NTA यू.जी.सी. नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 योगा (Yoga)

Total Questions: 100

51. वसिष्ठ संहिता में वर्णित श्लोक के अनुसार नियमों के क्रम का निर्धारण करें।

A. सन्तोष
B. ईश्वर पूजन
C. आस्तिकता
D. दान
E. लज्जा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A, C, D, B, E
Solution:

वसिष्ठ संहिता में यम और नियम का वर्णन किया गया है जो पाँच भागों में बांटा गया है।

A. सन्तोष - इसका अर्थ जो कुछ प्राप्त है उसमें संतुष्ट रहना।
C. आस्तिकता - इसका अर्थ ईश्वर विश्वास रखना, धर्म में आस्था रखना।
D. दान इसका अर्थ है दूसरों की सहायता करना, जरूरतमंदों को सहयोग देना
B. ईश्वर पूजन- इसका मतलब है नित्य पूजा, ध्यान और भक्ति के माध्यम से आत्म और परमात्मा के बीच सम्बन्ध स्थापित करना।
E. लज्जा - इसका अर्थ है उचित मर्यादा और शालीनता बनाए रखना, गलत कार्यों से बचना और आत्म संयम रखना।

52. नादबिन्दु उपनिषद् के अनुसार ॐ कार की ग्यारहवीं मात्रा में कौन-सा लोक प्राप्त होता है?

Correct Answer: (c) तपो लोक
Solution:नवमात्रा में यहः लोक, दसवीं मात्रा में जन लोक (ध्रुवलोक) को प्राप्त होता है। ग्यारहवीं मात्रा में तपोलोक को और बारहवीं मात्रा में साधक शाश्वत ब्रह्मलोक को प्राप्त करता है।

53. न्याय दर्शन के पञ्चावयवों का क्रम निर्धारण करें।

A. हेतु
B. उपनय
C. उदाहरण
D. प्रतिज्ञा
E. निगमन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) D, A, C, B. E
Solution:न्याय दर्शन के पञ्चावयवों का क्रम निर्धारण निम्नवत है :

1. प्रतिज्ञा
2. हेतु
3. उदाहरण
4. उपनय
5. निगमन

54. अध्यापन की मूलभूत विधियाँ हैं-

A. निर्देशन-अनुक्रिया विधि
B. वैयक्तिक निर्देशन विधि
C. पर्यावरण
D. परियोजना विधि
E. अशुद्धि सुधार विधि

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B, D
Solution:अध्यायन को मूलभूत विधियाँ निम्नलिखित हैं।

1. निर्देशन अनुक्रिया विधि
2. वैयक्तिक निर्देशन विधि
3. परियोजना विधि
4. वाद-विवाद विधि
5. प्रदर्शन विधि ।

55. छान्दोग्य उपनिषद् के अनुसार असुरों द्वारा इनमें किसकी उपासना उद्गीथ के रूप में करके पापमुक्त नहीं हुआ जा सका ?

Correct Answer: (b) प्रमुख प्राण
Solution:छान्दोग्य उपनिषद के अनुसार असुरों द्वारा इनमें प्रमुख प्राण की उपासना उग्दीथ के रूप में करके पापमुक्त नहीं हुआ जा सका।

56. योग के प्रत्येक संप्रदाय द्वारा किस उद्देश्य पर जोर दिया जाता है?

Correct Answer: (d) मन के परिवर्तन पर नियंत्रण के माध्यम से उच्चतम स्तर का एकीकरण प्राप्त करना
Solution:योग की प्रत्येक विद्या मन के परिवर्तन पर नियंत्रण के माध्यम से एकीकरण का उच्चतम स्तर प्राप्त करने पर बल देती है।

57. योगराजोपनिषद् के अनुसार चक्रो को अनुक्रम में कीजिए:

A. ब्रह्मरन्ध चक्र
B. व्योम चक्र
C. तालुका चक्र
D. कण्ठ चक्र
E. भू चक्र

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) D, C, E, A, B
Solution:योगराजोपनिषद के अनुसार चक्रों का अनुक्रम निम्न है:

1. कण्ठ चक्र
2. तालुका चक्र
3. भू-चक्र
4. ब्रह्मरन्ध चक्र
5. व्योम चक्र

58. घेरण्ड संहिता में नेति कर्म के लाभ बताये हैं-

A. जठराग्नि प्रदीप्त होती है
B. कफ दोष का नाश
C. नाड़ियों की निर्मलता
D. खेचरी सिद्धि
E. कामदेव के समान रूपवान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल B, D
Solution:घेरण्ड संहिता में नेति कम के लाभ निम्न है। 1. कफ दोष का नाश 2. खेचरी सिद्धि

59. शारीरिक ऊतकों के संदर्भ में सही विकल्प का चुनाव करें-

A. महानाड़ी (टेन्डन) अस्थि को अस्थि से जोड़ती है।
B. उपकला ऊतक शारीरिक सतहों की ऊपरी परत एवं आन्तरिक गुहाओं की परत बनाते है।
C. चिकनी माँसपेशी हृदय में स्थित होती है।
D. रक्त एवं लसिका कोशिकाओं के विशिष्ट संग्रह वाले संयाजी ऊतक हैं।
E. तंत्रिका ऊतक कोशिका शरीर (सेल बॉडी) एवं एक्सॉन से बना हुआ है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B और D
Solution:सही विकल्प निम्न है;

1. उपकला ऊतक शारीरिक सतहों की ऊपरी परत एवं आन्तरिक गुहाओं की परत बनाते है।
2. रक्त एवं लसिकाओं के विशिष्ट संग्रह वाले संयोजी ऊतक है।

60. श्वेताश्वतर उपनिषद् के अनुसार परमात्मा ने वेदों का ज्ञान सर्वप्रथम किसे प्रदान किया?

Correct Answer: (d) ब्रह्मा
Solution:श्वेताश्वर उपनिषद् के अनुसार परमात्मा ने वेदों का ज्ञान सर्वप्रथम ब्रह्मा को प्रदान किया था।