Correct Answer: (b) E, C, A, D, B
Solution:मध्यस्य अश्वस्य, क्रमशः शिरः व्याप्तमुखः - आत्मउदर पृष्ठानि 'उषा, वैश्वानराग्निः, संवत्सरः, अन्तरिक्षम्, द्यौः भवति । मेध्य अश्व का क्रमशः शिर-व्याप्त मुख - आत्म-उदर पृष्ठ उषा, वैश्वानराग्नि, संवत्सर, अन्तरीक्ष द्यौः होते हैं।