NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

51. 'सरोज स्मृति' कविता में कवि ने सरोज के लिए कौनकौन से संबोधन प्रयुक्त किए हैं:

A. धन्ये
B.शुभे
C. शुचिते
D. मुक्ते
E. गीते
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C और E
Solution:सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला कृत 'सरोज स्मृति' कविता में निराला ने पुत्री 'सरोज' के लिए 'धन्ये,' 'शुचिते' तथा 'गीते' शब्द से संबोधन प्रयुक्त किया है। निराला ने 1935 ई. में सरोज स्मृति नामक लम्बी कविता की रचना की जिसे शोकगीत भी कहते हैं। इस शोक गीत की रचना निराला ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री सरोज के निधन के उपरांत की थी। 'सरोज स्मृति' प्रथम काव्य संग्रह 'अनामिका' के द्वितीय संस्करण (1938 ई.) में संकलित है। अनामिका में संकलित अन्य कविताएं- सम्राट एडवर्ड के प्रति, प्रेयसी, राम की शक्ति पूजा, रेखा, तोड़ती पत्थर, 'सच है' है।

52. 'भारत भारती' के वर्तमान खण्ड में निम्नलिखित में से किन उपशीर्षकों का वर्णन है:

A. अंग्रेजों का राज
B. कृषि और कृषक
C. शिक्षा की अवस्था
D.स्वतंत्रता की कामना
E. दुर्भिक्ष
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B,C और E
Solution:भारत-भारती के वर्तमान खण्ड में निम्नलिखित उपशीर्षकों का वर्णन है जो इस प्रकार हैं -
  •  कृषि और कृषक
  • शिक्षा की अवस्था
  • दुर्भिक्ष
  • वर्तमान भारत
  • गो-वध
  • साहित्य
  • मन्दिर और महन्त आदि।
  • भारत-भारती (1912 ई.) मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित काव्य है।
  • भारत-भारती लिखने पर महात्मा गाँधी ने इन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि दी।
  • गुप्त जी को इस रचना की मूल प्रेरणा 'मुसद्दसे हाली' तथा ब्रजमोहन दत्तात्रेय कैफी कृत 'भारत-दर्पण' पुस्तक से प्राप्त हुई।
    'भारत-भारती' में तीन खण्ड हैं-

(1) अतीत खण्ड
(2) वर्तमान खण्ड
(3) भविष्यत् खण्ड
गुप्त जी की अन्य रचनाएं  - रंग में भंग (1909 ई.), जयद्रथ वध (1910 ई.), पंचवटी (1925 ई.), झंकार (1929 ई.), साकेत (1931 ई.), यशोधरा (1932 ई.), द्वापर (1936 ई.), जय भारत (1952 ई.),विष्णु प्रिया (1957 ई.) आदि।

53. 'भूल गलती' कविता में किन ऐतिहासिक व्यक्तियों का उल्लेख हुआ है?

A. बदायूँनी
B. इब्र बतूता
C. अलगजाली
D. इब्रे सीना
E. अलबरूनी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल C, D और E
Solution:'भूल गलती' कविता में निम्नलिखित व्यक्तियों का उल्लेख हुआ है- अलगजाली, इब्ने सीना, अलबरूनी।
गजानन माधव 'मुक्तिबोध' की रचनाएं - चाँद का मुँह टेढ़ा है, (1964 ई.), भूरी भूरी खाक धूल (1980 ई.), अंधेरे में, ब्रह्म राक्षस, अंतःकरण का आयतन, भूल गलती।
• 'भूल गलती' नामक कविता उनके काव्य संग्रह 'चाँद का मुँह टेढा' में 1964 ई.में प्रकाशित हुई। • 'अंधेरे में' कविता का पहला प्रकाशन 'कल्पना' में 1964 ई. में 'आशंका के द्वीपः अंधेरे में' नाम से हुआ।

54. 'मानस का हंस' उपन्यास के पात्र हैं:

A. सुमिरत दास
B.अब्दुल्ला बेग
C. मोहिनी बाई
D. मेघा भगत
E. इकबाल सिंह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल B, C और D
Solution:

मानस का हंस उपन्यास के पात्र- अब्दुल्ला बेग, मोहिनी बाई, मेधा भगत, पण्डित आत्माराम, भैरोसिंह, रतना आदि। 'मानस का हंस' (1972 ई.) अमृतलाल नागर द्वारा रचित प्रसिद्ध उपन्यास है। यह गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर लिखा गया है।
इनके अन्य उपन्यास - महाकाल (1947 ई.), सेठ बांकेलाल (1955 ई.), बूँद और समुद्र (1956 ई.), शतरंज के मोहरे (1959 ई.), सुहाग के नुपूर (1960 ई.), अमृत और विष (1966 ई.), नाच्यौ बहुत गोपाल (1978 ई.), खंजन नयन (1981 ई.) आदि।
"मैला आँचल" (1954 ई.) फणीश्वरनाथ रेणु का आंचलिक उपन्यास है। जिसमें पूर्णिया जिले के मेरीगंज गाँव की कथा है।
मैला आँचल के प्रमुख पात्र - सुमिरत दास, डॉ. प्रशान्त, कमली, बावनदास, बलदेव, लक्ष्मी और तहसीलदार विश्वनाथ आदि।
• 'तमस' (1973 ई.) भीष्म साहनी का उपन्यास है। यह भारत विभाजन की साम्प्रदायिक विभीषिका पर आधारित है।
तमस उपन्यास के प्रमुख पात्र - 'इकबाल सिंह' रिचर्ड, लीजा, देवदत्त, जनरैल, अजीत सिंह, मास्टर रामदास आदि।

55. 'झूठा सच' उपन्यास की स्त्री-पात्र हैं:

A. मोहनी
B. पूरन देई
C. लक्ष्मी
D. शीलो
E. बंती
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, D और E
Solution:पूरन देई, शीलो तथा बंती 'झूठासच' उपन्यास की स्त्री-पात्र हैं।
यशपाल कृत, 'झूठा सच' उपन्यास दो भाग में प्रकाशित हुआ। जिसका प्रथम भाग- 1958 ई. में तथा द्वितीय भाग 1960 ई. में प्रकाशित हुआ।
इसके प्रमुख पात्र - जयदेवपुरी, तारा, कनक आदि।
यशपाल के अन्य उपन्यास - दादा कामरेड (1941 ई.), देशद्रोही (1943 ई.), दिव्या (1945 ई.), पार्टी कामरेड (1946 ई.), अप्सरा का श्राप (1965 ई.), मेरी तेरी उसकी बात (1974 ई.) आदि।

56. 'आपका बंटी' उपन्यास के बाल-पात्र हैं

A. उजागिर
B. जोत
C. अमी
D. टीटू
E. सुमेर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, C और D
Solution:

जोत, अमी और टीटू, 'आपका बंटी' उपन्यास के बाल पात्र हैं। 'आपका बंटी' (1971 ई) मन्नू भण्डारी का उपन्यास है। इसकी विषय वस्तु के माध्यम से दिखाया गया है कि कैसे एक मध्यमवर्गीय परिवार में संबंध विच्छेद की स्थिति एक बच्चे की दुनिया का भयावह दुःस्वप्न बन जाती है।
इस उपन्यास के अन्य प्रमुख पात्र- बंटी, शकुन (माता), अजय (पिता), डॉ. जोशी, वकील चाचा, मीरा आदि हैं।
मन्नू भण्डारी का एक अन्य उपन्यास है- 'महाभोज' जिसका प्रकाशन वर्ष 1979 ई. है। इस उपन्यास में अपराध और राजनीति के गठजोड़ का यथार्थवादी चित्रण किया गया है।
इस उपन्यास के प्रमुख पात्र- बिसेसर, हीरा, रुक्मा, दा साहब, सदाशिव अत्रे, जोरावर, सुकुल बाबू आदि।

