NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – I)

Total Questions: 100

11. भारत की मुद्रा बाजार को विकसित करने के लिए उठाये गए सोपानों को सर्वप्रथम से अद्यतन के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. ब्याज दर स्वैप्स (आई आर एस) का आरंभ
B. वाणिज्यिक पत्र का आरंभ
C. बैंक दर में संबद्ध वे एंड मीन्स एडवांस (डब्ल्यू एम ए) का आरंभ
D. लिक्विडिटी एडजेस्टमेंट फैसिलिटी (एल ए एफ) का आरंभ
E. रियल टाइम ग्रास सेटलमेंन्ट (आर टी जी एस) का क्रियान्वयन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) B, C, D, A, E
Solution:

भारत की मुद्रा बाजार को विकसित करने के लिए उठाये गए सोपानों को सर्वप्रथम से अद्यतन के क्रम निम्नवत हैं-
(B) वाणिज्यिक पत्र का आरंभ
(C) बैंक दर में संबद्ध वे एंड मीन्स एडवांस (डब्ल्यू एम ए) का आरंभ
(D) लिक्विडिटी एडजेस्टमेंट फैसिलिटी (एल ए एफ) का आरंभ
(A) ब्याज दर स्वैप्स (आई आर एस) का आरंभ
(E) रियल टाइम ग्रास सेटलमेन्ट (आर टी जी एस) का क्रियान्वयन

12. विक्रय प्रस्ताव के पूर्व भावी ग्राहक के सन्दर्भ में विक्रयकर्ता द्वारा जितना अधिक संभव हो उतना अधिक जानना जिस विक्रय सोपान के अंतर्गत आता है, वह कहा जाता है :

Correct Answer: (c) पूर्वउपागम
Solution:

प्री-अप्रोच बिक्री प्रक्रिया के शुरूआती चरणों में से एक है, जहां ग्राहकों से संपर्क करने से पहले विक्रयकर्ता द्वारा उनके अपेक्षाओं आवश्यकताओं इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है ताकि बिक्री की प्रक्रिया सभी हितधारकों के लिए अधिक प्रासंगिक है। एक अच्छी पूर्व दृष्टिकोण रणनीति प्रक्रिया में भविष्य के चरणों के लिए मार्ग प्रशस्त करती है।

13. निम्नलिखित किन संदर्भों में प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम 2023 ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम में नया संशोधन किया था?

A. विलय अथवा अधिग्रहण की राशि यदि 2000 करोड़ रुपए से अधिक की है तो सी सी आई को सूचित किये जाने की आवश्यकता होगी।
B. संयोजन के मूल्य के निर्धारण हेतु समग्र समय सीमा को 210 दिनों में घटाकर 150 दिन कर दिया गया है।
C. अनन्य विक्रय करार' को 'अनन्य सौदेबाजी करार' से प्रतिस्थापित किया गया है।
D. वे प्रतिष्ठान जो कि समरूप अथवा समान व्यापार में संलग्न नहीं हैं, वे भी अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत प्रतिस्पर्धा विरोधी करार के भाग माने जायेंगे।
E. टाई-अप करारों' पुनर्विक्री मूल्य अनुरक्षण और 'अनन्य विवरण करार' जैसे प्रतिस्पर्धा विरोधी आचरण को पुनर्परिभाषित किया गया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A, B, C, D और E
Solution:

प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करता है और प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं जैसे -प्रमुख बाजार स्थिति का दुरूपयोग, कार्टेल और विलय तथा अधिग्रहण को प्रतिबंधित करता है। जो प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। अधिनियम को प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित किया गया है। प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम में निम्नलिखित संशोधन किया-
(i) विधेयक सी सी आई के लिए संयोजन पर प्रथम दृष्टया राय बनाने की समय सीमा को 30 कार्य दिवसों से घटाकर 30 दिन कर देती है।
(ii) विलय अथवा अधिग्रहण की राशि यदि 2000 करोड़ रूपये से अधिक की है तो सी सी आई को सूचित किया जाने की आवश्यकता होगी।
(iii) विधेयक में सी सी आई के लिए ऐसे लेनदेन पर आदेश पारित करने की समय सीमा को 210 दिन से घटाकर 150 दिन करने का प्रस्ताव है।
(iv) 'अनन्य विक्रय करार' को 'अनन्य सौदेबाजी करार' से प्रतिस्थापित किया गया है।
(v) विधेयक अधिनियम के तहत कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाता है और दंड की प्रकृति को जुर्माना लगाने से बदलकर नागरिक दंड में बदल देता है।
(vi) वे प्रतिष्ठान जो कि समरूप अथवा समान व्यापार में संलग्न नहीं हैं वे भी अधिनियम की धारा 3 (3) के अन्तर्गत प्रतिस्पर्धा विरोधी करार के भाग माने जायेंगे।
(vii) 'टाई-अप करारों' पुर्नर्बिक्री मूल्य अनुरक्षण और 'अनन्य विवरण करार' जैसे प्रतिस्पर्धा विरोधी आचरण को पुनर्परिभाषित किया गया है।

14. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में

अभिकथन A: सामान्यतः विनिर्माता कम्पनियाँ विक्रय एवं पट्टा बैक व्यवस्था का प्रयोग स्थायी परिसंपत्तियों में किए जाने वाले निवेश को मुक्त करने हेतु करती हैं।
कारण R : विक्रय एवं पट्टा व्यवस्थाओं में, कम्पनियाँ किसी परिसंपत्ति का विक्रय पट्टा देने वाली कम्पनी को कर देती है, और अपने व्यवसाय में परिसंपत्ति का निर्वाध रूप से प्रयोग करके लाभ उठाने हेतु पुनः इसे पट्टा पर ले लेती है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही है और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

अभिकथन A: सामान्यतः विनिर्माता कम्पनियाँ विक्रय एवं पट्टा बैंक व्यवस्था का प्रयोग स्थायी परिसंपत्तियों में किए जाने वाले निवेश को मुक्त करने हेतु करती हैं। कथन सही है। कारण R : विक्रय एवं पट्टा व्यवस्थाओं में, कम्पनियाँ किसी परिसंपत्ति का विक्रय पट्टा देने वाली कम्पनी को कर देती है, और अपने व्यवसाय में परिसंपत्ति का निर्वाध रूप से प्रयोग करके लाभ उठाने हेतु पुनः इसे पट्टा पर ले लेती है। अतः A और R दोनों सही है, परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।

15. आयकर अधिनियम के अंतर्गत निम्नलिखित अग्रिम कर भुगतान को आरोही क्रम (धारा 207 से धारा 211) में क्रमबद्ध कीजिए :

A. अग्रिम कर की किश्त और देय तिथि
B. अग्रिम कर के भुगतान हेतु देयता
C. निर्धारिती के स्वयं के दस्तावेज रिकार्ड द्वारा अग्रिम कर भुगतान
D. अग्रिम कर के भुगतान हेतु देयता की शर्त
E. अग्रिम कर की संगणना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) B, D, E, C, A
Solution:

आयकर अधिनियम के अन्तर्गत अग्रिम कर भुगतान का आरोही क्रम (धारा 207 से धारा 211) निम्नवत है-
(B) अग्रिम कर के भुगतान हेतु देयता
(D) अग्रिम कर के भुगतान हेतु देयता की शर्त
(E) अग्रिम कर की संगणना
(C) निर्धारिती के स्वयं के दस्तावेज/ रिकार्ड द्वारा अग्रिम कर भुगतान
(A) अग्रिम कर की किश्त और देय तिथि

16. अनुभवाश्रित अध्ययनों से इंगित होता है कि दीर्घकालिक औसत लागत (एल ए सी) वक्र का आकार होता है :

Correct Answer: (a) L - आकार
Solution:

अनुभवजन्य साक्ष्य से पता चलता है कि लंबे समय में प्रौद्यागिकी की स्थिति बदल जाती है। इसलिए, आधुनिक फर्मों को यू-आकार के वक्र के विपरीत एल-आकार की एल ए सी वक्र का सामना करना पड़ता जैसा कि नीचे दिखाया गया है-

17. कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 61 से 64 में उल्लिखित 'ऑल्ट्रेशन प्रॉपर' में शामिल हैं:

