ई कॉमर्स को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग करने के संबंधी सरकार के प्रयास खाद्य परिदान सेवा में प्रदर्शित होने लगे हैं। ग्राहक ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) का प्रयोग कर दिए गए क्रयदेश में मूल्य में बहुत अधिक अंतर की बात कर रहे हैं। जिसके फलस्वरूप अंत संसक्त ईमार्केटप्लेस के नेटवर्क का निर्माण होता है और इससे छोटे स्टोर के स्वामियों के लिए ऑनलाइन मांग को पूर्ति करना सुगम हो जाता है।
ओपन डी सी का प्रयोग कर खाद्य परिदान के लिए वसूल की जाने वाली फीस बीस प्रतिशत रह गई है जैसे कि अग्रणी विक्रताओं ने बताया। यह एक मध्यकरण की लागत कमी हुई है। इससे स्वीग्गी और जोमैटो का प्राधन्य मंजत करने का विभव परिलक्षित होता है और अंतत यहाँ तक कि आमेजोन और फ्लिपकार्ट जैसे खुदरा प्लेटफॉर्म का प्रभुत्व की समाप्त होने की संभावना है, उमो एनडीसी में वर्धित उपभोक्ता विकल्प और न्यूनतम प्रतिष्टि अवरोधकों द्वारा बाजार संकेन्द्रिकरण (सांद्रण) को समाप्त करने की क्षमता है।
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की तर्ज पर यह खेल परिवर्तक सिरफ हो सकता है। यूपीआई अवसंरचना पर देश में डिजीटल लेनदेन में चरघातांकी वृद्धि हो रही है। तथापि, प्रौद्योगिकी स्वयंमेव वाणिज्य को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अनिवार्य और पयरित शर्त नहीं हैं। यूपीआई के कारण फोन पे और गुगल पे की प्रधान्यता की सीमाएँ उढभाषित हो गई हैं। ऐसा इस तथ्य के बावजूद हुआ है
कि विनियामकों को बहुत सी कंपनियों से बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ओएनडी जी जिसका अभिकल्प वाणिज्य मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया था, इसका उद्देश्य ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बनाना है यह इसके समान हो सकता है जबकि यह प्लेटफॉर्म नहीं है, किन्तु बाजार में पृथक रूप से कार्य करने वाली कंपनियों का सातत्य दुर्बल करने के लिए इसके लिए सहचिक वितनियम अपेक्षित है। उपभोक्ता, संरक्षण नियमावली को पुनरुज्जीवित करने का प्रस्ताव जिससे ई-मार्केट प्लेस विक्रेताओं द्वारा ऊप विक्रि के संभाव्य हो सकता है, इससे ओ एन डी सी की प्रगति बाधित हो सकती है। आदर्श स्थिति तो यह है कि विशेषताओं का उत्पाद संबंधी जानकारी देने के लिए उत्तरदायी होना चाहिए और प्लेटफार्म को क्रेताओं को इसे संप्रेषित करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
किसी ने किसी रूप में ओ डी सी द्वारा सृजन किए जाने वाले प्लेटफार्म के नेटवर्क में ग्राहक का जोखिम बढ़ जाता है। डिजीटल खरीददारी की सुविधा के लिए गेट वे का कुकुर मुत्ते की तरह फैलते हुए गेट वे के साथ नियमावली होने चाहिए जिसमें उत्पाद जोखिम से स्पष्ट पृथकीकरण हो ।
ओएनडीसी से प्रत्याशा की जाती है
A. उपभोक्ता जोखिम कम करने की
B. बाजार संकेन्द्रिकरण (सांद्रण) समाप्त करने की
C. मध्यस्थता कारण की लागत घटाने की
D. प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की
E. बाजार की विफलता बढ़ाने की
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :