NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – I)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित पैराग्राफ को पढ़ें और उसके बाद दिए गए पाँच प्रश्नों के उत्तर दें:

पूर्व दत्त भुगतान माध्यम के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यू पी आई) के साथ अंतः प्रचालित संबंधी मार्ग दर्शन डिजिटल वॉलेट को और अधिक व्यवहारिक बनाता है। यू पी आई के माध्यम से वर्धित शुल्क रहित लेन-देन भुगतान बैंक ग्राहकों और व्यापारियों के लिए वॉलेट की स्वीकार्यता में विस्तार कर सकता है।
यह मुख्यतः यू पी आई की व्यवहार्यता परस्पर समान स्तर पर जो एक बैंक से दूसरे बैंक में मध्य लागत रहित भुगतान और बैंक से व्यापारी के मध्य लेनदेन को बढ़ाता है।
यू पी आई के माध्यम से तेजी बढ़ते हुए लेन-देन के अवसर को ध्यान में रखकर ग्राहकों के व्यवहार जो उनके बैंक खातों से शून्य शुल्क से निर्धारित होता है।
अपने अस्तित्व के लिए भुगतानकर्ता बैंक जो जमा राशि स्वीकार कर सकता है परन्तु उन्हें ऋण देने की मनाही है उन्हें यू पी आई इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है। उन्हें यू पी आई इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है। उन्हें एक भिन्न व्यावसायिक इकाई बनने की आवश्यकता है जिसके अंतर्गत उन्हें पूर्ण सेवा बैंक का लाभ मिलता हो।ऐसे प्रयोग से यू पी आई को विस्तार मिलेगा और इससे परस्पर देशों के सीमा पार से प्रेषित धन के तौर पर विविधीकरण होगा, ग्राहकों को रू-पे क्रेडिट कार्ड के माध्यम से विदेशी पर्यटकों को मुद्रा विनिमय द्वारा राशि दी जा सकेगी और स्थायी निर्देश का उपयोग कर बिलों के भुगतान में वृद्धि होगी।
यू पी आई का डिजिटल रुपये के साथ एकीकृत होना होगा जिसका परीक्षण खुदरा एवं थोक लेन-देन के सन्दर्भ में चल रहा है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म स्पर्श रहित पेमेंट्स के बुनियादी ढाँचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता रहेगा।
इसमें डिजिटल लेन-देन जैसे बिलिंग और क्रेडिट प्रोफाइलिंग के लिए अतिरिक्त यू पी आई कांटेक्टलेस (संसर्ग रहित) सुविधा शामिल है। आरंभिक आशावादी अपेक्षाओं को पार कर गया। लेकिन सिद्धांततः व्यापारी छूट दर में दी गई रियायतों के कारण हुआ है। अगले चरण में व्यापार करने के लिए यू पी आई समाधान देने का कार्य करेगा। इसे कभी न कभी ऋण देने संबंधी व्यवस्था को भी अपने क्रिया कलाप में शामिल करना होगा ताकि यह वाणिज्य का व्यापक माध्यम बन सकें।
बुनियादी ढाँचा में फिटनेस को प्रोत्साहित करना होगा जिससे वित्त के क्षेत्र में नवाचार संभव हो। पेमेंट बैंकों का डिजिटल लेन-देन के साथ सुदृढ़ सह संबंध है। यह निर्माण हो रहे तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यू पी आई दिशा निर्देश के अंतः प्रचालनीयता इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाता है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में
अभिकथन A: भुगतानकर्ता बैंक, जो जमा स्वीकार कर सकता है लेकिन ऋण नहीं दे सकता, को उसे यूपीआई इकोसिस्टम का हिस्सा बनाए जाने की आवश्यकता है।
कारण R : यूपीआई के माध्यम से लेन-देन पर वर्धित शुल्क भुगतानकर्ता बैंक ग्राहकों तथा व्यापारियों के बीच वॉलेट की स्वीकृति को बढ़ा सकता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) A और R दोनों सही है और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:

अभिकथन A: भुगतानकर्ता बैंक, जो जमा स्वीकार कर सकता है लेकिन ऋण नहीं दे सकता, को उसे यूपीआई इकोसिस्टम का हिस्सा बनाए जाने की आवश्यकता है। अतः अभिकथन (A) सही है।
कारण R : यूपीआई के माध्यम से लेन-देन पर वर्धित शुल्क भुगतानकर्ता बैंक ग्राहकों तथा व्यापारियों के बीच वॉलेट की स्वीकृति को बढ़ा सकता है। अतः कारण (R) भी सही है और (R,A) की सही व्याख्या है।

92. निम्नलिखित में कौन प्रयोग में लाए गए तरीकों से भुगतानकर्ता बैंकों के विकास अपेक्षित है :