A. अनिर्गमित शेयरों को रद्द करना
B. निर्गमित शेयरों को रद्द करना
C. नये शेयरों को निर्गमित करने से शेयर पूँजी में वृद्धि
D. शेयरों के विमोचन से शेयर पूँजी में कमी
E. पूर्णतः प्रदत्त शेयरों का स्टॉक में परिवर्तन एवं इसके विपरीत
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, C और E
Solution:

2013 के कंपनी अधिनियम की धारा 61 से 64 तक के अनुसार, शेयर पूँजी को बदलने के अलग-अलग तरीके है-
(i) शेयर का उपप्रभाग
(ii) अधिकृत पूंजी बढ़ाने के लिए:
(iii) शेयर का स्टॉक में रुपांतरण :
(iv) शेयर का समेकन :
(v) जारी न किए गये शेयरों को रद्द करना।
(vi) नये शेयरों को निर्गमित करने से शेयर पूँजी में वृद्धि
(vii) पूर्णतः प्रदत्त शेयरों का स्टॉक में परिवर्तन एवं इसके विपरीत

18. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए-

सूची-I (तकनीक)सूची-II (विशेषता)
A. पूलिंग (पूटन)(I) अनेक देशों में उत्पादन सुविधाएँ स्थापित करना
B. वित्तीय प्रतिरक्षण(II) लीडिंग एवं लैगिंग के माध्यम से विदेशी विनिमय जोखिम में कमी करना
C. प्राकृतिक प्रतिरक्षण(III) दो अलग-अलग मुद्राओं में समकालिक उधारी एवं ऋण
D. नेटिंग(IV)  सहसंबद्धों द्वारा नकदी का प्रतिधारण एवं प्रबंधन

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A-IV, B-III, C-I, D-II
Solution:

सूची-I का सूची-II से मिलान निम्नवत है -

सूची-I (तकनीक)सूची-II (विशेषता)
A. पूलिंग (पूटन)(IV) सहसंबद्धों द्वारा नकदी का प्रतिधारण एवं प्रबंधन
B. वित्तीय प्रतिरक्षण(III) दो अलग-अलग मुद्राओं में समकालिक उधारी एवं ऋण
C. प्राकृतिक प्रतिरक्षण(I) अनेक देशों में उत्पादन सुविधाएँ स्थापित करना
D. नेटिंग(II) लीडिंग एवं लैगिंग के माध्यम से विदेशी विनिमय जोखिम में कमी करना

19. एक बिन्दु प्राक्कलन करता को तब संगत माना जाता है जब_______

Correct Answer: (c) जैसे-जैसे प्रतिदर्श आकार बड़ा होता जाता है, यह जनसंख्या मानदण्ड के करीब (निकट) होने की ओर प्रवृत्त होता है।
Solution:

एक बिन्दु प्राक्कलन करता को तब संगत माना जाता है जब जैसे-जैसे प्रतिदर्श आकार बड़ा होता जाता है, यह जनसंख्या मानदण्ड के करीब (निकट) होने की ओर प्रवृत्त होता है।

20. परिचालन दृष्टिकोण से पर्यावरणीय लेखापरीक्षा के भाग निम्नलिखित में से कौन से हैं?

A. पर्यावरण-प्रबन्धन तंत्र अंकेक्षण
B. सामाजिक अंकेक्षण
C. अनुपालन अंकेक्षण
D. स्थल संपत्ति अंकेक्षण
E. ऊर्जा अंकेक्षण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:

एक पर्यावरणीय लेखापरीक्षा किसी व्यवसाय या संगठन के पर्यावरणीय प्रदर्शन का आकलन प्रदान करता है। लेखापरीक्षा से किसी कंपनी की गतिविधियों और पर्यावरण नियमों के अनुपालन के बारे में विवरण का पता चलता है। एक पर्यावरण लेखापरीक्षा पर्यावरणीय प्रदर्शनों का मूल्यांकन और मात्रा निर्धारत करता है। यह अनुपालन समस्याओं या प्रबंधन प्रणाली कार्यान्वयन मुद्दों की पहचान करता है। परिचालन दृष्टिकोण से पर्यावरणीय लेखापरीक्षा के निम्न भाग है।
(i) पर्यावरण प्रबंध तंत्र अंकेक्षण
(ii) अनुपालन अंकेक्षण
(iii) स्थल संपत्ति अंकेक्षण