57. 'इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर' के संदर्भ में विचार कीजिए:

A. मातादीन चाँद पर फरार अपराधी को पकड़ने गए थे।
B. मातादीन को, चाँद से एड़ी चमकाने का पत्थर लाने का आदेश प्राप्त हुआ।
C. मातादीन ने कहा 'हमारा सिद्धांत है हमें पैसा नहीं काम प्यारा है।'
D. चाँद पर मातादीन का सार्वजनिक अभिनंदन हुआ।
E. मातादीन ने चाँद की पुलिस की तनख्वाह तीन गुनी कर दी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) केवल B, C और D
Solution:

इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर के संदर्भ में निम्नलिखित कथन सत्य हैं-
• मातादीन को, चाँद से एड़ी चमकाने का पत्थर लाने का आदेश प्राप्त हुआ।
• मातादीन ने कहा- 'हमारा सिद्धान्त है हमें पैसा नहीं काम प्यारा है।'
• चाँद पर मातादीन का सार्वजनिक अभिनंदन हुआ।
• मातादीन चाँद पर भारत की तरफ से सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत गए थे।
• मातादीन ने चाँद की पुलिस की तनख्वाह कम करा दी। 'इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर' हरिशंकर परसाई की कहानी है। इनके कहानी संग्रह हँसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे, भोलाराम का जीव ।

58. निम्नांकित कथनों के संदर्भ में विचार कीजिए -

A. अपना-अपना भाग्य कहानी पति से बिछुड़ी हुई स्त्री की आपबीती के रूप में चित्रित है।
B. 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी में एक असहाय विधवा के स्वाभिमान को अभिव्यक्ति मिली है।
C. 'दुलाईवाली' कहानी पर्दा प्रथा की विसंगति पर आधारित है।
D. 'राही' कहानी गाँव और शहर के संघर्ष पर केंद्रित है।
E. 'कानों में कंगना' तत्कालीन सामंती परिवेश में पत्नी और वेश्या के प्रति प्रेम की टकराहट पर आधारित एक भावुकतापूर्ण कहानी है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B,C और E
Solution:दिए गए विकल्पों में निम्नलिखित कथन सही है-
• 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी में एक असहाय विधवा के स्वाभिमान को अभिव्यक्ति मिली है। 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी के लेखक 'माधव राव सप्रे' है। यह कहानी 1901 ई. में 'छत्तीसगढ़ मित्र' पत्रिका में प्रकाशित हुई।
• 'दुलाई वाली' कहानी पर्दा प्रथा की विसंगति पर आधारित है। 'दुलाई वाली' राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) की कहानी है। इसका प्रकाशन 'सरस्वती पत्रिका' 1907 ई.में हुआ था।
• 'कानों में कंगना' तत्कालीन सामंती परिवेश में पत्नी और वेश्या के प्रति प्रेम की टकराहट पर आधारित एक भावुकतापूर्ण कहानी है।
• 'कानों में कंगना' राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह द्वारा रचित कहानी है, जिसका प्रकाशन 1913 ई. में इंदु पत्रिका में हुआ।
इनकी अन्य कहानियाँ- गाँधी टोपी (1938 ई.), सावनी सम (1938 ई.), नारी क्या एक पहेली ? (1951 ई.), हवेली और झोपड़ी (1951 ई.), देव और दानव (1951 ई.) इत्यादि।
• 'अपना-अपना भाग्य' जैनेद्र कुमार द्वारा रचित कहानी है। इसका प्रकाशन 1929 ई. में कलकत्ता से निकलने वाली 'विशाल भारत' पत्रिका में हुआ।
जैनेन्द्र के प्रमुख कहानी संग्रह- फाँसी (1929 ई.), जयसंधि (1929) ई., वातायन (1930 ई.), नीलम देश की राजकन्या (1933 ई.), एक रात (1935 ई.), दो चिड़ियाँ (1935 ई.), पाजेब (1942 ई.)।
'अपना-अपना भाग्य' कहानी की विषय वस्तु समाज में रहने वाले गरीब और लाचार बालकों का शोषण और तथाकथित बुद्धिजीवियों द्वारा उपेक्षापूर्ण, उदासीनता एवं उनके स्वार्थ को उजागर करना है। 'राही' कहानी का प्रकाशन कहानी संग्रह सीधे-साधे चित्र (1947 ई.) में हुआ है।