A. डिजिटल रुपये के साथ यू पी आई का एकीकरण
B. डिजिटल लेन-देन से पेमेंट बैंकों का विस्थापन
C. सीमा पार प्रेषण को यू पी आई सुविधा
D. स्पर्शरहित पेमेंट आधारभूत ढाँचा से सुरक्षित दूरी
E. रू पे क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उपभोक्ता को ऋण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A, C और E
Solution:

उपरोक्त गंद्याश के तहत यह प्रतीत होता है कि

  • डिजिटल रुपये के साथ यू पी आई का एकीकरण
  • सीमा पार प्रेषण को यू पी आई सुविधा
  • रू-पे क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उपभोक्ता को ऋण इन सभी के प्रयोग में लाए गए तरीको से भुगतान कर्ता बैंको के विकास अपेक्षित है।

93. गंद्याश के अनुसार स्पर्शरहित (कांटेक्टलेस) भुगतान संबंधी आधारभूत ढाँचा फिनटेक को कैसे सशक्त करेगा :

Correct Answer: (b) वित्त में नवाचार से
Solution:

उपरोक्त गंद्याश के अनुसार यह प्रतीत होता है की स्पर्शरहित (कांटेक्टलेस) भुगतान संबंधी आधार भूत ढाँचा फिनटेक को 'वित्त में नवाचार से' सशक्त करेगा।

94. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन I: आरंभिक यू पी आई अंगीकरण आशावादी अपेक्षाओं को व्यापारी छूट दर में रियायत दिए जाने के कारण पार कर गया है।
कथन II: यू पी आई का भावी विकास व्यापार करने के लिए समाधान उपलब्ध कराना और वाणिज्य का माध्यम बनने पर होगा।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं
Solution:

कथन I : आरंभिक यू पी आई अंगीकरण आशावादी अपेक्षाओं को व्यापारी छूट दर में रियायत दिए जाने के कारण पार कर गया है। कथन सही है।
कथन II: यू पी आई का भावी विकास व्यापार करने के लिए समाधान उपलब्ध कराना और वाणिज्य का माध्यम बनने पर होगा। अतः कथन II भी सही है।

95. उपरोक्त गद्यांश के अनुसार भुगतानकर्ता बैंकों को अपने लिए विशिष्ट व्यावसायिक इकाई बनाने की क्या आवश्यकता है?

Correct Answer: (b) क्योंकि भुगतानकर्ता बैंकों की पूर्ण सेवा बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा है।
Solution:

उपरोक्त गंद्याश के अनुसार यह प्रतीत होता है की भुगतानकर्ता बैंको को अपने लिए विशिष्ट व्यावसायिक इकाई बनाने की आवश्यकता है, क्योंकि भुगतानकर्ता बैंको की पूर्ण सेवा बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा है।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

द्वितीयक बाजारों में अप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लोक्ड अमाउंट (ए एस बी ए) जैसी प्रस्तावित सुविधा में उनकी आय क्षमता को बढ़ाते हुए निवेशकों को सुरक्षित करने के तत्व पाए जाते हैं। मौजूदा समय में प्राथमिक बाजार में यह इस प्रकार कार्य करता है कि मुद्रा निवेशकों के खाते में निरुद्ध रहता है और अर्जित व्याज पाता है जव तक आरम्भिक सार्वजनिक निर्गमन (आई पी ओ) के जारीकर्ता अभिदान स्वीकार करते हैं।
द्वितीयक बाजारों के लिए इसको दोहराना (प्रतिकृति) इसमें शामिल पक्षों की संख्या के साथ-साथ संव्यवहार के प्रकारों के कारण अधिक जटिल है। द्वितीयक बाजार में विविध प्रत्याभूतियों के लिए उत्तोलन सहित उत्तोलन के बिना निवेशक विभिन्न कालावधियों में विभिन्न प्रकार के क्रमादेश देता है। ए एस बी ए जैसे तन्त्र के लिए इन सभी चरों का समावेश करते हुए अति सक्रिय वातावरण में प्रतिपक्षों के साथ एस्क्रो अरेंजमेंट शामिल है।
तकनीकी चुनौतियाँ विचारणीय हो सकती है किन्तु अजेय नहीं हो सकती हैं। इस क्रम में भारतीय प्रत्याभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) निवेशकों के लिए ऐसा ढाँचा प्रदान करने के प्रयास की सही दिशा में है।
यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यू पी आई) व्यापार हेतु प्रयुक्त मुद्रा को सीधे तौर पर समाशोधन निगमों को हस्तांतरित करने की अनुमति प्रदान करता है, जिसका दलालों के साथ समाधान किया जा सकता है। यह ब्रोकर डिफाल्ट के मामले में, दलालों के साथ व्यर्थ मुद्रा प्रवाह व धन के दुरुपयोग को कम करता है तथा गिरावट को रोकता है।
मध्यवर्तियों के सामूहिक खातों से बचाते हुए सीधे तौर पर समाधान का मार्ग भी प्रस्तावित करता है। सेबी ने निवेशकों के रोकड़ के साथ-साथ उनकी प्रत्याभूतियों की सुरक्षा के नियामक के रूप कार्य किया है। में सेबी ने दलालों को राहत प्रदान की है जो समाशोधन निगमों (क्लियरिंग कॉर्पोरेशन) के लिए ग्राहक की मुद्रा की धारा प्रतिकूलता के कारण फ्लोट आय खोने की कगार पर खड़े हैं।
आवधिक जमा धारणाधिकार या म्यूचुअल फंड इकाई के स्वरूप में धारा प्रतिकूल ग्राहक फंडों निवेशों के लिए दलालों को अधिकृत किया गया है। इसके लिए मध्यस्थता शुल्क कम रखना चाहिए जबकि बाजार नियामक ब्रोकर चैनल के माध्यम से निधि समाशोधन के लिए प्रणाली को सचेत कर देता है।
प्रणालीगत भूल-चूक ठीक करने के लिए फ्लोट आय द्वारा जिसे सहायता प्राप्त है उनके संबंध उच्च दलाली शुल्क का अधिरोपण एक प्रकार का सुधार है। इससे छूट प्रदान करने वालों के रूप में प्रचलित दलाली के लाभों को समाप्त करने पर संकेंद्रित किया जा सकता है।
गद्यांश में प्रयुक्त अप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट (ए एस बी ए) किस बाजार से संबंधित है?

