NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – II)

Total Questions: 100

1. किसी परक्राम्य प्रपत्र हेतु एक अथवा अधिक पक्ष निम्नलिखित किन तरीकों से देयता से मुक्त होता है?

A. धारक द्वारा अस्वीकृत (नकार) की नोटिस देकर
B. जानबूझकर पक्ष पक्षों का नाम विस्तार (हटा) करके
C. योग्य स्वीकृति दे (अपनाना) करके
D. आहरण को 24 घंटे की स्वीकृति की अनुमति देकर
E. सामग्री अदल बदल (परिवर्तन करके)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल E, C, B
Solution:

परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 की धारा 13 में कहा गया है कि एक परक्राम्य लिखित एक वचन पत्र, विनिमय बिल या एक चेक है जो या तो आदेश देने या वाहक को देय होता है। कानून द्वारा मान्यता प्राप्त परक्राम्य लिखित है:
(i) प्रतिज्ञा पत्र (ii) विनिमय पत्र (iii) चेक
किसी परक्राम्य प्रपत्र हेतु एक अथवा अधिक पक्ष निम्नलिखित तरीकों से देयता से मुक्त हो सकता है-
• सामग्री अदल-बदल (परिवर्तन करके)
• योग्य स्वीकृति दे (अपनाना) करके
• जानबूझकर पक्ष पक्षों के नाम हटा करके।

2. औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच सह अस्तित्व और सहयोग को सामान्य रूप से क्या कहा जाता है :

Correct Answer: (b) वित्तीय वैधता
Solution:

औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच सह अस्तित्व और सहयोग को सामान्य रूप से वित्तीय वैधता (Financial Dualism) कहा जाता है। अधिकांश विकासशील देशों की वित्तीय प्रणालियों की विशेषता औपचारिक और अनौपचारिक वित्तीय क्षेत्रों के बीच सह-अस्तित्व और सहयोग है। औपचारिक वित्तीय क्षेत्रों की विशेषता एक संगठित, संस्थागत और विनियमित प्रणाली की उपस्थिति है जो अर्थव्यवस्था के आधुनिक क्षेत्रों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करती है। अनौपचारिक वित्तीय क्षेत्र अर्थव्यवस्था के पारंपारिक और ग्रामीण क्षेत्रों से सम्बन्धित एक असंगठित गैर संस्थागत और गैर विनियमित प्रणाली है।

3. एंडर्सन कंसल्टिंग द्वारा यथा अंगीकृत नेतृत्व के विकासात्मक प्रक्रम के सही अनुक्रम को चिह्नांकित कीजिए :

A. वैयक्तिक नेतृत्व और प्रणाली टीमवर्क का कोच अधिशासी टीम
B. संगठन की दिशा और वर्तमान स्थिति, व्यावसायिक प्रतिफल प्राप्ति की अनिवार्य गति का आकलन
C. महत्त्वपूर्ण पक्षकार यथा निर्देश पक्षधारक कर्मचारीगण आदि के लिए प्रभावी संचार कार्यनीतियाँ तैयार करना
D. वैयक्तिक व्यवहार, कृत्य और संप्रेषण में वैयक्तिक उत्कृष्टता के सम्बन्ध में शिक्षण
E. संगठन की संस्कृति का मूल्यांकन, अपेक्षित पालियों को परिभाषित करना और नेतृत्व करने वाले व्यक्ति द्वारा कार्य संस्कृति में परिवर्तन हेतु कार्य योजना तैयार करना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) B, E, D, A, C
Solution:

एंडर्सन कंसल्टिंग द्वारा यथा अंगीकृत नेतृत्व के विकासात्मक प्रक्रम का सही अनुक्रम निम्न हैं :-
(1) संगठन की दिशा और वर्तमान स्थिति व्यावसायिक प्रतिफल प्राप्ति की अनिवार्य गति का आंकलन करना।
(2) संगठन की संस्कृति का मूल्यांकन, अपेक्षित पालियों को परिभाषित करना और नेतृत्व करने वाले व्यक्ति द्वारा कार्य संस्कृति में परिवर्तन हेतु कार्य योजना तैयार करना।
(3) वैयक्तिक व्यवहार, कृत्य और संम्प्रेषण में वैयक्तिक उत्कृष्टता के सम्बन्ध में शिक्षण।
(4) वैयक्तिक नेतृत्व और प्रणाली टीमवर्क का कोच अधिशासी टीम तैयार करना।
(5) महत्वपूर्ण पक्षकार यथा निर्देश पक्षधारक, कर्मचारीगण आदि के लिए प्रभावी संचार कार्यनीतियाँ तैयार करना।

4. निम्नलिखित में से कौन एक परक्राम्य प्रपत्र की अनिवार्य विशेषता के रूप में नहीं है?

Correct Answer: (e) *
Solution:

(a&d) : पराक्राम्य लिखत लिखित और हस्ताक्षरित कानूनी दस्तावेज होते हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि एक पक्ष किसी अन्य पक्ष को निर्धारित अवधि के भीतर या माँग पर भुगतान करता है या चुकाता है। ये भुगतान के सबसे सुरक्षित तरीके है, क्योकि इनमें जारीकर्ता का नाम और प्राप्तकर्ता का नाम शामिल होता है। स्थानान्तरण में नम्यता (सुगम्यता) और सरल पराक्राम्यता को परक्राम्य प्रपत्र की अनिवार्य विशेषताओं में शामिल किया गया है। तथा-
• कीमत (मूल्य) हेतु वास्तविक स्थानान्तरणकर्ता को उचित अधिकार (स्वामित्व) का विक्रय.
• स्थानान्तरणकर्ता, ऋणी (देनदार) को बिना नोटिस दिए अपने स्वयं के नाम से मुकदमा कर सकता है, को अनिवार्य विशेषताओं में शामिल नही किया गया है।
Note: NTA ने प्रश्नगत विकल्पों में से (A&D) को सही उत्तर माना गया है।

5. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए:

सूची-I (पूंजी संरचना सिद्धांत)सूची-II (महत्वपूर्ण घटक)
A. एम.एम. उपागमI. वित्तीय संकट की लागत
B. पेकिनग ऑर्डर थ्योरीII. असाममित सूचना
C. ट्रेड ऑफ थ्योरीIII. लक्ष्य रहित पूंजी संरचना
D. सिग्नलिंग थ्योरीIV. गृह निर्मित सहायता (होम मेड लीवरेज)

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIIIVI
(b)IVIIIIII
(c)IVIIIIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:

सूची-I का सूची-II से सही मिलान निम्नानुसार है:-

सूची-I (पूंजी संरचना सिद्धांत)सूची-II (महत्वपूर्ण घटक)
A. एम.एम. उपागमIV. गृह निर्मित सहायता (होम मेड लीवरेज)
B. पेकिनग ऑर्डर थ्योरीIII. लक्ष्य रहित पूंजी संरचना
C. ट्रेड ऑफ सिद्धांतI. वित्तीय संकट की लागत
D. सिग्नलिंग थ्योरीII. असाममित सूचना

6. विदेशी बैंक के भारत में व्यवसाय क्रियाकलापों के बारे में क्या सही है?

A. वे भारत में शामिल किये जाते हैं और उनका मुख्यालय विदेश में होता है
B. वर्ष 2002 से विदेशी बैंकों को भारत में अपने सहायक बैंक स्थापित करने की अनुमति है C. भारत में विदेशी बैंकों के संचालन करने की अनुमति है यद्यपि वे वित्तीय रूप से मजबूत न हों
D. उन्हें भारत में बैंकिंग विनियमों के अनुसार कार्य करना पड़ता है
E. भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में विद्यमान विदेशी बैंकों को अपनी शाखा खोलने की मंजूरी दी है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल B, D, E
Solution:

विदेशी बैंक- वित्तीय संस्थान जो अपने देश के बाहर ग्राहकों को सेवा प्रदान करते हैं, उन्हें विदेशी बैंक कहा जाता है। एक विदेशी बैंक शाखा एक प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय बैंक के रूप में कार्य करती है, जो उसके गृह देश और उस देश दोनों के नियमों के अधीन होती है, जिसमें उसकी भौतिक उपस्थिति होती है।
विदेशी बैंक के भारत में व्यवसाय क्रियाकलापों के बारे में निम्र कथन सही है।
• वर्ष 2002 से विदेशी बैंकों को भारत में अपने सहायक बैक स्थापित करने की अनुमति है। • उन्हें भारत में बैंकिग विनियमों के अनुसार कार्य करना पड़ता है।
• भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में विद्यमान विदेशी बैंकों को अपनी शाखा खोलने की मंजूरी दी है।

7. निम्नलिखित में से किन दशाओं में एक पक्षीय राहत प्रदान की जाती है जिन मामलों में आयकर अधिनियम की धारा 90 प्रयोज्य नहीं है :

