NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – II)

Total Questions: 100

91. निर्देश (91-95) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 तक सकल घरेलू उत्पाद के 4.5% मध्यवर्ती राजकोषीय घाटे के लक्ष्य की घोषणा की है जिसमें तीन वित्तीय वर्षों के दौरान चालू स्तरों से 2 प्रतिशत विन्दु की कमी शामिल है। वर्ष 2023-24 के किये केंद्र और राज्यों के लिए लक्ष्य क्रमश 5.9% और 3% हैं जिसमें राज्यों के लिए विद्युत क्षेत्र में सुधार के लिए आधे प्रतिशत की गुंजाइश है। राज्यों, जो मुफ्त भोजन और ऊर्जा के राजनीतिक वायदों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं, राजकोषीय घाटे के मामले फिसलने की संभावना अधिक होती है। भारत सरकार अपनी ओर से भारत की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूंजी व्यय कार्यक्रम के प्रति प्रतिबद्ध है और वह राज्यों को राजकोषीय संतुलन की दिशा में प्रेरित कर रही है। वैश्विक महामारी पूर्व के अपने राजकोषीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की भारत की योग्यता विश्व स्तर पर उच्च ब्याज दरों के परिवेश में लघु उद्यमों में नकदी के प्रवाह को बनाए रखने संबंधी अपनी आवश्यकता से भी प्रभावित है।
व्यापकस्तर पर निवेश की वापसी सरकारी व्यय के बेहतर बजटन द्वारा ब्याज दरों पर नियंत्रण रखे जाने पर निर्भर करता है। मुफ्त बिजली जैसे राजनीतिक वायदों के माध्यम से संचित बजट के अतिरिक्त देयताओं का निपटान करने की आवश्यकता है। विद्युत वितरण राजस्व वृद्धि का मुख्य कारक है विद्युत जैसी राज्य द्वारा दी जा रही सुविधाओं संबंधी निकायों के भुगतान करने में अक्षमता विद्युत उत्पादन और पोषण के क्षेत्र में निवेश को अवरुद्ध कर रही है। कल्याण संबंधी संकीर्ण राजनीतिक लक्ष्य बाजार प्रणाली में गड़बड़ियां पैदा करने के अतिरिक्त असमानता को शाश्वत कर देता है।
नकद अंतरण के माध्यम से सार्वभौम धन पुनर्वितरण अधिक सुदृढ़ दृष्टिकोण है। अपने वोट बैंक को किये गए वायदे अनिवार्यतः शून्य प्रतिफल वाला गेम है जिसमें एक समुदाय को दूसरे समुदाय की कीमत पर लाभ अर्जित होता है। भारत ने स्वतंत्रतता प्राप्ति के उपरांत अधिकाँश समय तक समावेशी विकास के साथ असफल प्रयोग किये हैं।
अब भारत ने संतुलित कल्याणकारी कार्य लाभ प्रदायगी के साथ क्लस्टर के माध्यम से विकास के मार्ग को अपनाया है। अनेक वैश्विक आर्थिक संकटों के दौरान अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में यह दृष्टिकोण कारगर रहा है। प्रतिस्थत्मक लोकलुभावनवाद की ओर वापस जाना अनावश्यक झटका होगा जिसके बिना विश्व की सर्वाधिक तेज गति से विकास कर रही अर्थव्यवस्था आगे बढ़ सकती है।
निम्नलिखित में से कौन-सी भारत की सुधार की विकास गाथा की सटीक विशेषताएँ हैं?
A. पुनर्वितरणात्मक विकास
B. क्लस्टर आधारित विकास
C. समावेशी विकास
D. संतुलित कल्याणकारी कार्य की लाभप्रदायगी
E. प्रतिस्पर्धात्मक लोकलुभावनवाद
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल B और D
Solution:

भारत की सुधार की विकास गाथा की सटीक विशेषताएं क्लस्टर आधारित विकास तथा संतुलित कल्याणकारी कार्य की लाभ प्रदायगी है।

92. इस गद्यांश के अनुसार संकीर्ण राजनीतिक कल्याणकारी लक्ष्य का परिणाम_______के रूप में होगा।

A. असमानता
B. बाजार की अपूर्ण दक्षता
C. लाभतीक्षणता
D. समावेश विकास
E. विकेन्द्रीकृत विकास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A और B
Solution:

इस गद्यांश के अनुसार संकीर्ण राजनीतिक कल्याणकारी लक्ष्य का परिणाम असमानता और बाजार की अपूर्ण दक्षता के रूप में होगा।

93. वैश्विक महामारी पूर्व के राजकोषीय घाटों के लक्ष्य संबंधी भारत का रोडमैप मुख्यतः किन विचारों द्वारा प्रभावित है?

