A. चालान पहचान संख्या (सी आई एन) का निर्गमन और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर (नकद बहीखाता) में जमा की गयी राशि
B. जी एस टी पीएमटी-07 का निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में शुद्धि (संशोधन)
C. सी आई एन (चालान पहचान संख्या) का चालान और अधिदेश प्रारुप नेफ्ट अथवा आरटीजीएस के द्वारा भुगतान
D. पोर्टल से जीएसटी पीएम टी-6 प्रारूप में चालान का निर्गमन और विवरणों की प्रवृष्टि करना E. भुगतान नियम के अनुसार धनराशि आंतरिक बैंकिंग, डेबिट क्रेडिट कार्ड इत्यादि का प्रयोग करके जमा किया जा सकता है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
Correct Answer: (c) D, E, C, A, B
Solution:इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में करदाता द्वारा किए गए सभी जमा भुगतान का सारांश होता है। इलेक्ट्रानिक कैश लेजर, GST (जीएसटी) प्रणाली द्वारा रखा गया करदाता का एक खाता है जो मान्यता प्राप्त बैंकों में नकद जमा और करदाता द्वारा दिए गए करों और अन्य देय राशि को दर्शाता है।
स्त्रोत पर कटौती (TDS) और स्त्रोत पर एकत्रित कर (TCS) को भी करदाता की नकद जमा के रूप में इलेक्ट्रानिक कैश लेजर में दर्ज किया जाता है। इलेक्ट्रानिक कैश लेजर का प्रयोग करते हुए भुगतान करने की व्यवस्थित प्रक्रिया निम्नानुसार हैं:-
(1) पोर्टल से जीएसटी पीएम टी-6 प्रारुप में चालान का निर्गमन और विवरणों की पुष्टि करना। (2) भुगतान नियम के अनुसार धनराशि आंतरिक बैंकिंग डेबिट क्रेडिट कार्ड इत्यादि का प्रयोग करके जमा किया जा सकता है।
(3) सी.आई.एन. (चालान पहचान संख्या) का चालान और अधिदेश प्रारूप नेफ्ट (NEFT) अथवा आरटीजीएस (RTGS) के द्वारा भुगतान
(4) चालान पहचान संख्या (सी.आई.एन.) का निर्गमन और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर (नकद बही खाता) में जमा की गयी राशि
(5) जी.एस.टी., पी.एम.टी-07 का निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में शुध्दि (संशोधन)