59. 'अंधेर नगरी' नाटक के सम्बंध में निम्नलिखित पर विचार कीजिए

A. महंत जी,गोबरधनदास और नारायणदास के गुरु हैं।
B. 'अंधेर नगरी' के पहले अंक का स्थान 'बाज़ार' है।
C. 'अंधेर नगरी' का प्रकाशन सन् 1881 ई. में हुआ।
D. इसके तीसरे अंक का स्थान 'जंगल' है।
E. इसके पाँचवे अंक का स्थान 'श्मशान' है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:'अंधेर नगरी' नाटक के संबंध में निम्नलिखित कथन सत्य हैं-
• महंत जी, गोबरधनदास और नारायणदास के गुरु हैं।
• 'अंधेर नगरी' का प्रकाशन सन् 1881 ई.में हुआ।
• इसके तीसरे अंक का स्थान जंगल है।
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित नाटक 'अंधेर नगरी' 1881 ई. में प्रकाशित हुआ। इस प्रहसन में 6 अंक हैं-
(i) बाह्य प्रान्त (ii) बाजार
(iii) जंगल (iv) राज्यसभा
(v) आरण्य (vi) श्मशान
भारतेन्दु के अन्य नाटक - वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873 ई.), विषस्य विषमौषधम (1876 ई.), प्रेम जोगिनी (1875 ई.), चन्द्रावली (1876 ई.), भारत-दुर्दशा (1880 ई.), नीलदेवी (1881 ई.), सती प्रताप (1883 ई.)।

60. 'भारत दुर्दशा' नाटक के संबंध में निम्नलिखित बातों पर विचार कीजिए:

A. 'भारत के भुजबल जग रक्षित। भारत विद्या लहि जग सिच्छित' - यह पंक्ति नाटक के पाँचवे अंक की है।
B. 'भारत दुर्दशा' नाटक का प्रकाशन सन् 1880 ई. में हुआ।
C. इसके पाँचवे अंक का स्थान 'गंभीर वन मध्यभाग' है।
D. 'जागो जागो रे भाई' गीत को राग चैती गौरी में प्रस्तुत करने का निर्देश नाटककार द्वारा दिया गया है।
E. 'भारत दुर्दशा' नाटक को भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने 'नाट्यरासक' की संज्ञा दी है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, D और E
Solution:'भारत दुर्दशा' नाटक के संबंध में निम्नलिखित बातें सत्य हैं-
• भारत-दुर्दशा नाटक का प्रकाशन 1880 ई.में हुआ।
• 'जागो जागो रे भाई' गीत को राग चैती गौरी में प्रस्तुत करने का निर्देश नाटककार द्वारा दिया गया है।
• 'भारत दुर्दशा' नाटक को भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने 'नाट्य रासक' की संज्ञा दी है।
भारतेन्दु द्वारा रचित 'भारत दुर्दशा' नाटक में छः अंक हैं।
(i) वीथी (एक योगी गाता है)
(ii) श्मशान, टूटे-फूटे मंदिर (भारत का प्रवेश)
(iii) मैदान (भारत दुर्दैव का प्रवेश)
(iv) रोग का प्रवेश
(v) किताब खाना
(vi) गंभीर वन का मध्यभाग (भारत भाग्य का प्रवेश)