A. प्रतिस्पर्धात्मक लोकलुभावनवाद पर नियंत्रण
B. अर्थव्यवस्था में व्यापक निवेश की वापसी की आवश्यकता
C. सार्वभौमिक धन पुनर्वितरण की आवश्यकता
D. लघु उद्यमों में नकदी के प्रवाह बनाए रखने की आवश्यकता
E. वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B और D
Solution:

वैश्विक महामारी पूर्व के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य संबंधी भारत का रोडमैप मुख्यतः निम्न विचारों द्वारा प्रभावित है:-

  • प्रतिस्पर्धात्मक लोकलुभावनवाद पर नियंत्रण
  • अर्थव्यवस्था में व्यापक निवेश की वापसी की आवश्यकता तथा
  • लघु उद्यमों में नकदी के प्रवाह बनाए रखने की आवश्यकता।

94. वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत सरकार का मध्यवर्ती राजकोषीय घाटें का लक्ष्य क्या है?

Correct Answer: (c) जीडीपी का 5.9 प्रतिशत
Solution:

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत सरकार का मध्यवर्ती राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 5.9 प्रतिशत है तथा वर्ष 2025-26 के लिए मध्यवर्ती राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.5 प्रतिशत रखने की घोषणा की गई है।

95. इस गद्यांश में निम्नलिखित में से किसका अनुमान 'जीरो-सम गेम' के रूप में किया गया है?

Correct Answer: (b) वोट बैंक को किए गए वायदे
Solution:

इस गद्यांश में वोट बैंक के लिए किए गए वायदे का अनुमान जीरो-सम गेम' के रूप में किया गया है।

96. निर्देश (95 - 100) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

ई कॉमर्स को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग करने के संबंधी सरकार के प्रयास खाद्य परिदान सेवा में प्रदर्शित होने लगे हैं। ग्राहक ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) का प्रयोग कर दिए गए क्रयदेश में मूल्य में बहुत अधिक अंतर की बात कर रहे हैं। जिसके फलस्वरूप अंत संसक्त ईमार्केटप्लेस के नेटवर्क का निर्माण होता है और इससे छोटे स्टोर के स्वामियों के लिए ऑनलाइन मांग को पूर्ति करना सुगम हो जाता है।
ओपन डी सी का प्रयोग कर खाद्य परिदान के लिए वसूल की जाने वाली फीस बीस प्रतिशत रह गई है जैसे कि अग्रणी विक्रताओं ने बताया। यह एक मध्यकरण की लागत कमी हुई है। इससे स्वीग्गी और जोमैटो का प्राधन्य मंजत करने का विभव परिलक्षित होता है और अंतत यहाँ तक कि आमेजोन और फ्लिपकार्ट जैसे खुदरा प्लेटफॉर्म का प्रभुत्व की समाप्त होने की संभावना है, उमो एनडीसी में वर्धित उपभोक्ता विकल्प और न्यूनतम प्रतिष्टि अवरोधकों द्वारा बाजार संकेन्द्रिकरण (सांद्रण) को समाप्त करने की क्षमता है।
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की तर्ज पर यह खेल परिवर्तक सिरफ हो सकता है। यूपीआई अवसंरचना पर देश में डिजीटल लेनदेन में चरघातांकी वृद्धि हो रही है। तथापि, प्रौद्योगिकी स्वयंमेव वाणिज्य को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अनिवार्य और पयरित शर्त नहीं हैं। यूपीआई के कारण फोन पे और गुगल पे की प्रधान्यता की सीमाएँ उढभाषित हो गई हैं। ऐसा इस तथ्य के बावजूद हुआ है
कि विनियामकों को बहुत सी कंपनियों से बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ओएनडी जी जिसका अभिकल्प वाणिज्य मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया था, इसका उद्देश्य ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बनाना है यह इसके समान हो सकता है जबकि यह प्लेटफॉर्म नहीं है, किन्तु बाजार में पृथक रूप से कार्य करने वाली कंपनियों का सातत्य दुर्बल करने के लिए इसके लिए सहचिक वितनियम अपेक्षित है। उपभोक्ता, संरक्षण नियमावली को पुनरुज्जीवित करने का प्रस्ताव जिससे ई-मार्केट प्लेस विक्रेताओं द्वारा ऊप विक्रि के संभाव्य हो सकता है, इससे ओ एन डी सी की प्रगति बाधित हो सकती है। आदर्श स्थिति तो यह है कि विशेषताओं का उत्पाद संबंधी जानकारी देने के लिए उत्तरदायी होना चाहिए और प्लेटफार्म को क्रेताओं को इसे संप्रेषित करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
किसी ने किसी रूप में ओ डी सी द्वारा सृजन किए जाने वाले प्लेटफार्म के नेटवर्क में ग्राहक का जोखिम बढ़ जाता है। डिजीटल खरीददारी की सुविधा के लिए गेट वे का कुकुर मुत्ते की तरह फैलते हुए गेट वे के साथ नियमावली होने चाहिए जिसमें उत्पाद जोखिम से स्पष्ट पृथकीकरण हो ।
ओएनडीसी से प्रत्याशा की जाती है
A. उपभोक्ता जोखिम कम करने की
B. बाजार संकेन्द्रिकरण (सांद्रण) समाप्त करने की
C. मध्यस्थता कारण की लागत घटाने की
D. प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की
E. बाजार की विफलता बढ़ाने की
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल B, C और D
Solution:

ओएनडीसी से प्रत्याशा की जाती है:-

  • बाजार संकेन्द्रीकरण समाप्त करने की
  • मध्यस्थता कारण की लागत घटाने की तथा
  • प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की।

97. निम्नांकित में से किस कारण से ओएनडीसी का आकर्षण बढ़ रहा है।

A. प्रबल उपभोक्ता अधिमान्यता और प्रविष्टि परिरोधक
B. मध्यस्थता कारण लागत में बहुत अधिक कमी
C. ई-मार्केट प्लेस की अंत संरक्तता का नेटवर्क
D. डिजीटल क्रम को सुगम बनाने के लिए कुकुरमुत्ते की तरह गेटवे का प्रसार
E. सरकर का सक्रिय सहयोग और नीति का सुगम बनाना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, C और E
Solution:

निम्न कारणों से ओएनडीसी का आकर्षण बढ़ रहा है:-

  • मध्यस्थता कारण लागत में बहुत अधिक कमी
  • ई-मार्केट प्लेस की अंत संरक्तता का नेटवर्क तथा
  • सरकार का सक्रिय सहयोग और नीति को सुगम बनाना।

98. यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की सफलता के बाद इन दिनों भारत में ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले कौन-से प्रयास सुर्खियों में है?

Correct Answer: (c) डिजीटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क को सरकार का खुला प्रोत्साहन
Solution:

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की सफलता के बाद इन दिनों भारत में ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बनाने के लिए सरकार द्वारा किया जाने वाला डिजिटल कॉमर्स के लिए खुला प्रोत्साहन सुर्खियों में है।

99. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन I : ई-कॉमर्स को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनान के लिए प्रौद्योगिकी अनिवार्य और पर्याप्त शर्त है।
कथन-II: विक्रेता डिजीटल प्लेटफॉर्म पर गलत तरीके से बिक्री करने के लिए उत्तरवायी और जवाबदेह है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) कथन । और II दोनों असत्य हैं।
Solution:

प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार
• ई-कॉमर्स को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रौद्योगिक अनिवार्य शर्त है लेकिन पर्याप्त नहीं। तथा
• डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत तरीके से बिक्री करने के लिए केवल विक्रेता ही उत्तरदायी और जवाबदेह नहीं है परन्तु क्रेता भी उतना ही उत्तरदायी है। अतः प्रश्न में दिये गये दोनों कथन असत्य है।

100. गद्यांश के अनुसार डिजीटल कॉमर्स के लिए मुक्त नेटवर्क (ओ एन डी सी) के द्रुत विकास में निम्नांकित में से किसकी प्रबल भूमिका है?

Correct Answer: (a) अन्त संयुक्त बाजार स्थल का नेटवर्क
Solution:

गद्यांश के अनुसार डिजिटल कॉमर्स के लिए मुक्त नेटवर्क (ओ.एन.डी.सी) द्रुत विकास में अन्त संयुक्त बाजार स्थल का नेटवर्क की प्रबल भूमिका है।