A. पिछले वर्ष निर्धारिती भारत का निवासी होना चाहिए
B. आय भारत के बाहर अर्जित होनी चाहिए
C. निर्धारिती ने उस विदेश में कटौती के माध्यम से कर का भुगतान नहीं किया हो
D. आय भारत के बाहर से अर्जित नहीं होनी चाहिए
E. आय पर भारत और विदेश में भी कर अधिरोपित किया जाना चाहिए जिसके साथ भारत का राहत संबंधी कोई करार नहीं है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) केवल A, B, E
Solution:

एकपक्षीय राहत (Unilateral Relief):- जब घरेलू और निवासी देशों के बीच कोई समझौता नही होता है, तो घरेलू देश कर राहत देने और दोहरे कराधान को रोकने के लिए जिम्मेदार होता है, आयकर अधिनियम की धारा 90 निम्न मामलों में प्रयोज्य है :
• निर्धारिती ने उस विदेश में कटौती के माध्यम से कर का भुगतान नही किया हो।
• यदि आपने पहले ही विदेशी देश में कर का भुगतान कर दिया है तो आप निवासी देश में टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते है।

8. प्राथमिक और द्वितीयक बाजार संबंधी निम्नलिखित विधानों को उनके अधिनियम के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए

A. म्यूचुअल फंड विनियमन
B. क्रेडिट रेटिंग एजेंसिज विनियमन
C. क्रेडिट रेटिंग विनियमन
D. सेबी मध्यस्थ विनियमन
E. स्वेट इक्विटी विनियमन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A, B, E, D, C
Solution:

प्राथमिक और द्वितीयक बाजार सम्बंधी विधान उनके आरोही क्रम में निम्नानुसार है:-
(A) म्यूचुअल फंड विनियमन
(B) क्रेडिट रेटिंग एजेंसिज विनियमन
(E) स्वेट इक्वीटी विनियमन
(C) सेबी मध्यस्थ विनियमन
(E) क्रेडिट रेटिंग विनियमन

9. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए:

सूची-I (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सिद्धांत)सूची-II (सिद्धांत प्रतिपादक)
A. कारक संसाधन सिद्धांतI. आदम स्मिथ
B. उत्पाद जीवन चक्र सिद्धांतII. माइकल पोर्टर
C. परिस्थित लागत सिद्धांतIII. हेक्शचर एवं ओहलीन
D. प्रतिस्पर्धात्मक लाभ सिद्धांतIV. रेमंड वर्नोन

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIVIII
(c)IIIIIIIV
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:

सूची-I का सूची-II से सही मिलान निम्नानुसार है :

सूची-I (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सिद्धांत)सूची-II (सिद्धांत प्रतिपादक)
A. कारक संसाधन सिद्धांतIII. हेक्शचर एवं ओहलीन
B. उत्पाद जीवन चक्र सिद्धांतIV. रेमंड वर्नोन
C. निरपेक्ष लागत लाभ सिद्धांतI. आदम स्मिथ
D. प्रतिस्पर्धात्मक लाभ सिद्धांतII. माइकल पोर्टर

10. निम्नांकित क्रियायों में कौन-सी क्रिया रोकड़ रहित संव्यवहार नहीं है :

Correct Answer: (c) निवेश कार्यकलापों से प्राप्त लाभांश का ब्याज
Solution:

प्रश्नगत विकल्पों में से निवेश कार्यकलापों से प्राप्न लाभांश का ब्याज रोकड़ रहित संव्यवहार नही है, जबकि

  • प्रत्यक्षतः संबंद्ध देनदारियां प्राप्त कर परिसम्पत्ति (आस्तियों) का अर्जन
  • ऋण का इक्विटी में परिवर्तन, तथा
  • शेयर जारी करने के माध्यम से उद्यम का अधिग्रहण, रोकड़ रहित संव्यवहार है।

रोकड रहित संव्यवहार या गैर नकद लेन-देन निवेश और वित्तपोषण से संबंधित लेन-देन हैं, जिनमें नकदी या नकद समकक्ष का उपयोग शामिल नही होता है। जब कोई कंपनी कोई सम्पत्ति खरीदती है या कोई खर्च उठाती है लेकिन नकदी का उपयोग करने के बजाय एक वचन पत्र लिखती है या मौजूदा ऋण लेती है, तो कंपनी रोकड़ रहित संव्यवहार में शामिल होती है।