Solution:बुद्ध धर्म में त्रिरत्न (तीन रत्न) का तात्पर्य है।
1. बुद्ध - जागृत एवं अनंत ज्ञानी मनुष्य, जिन्होंने स्वयं के प्रयासों से बुद्धत्व प्राप्त किया।
2.धम्म (धर्म) बौद्ध धर्म की शिक्षाएँ
3. संघः - बौद्ध भिक्षुओं और उपासकों का समुदाय इन तीन रत्न पर ही बौद्ध धर्म आधारित है और प्रज्ञा, शील, और समाधि बौद्ध धर्म के त्रिशिक्षा (तीन शिक्षाएँ) है जो नैतिकता, ध्यान और ज्ञान को संदर्भित करती है।