Correct Answer: (b) द्वितीयक बाजार
Solution:

उपरोक्त गद्यांश के अनुसार प्रयुक्त अप्लीकेशन सपोर्टड बाई ब्लॉक्ड अमांउट (ए.एस.बी.ए) द्वितीयक बाजार से सम्बन्धित है।

97. सेबी ने निवेशकों को रोकड़ एवं_______के संरक्षण के लिए नियामक के रूप में कार्य किया है :

Correct Answer: (a) प्रत्याभूतियों
Solution:

उपरोक्त गद्यांश के अनुसार यह प्रतीत होता है की सेबी ने निवेशको को रोकड़ एवं प्रत्याभूतियों के संरक्षण के लिए नियामक के रूप में कार्य किया हैं।

98. द्वितीयक जटिल बाजार हेतु ए बी एस ए की अनुकृति बनाने के कारण कौन-कौन से हैं?

A. लेन-देन के प्रकार
B. ब्रोकरों की अधिक संख्या में उपस्थिति
C. सेबी (एसईबीआई) मार्गदर्शिका की अप्रयुक्तता
D. पक्षकारों के संख्या
E. कालावधि में भिन्नता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A और D
Solution:

उपरोक्त गद्यांश के अनुसार द्वितीयक बाजार हेतु ए. बी. एस.ए की अनुकृति बनाने के कारण लेन-देन के प्रकार और पक्षकारों की संख्या है।

99. व्यापार हेतु मुद्रा का हस्तांतरण सीधे तौर पर समाशोधन निगम (क्लियरिंग कॉर्पोरेशन) को निम्नलिखित द्वारा करने की अनुमति होती है -

Correct Answer: (b) यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस
Solution:

उपरोक्त गद्यांश के अनुसार यह प्रतीत होता है। कि व्यापार हेतु मुद्रा का हस्तांतरण सीधे तौर पर समाशोधन निगम (क्लियरिंग कॉर्पोरेशन) 'यूनीफाइड पेमेंट्स इंटर फेस' के द्वारा करने की अनुमति होती है।

100. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में

अभिकथन A: सेबी (एस ई बी आई) ने ऐसे ब्रोकरेज (दलाली) को राहत दिया है जो ग्राहक मुद्रा से समाशोधन नियमन के प्रतिकूल प्रवाह वाले लेखा पर फ्लोट (प्रवर्तन) आय खोने की स्थिति में हैं।
कारण R : ब्रोकरेज (दलाली) को आवधिक जमा प्रतिधारण या म्यूचुअल फंड इकाइयों के रूप में ग्राहक की निधि को धारा प्रतिकूल करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
उपरोंक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही है और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

अभिकथन A: सेबी (एस ई बी आई) ने ऐसे ब्रोकरेज (दलाली) को राहत दिया है जो ग्राहक मुद्रा से समाशोधन नियमन के प्रतिकूल प्रवाह वाले लेखा पर फ्लोट (प्रवर्तन) आय खोने की स्थिति में हैं। अतः अभिकथन (A) सही है।
कारण R : ब्रोकरेज (दलाली) को आवधिक जमा प्रतिधारण या म्यूचुअल फंड इकाइयों के रूप में ग्राहक की निधि को धारा प्रतिकूल करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। अतः कारण (R) भी सही है और (R, A) की सही व्याख्या नही है।