NTA यू.जी.सी. नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 योगा (Yoga)

Total Questions: 100

11. "स्वात्मन्यवस्थानं मोक्षः” अर्थात् आत्मा का अपन यथार्थ रूप में अवस्थान ही मोक्ष है- यह निम्न में से किसमें कहा गया है?

Correct Answer: (b) तैत्तिरीयोपनिषद् शांकर भाष्य
Solution:

"स्वात्मन्यवस्थानं मोक्षः” यह वाक्य आदि शंकराचार्य द्वारा तैत्तिरीयोपनिषद के भाष्य में उल्लिखित है। इसका अर्थ है आत्मा का अपने यथार्थ स्वरूप में स्थित होना ही मोक्ष है। यह अद्वैत वेदांत का मूल सिद्धान्त की है। जहाँ आत्मा और ब्रह्मा की एकता को ही अंतिम सत्य और मोक्ष माना गया है।

12. योगसूत्र के अनुसार इन्द्रिय जय हेतु संयम की जाने वाली अवस्थाएँ बताइए।

A. अस्मिता
B. मनोजवित्व
C. ग्रहण
D. विकरणभाव
E. अन्वय

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A. C. E
Solution:योग सूत्रों के अनुसार, इन्द्रिय जय हेतु (इन्द्रियो पर विजय) के लिए जिन अवस्थाओं पर संयम किया जाता है वे हैं।

A. अस्मिता अंहकार या आत्म बोध की अवस्था।
C. ग्रहण - इन्द्रियो की ग्रहण करने की क्षमता।
E. अन्वय = वस्तु और इन्द्रिया के बीच संबंध का ज्ञान

13. वे भोजन समूह जो छोटी आँत में शर्करा का स्त्राव एवं उसका अवशोषण धीमी गति से सुनिश्चित करते हैं, उन्हें कहा जाता है?

Correct Answer: (a) निम्न जी. आई. भोजन
Solution:

वे भोजन जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, वे धीरे-धीरे पचते हैं और शर्करा का नाव एवं अवशोषण भी धीमी गति से होता है। इससे ब्लड शुगर में अचानक वृद्धि नही होती है। इसलिए सही उत्तर निम्न जी.आई. भोजन ।

14. योग सूत्र में महाव्रत का वर्णन कहाँ मिलता है?

Correct Answer: (b) 2/31
Solution:

योग सूत्र (Patanjali Yoga Sutra) के साधनपाद (दूसरा अध्याय) के सूत्र 2/31 में महाव्रत का वर्णन मिलता है। इसमें यह बताया गया है कि यम, नियम आदि व्रत, देश काल परिस्थिति से परे होकर सभी के लिए समान रूप से पालन करने योग्य है। इसीलिए उन्हें महाव्रत कहा गया है।

15. निम्नलिखित रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए अग्रिसार क्रिया की अनुशंसा नहीं की जाती है-

Correct Answer: (d) हाइपर थायरोडिज्म (अति अवटुता)
Solution:

अग्निसार क्रिया पाचन तंत्र और मेटाबोलिज्म को सक्रिय करने वाली एक शक्तिशाली क्रिया है। • हाइपर थारॉइडिज्म में पहले से ही मेटाबोलिज्म अधिक तेज हो जाता है और ऐसे में अग्निसार क्रिया करने से स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए हाइपर थायरॉइडिज्म से पीड़ित लोगों की इसकी अनुशंसा नहीं की जाती है।

16. 'मार्गाणामष्टाङ्किको श्रेष्ठ' :- यह वाक्य बौद्धमत के किस ग्रन्थ का है?

Correct Answer: (a) धम्मपद
Solution:

'मार्गाणामष्टाङ्किको श्रेष्ठ' मार्गी में अष्टागिक मार्ग श्रेष्ठ है। यह वाक्य बौद्ध धर्मग्रंथ धम्मपद से लिया गया हैं। धम्मपद में बुद्ध द्वारा बताया गया अष्टांगिक मार्ग (सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्य, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक स्मृति, सम्यक समाधि) को श्रेष्ठ बताया गया है।

17. सूची-। के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (पोषक तत्व)सूची-II (अल्प पोषण के लक्षण)
(A) नियासिन(I) अधस्त्वक रक्तस्त्राव
(B) एसकॉर्बिक एसिड(II) टिटेनी
(C) मैग्रीशियम(III) पॉलीन्यूराइटिस
(D) थियामिन(IV) अतिसार, मनोभ्रंश एवं त्वचा प्रगह (डर्मेटाइटिस)
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IVIIIIII
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:सूची का सही सुमेलन निम्नवत है-
सूची-I (पोषक तत्व)सूची-II (अल्प पोषण के लक्षण)
(A) नियासिन(I) अधस्त्वक रक्तस्त्राव
(B) एसकॉर्बिक एसिड(II) टिटेनी
(C) मैग्रीशियम(III) पॉलीन्यूराइटिस
(D) थियामिन(IV) अतिसार, मनोभ्रंश एवं त्वचा प्रगह (डर्मेटाइटिस)

18. षट क्रिया के सबसे विशिष्ट लाभ चुनेः

A. स्थैतिक प्रतिवर्त पर नियंत्रण
B. विभिन्न प्रतिवर्ती पर नियंत्रण
C. ऊतक निर्माण की अनुकूलन क्षमता में वृद्धि
D. ऊतक निर्माण की अनुकूलन क्षमता में कमी
E. मनोदैहिक संतुलन स्थापित करना।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) B, C, E only
Solution:षट्कर्मी (षट् क्रियाओं) के सबसे विशिष्ट लाभ।

(B)विभिन्न रिक्लेक्सेस (प्रतिवर्ष क्रियाओं) पर नियंत्रण षट्कर्म से स्वायत्व तंत्रिका तंत्र की कई रिक्लेक्स क्रियाओं पर नियंत्रण प्राप्त होता है।
(C) ऊतकों (टिशु) की गठन क्षमता में वृद्धि यह शरीर के ऊतकों की अनुकूलन क्षमता और क्रियाशीलता को बढ़ाता है।
(E) मनोदैहिक संतुलन स्थापित करना शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने में षक्रियाए बेहद सहायक हैं।

19. ध्यानबिन्दु उपनिषद् के अनुसार योग के अंग हैं-

A. प्राणायाम
B. षटकर्म
C. यम
D. धारणा
E. समाधि

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, D, E
Solution:ध्यान बिंदु उपनिषद् के अनुसार योग के मुख्य अंग है।

A. प्राणायाम साँस पर नियंत्रण
D. धारणा - एकाग्रता
E. समाधि - आत्म साक्षात्कार या पूर्ण तल्लीनता

नोट:- यम और षटकर्म का प्रत्यक्ष उल्लेख ध्यान बिन्दु उपनिषद में योग के अंगों के रूप में नहीं किया गया है।

20. योग सूत्र के अनुसार वितर्क के कितने मुख्य प्रकार हैं?

Correct Answer: (b) तीन
Solution:योग सूत्र के अनुसार वितर्क के तीन प्रकार है।

(1). सवितर्क समाधि - जिसमें शब्द, अर्थ और ज्ञान तीनों का सम्मिलित अनुभव होता है।
(2). निर्वितर्क समाधि - जिसमें केवल वस्तु का ही बोध होता है, शब्द और ज्ञान का मेल नही होता है।
(3). सूक्ष्म वितर्क - जो अत्यंत सूक्ष्म विषयों पर केंद्रित होता है।