A. संवेग ए. वी. नोड पर पहुँचता है एवं आलिंद के संकुचन का आरंभ करता है।
B. आलिंद संकुचन का पूर्ण होना एवं निलयय संकुचन का आरंभ।
C. एस. ए. नोड की गतिविधि का आरंभ ।
D. परकुनजे तंतुओं के माध्यम से संवेगों का निलय ही हृदयपेशी पर पहुँचना।
E. परकुन्जे तंतुओं के माध्यम से संवेगों का दायें निलय पर फैलाव।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Correct Answer: (d) C, A, E, D, B
Solution:हृदय के संवाहक तंत्र की क्रियाओं के सही क्रम निम्नलिखित है।
1. एस. ए. नोड की गतिविधि का आरंभ
2. संवेग ए.वी. नोड पर पहुँचता है एवं आलिन्द के संकुचन का आरंभ करता है।
3. पुरकुन्जे तंतुओं के माध्यम से संवेगों का दाये निलय पर फैलाव
4. पुरकुन्जे तंतुओं के माध्यम से संवेगों का निलय को हृदयपेशी पर पहुँचना।
5. आलिन्द संकुचन का पूर्ण होना एवं निलय संकुचन का आरंभ।