटिसिज्म' का सूत्रपात टी.एस. इलियट और आई.ए. रिचर्ड्स से माना जाता है।
• वसवर्थ ने कविता को परिभाषित करते हुए लिखा है- “कविता प्रबल भावों का सहज उच्छलन है।"

48. बिंब और प्रतीक पर आधारित इन कथनों पर विचार कीजिए:

A. बिंब केवल संकेत करता है जबकि प्रतीक उसे प्रत्यक्ष या संवेद्य और ग्राह्य बना देता है।
B. बिंब किसी अप्रस्तुत वस्तु का मानसिक या काल्पनिक रूपहै।
C. अर्थ की स्पष्टता के समान ही, भाव की सम्प्रेषणा एवं उत्तेजना में बिंब विधान का मुख्य हाथ रहता है।
D. विभिन्न संवेदनाओं के बीच चुनाव करने की प्रक्रिया का ज्ञान प्रतीक विधान में संभव नहीं है। E. प्रतीक द्वारा प्रायः सूक्ष्म एवं विशिष्ट अनुभूतियों को सहज ग्राह्य बनाने का प्रयत्न किया जाता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B, C और E
Solution:बिंब और प्रतीक पर आधारित उपयुक्त कथन निम्नलिखित हैं-
• बिंब किसी अप्रस्तुत वस्तु का मानसिक या काल्पनिक रूप है।
• अर्थ की स्पष्टता के समान ही, भाव की सम्प्रेषणा एवं उत्तेजना में बिंब विधान का मुख्य हाथ रहता है।
• प्रतीक द्वारा प्रायः सूक्ष्म एवं विशिष्ट अनुभूतियों को सहज ग्राह्य बनाने का प्रयत्न किया जाता है। • प्रतीकवाद वास्तव में आन्तरिक घनीभूत अनुभूति को विशिष्ट भंगिमा के साथ संकेतात्मक अभिव्यक्ति पर बल देने वाली विचार धारा थी।
• वस्तु, व्यक्ति, भाव, विचार, रूप, गुण आदि को इन्द्रिय गोचर या हृदयंगम बनाने के लिए जो स्पष्ट सम्प्रेषण अप्रस्तुत विधान के उपयोग की प्रणाली है।

49. फोर्ट विलियम कॉलेज के संबंध में निम्न में से कौन से कथन सत्य हैं?

A. फोर्ट विलियम कॉलेज की ओर से उर्दू हिन्दी गद्य पुस्तकें लिखने की व्यवस्था हुई।
B. इंग्लैंड के एक इतिहास का और मार्शमेन साहब के प्राचीन इतिहास का अनुवाद 'कथासार' नाम से प्रकाशित हुआ।
C. जॉन गिलक्राइस्ट हिंदी उर्दू के अध्यापक थे।
D. विलियम केरे और अन्य पादरियों के उद्योग से इंजील का अनुवाद हुआ।
E. सदल मिश्र ने कॉलेज से जुड़कर खड़ी बोली गद्य के विकास में योगदान दिया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, C और E
Solution:फोर्ट विलियम कालेज के संबंध में निम्न कथन सत्य हैं-
• फोर्ट विलियम कालेज की ओर से उर्दू-हिंदी गद्य पुस्तकें लिखने की व्यवस्था हुई।
जॉन गिलक्राइस्ट हिंदी उर्दू के अध्यापक थे।
• सदल मिश्र ने कॉलेज से जुड़कर खड़ी बोली गद्य के विकास में योगदान दिया।
• शिक्षा संबंधी पुस्तकों के प्रकाशन के लिए आगरा में पादरियों की एक 'स्कूल बुक सोसाइटी' स्थापित हुई थी। जिसमें इंग्लैंड के एक इतिहास का और मार्शमैन साहब के प्राचीन इतिहास का अनुवाद 'कथासार' के नाम से प्रकाशित किया गया। कथासार के लेखक या अनुवादक पं. रतन लाल थे।
• विलियम केरे ने बाइबिल का हिन्दी अनुवाद किया। इनका संबंध फोर्ट विलियम कालेज से नहीं था परंतु इन्होंने कई पादरियों के सहयोग से 'इंजील' का अनुवाद उत्तर भारत की कई भाषाओं में किया।

50. राममोहन राय के संबंध में निम्नलिखित में से उपयुक्त कथन कौन से हैं?

A. वे बहु देववादी कर्मकांडों के समर्थक थे।
B. वे भारत में राष्ट्रीय पत्रकारिता के संस्थापक थे।
C. वे ईसाई धर्म की नैतिक प्रणाली से प्रभावित थे।
D. वे स्वयं को वेदांती मानते थे।
E. वे मूलतः युक्तिवादी और नैतिकतावादी धर्मानुयायी बने रहे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, C और E
Solution:राम मोहन राय के संबंध में उपयुक्त कथन निम्नलिखित  हैं -
• वे भातर में राष्ट्रीय पत्रकारिता के संस्थापक थे।
• वे ईसाई धर्म की नैतिक प्रणाली से प्रभावित थे।
• वे मूलतः युक्तिवादी और नैतिकतावादी धर्मानुयायी बने रहे।
• आधुनिक भारत की नींव पर पहला पत्थर राजा राम मोहन राय ने रखा। इसी के सन्दर्भ में ही उन्होंने 1828 ई. में ब्रह्म समाज की स्थापना की।