NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – II)

Total Questions: 100

51. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए:

सूची-I (मानवीय संसाधन लेखांकन उपागम)सूची-II (प्रतिपादित सुझाया गया) 
A. अवसर लागत उपागमI. डेविड वाटसन
B. प्रतिस्थापन लागत उपागमII. रेन्सिस लायक और एरिक जी. फ्लैम होल्ज
C. ऐतिहासिक लागत उपागमIII. ब्रुमेट, फ्लैम होल्ज और पिले
D. मानक लागत उपागमIV. हेकिमियन और जोन्स

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIVIIIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (d)
Solution:

सूची I का सूची II से सही मिलान निम्नानुसार है:-

सूची-Iसूची-II
A. अवसर लागत उपागमIV. हेकिमियन और जोन्स
B. प्रतिस्थापन लागत उपागमII. रेन्सिस लिकर्ट और एरिक जी फ्लैम होल्ज
C. ऐतिहासिक लागत उपागमIII. ब्रुमेट, फ्लैम होल्ज और पिले
D. मानक लाने वाला उपागमI. डेविड वॉटसन

52. क्रय के पश्चात उपभोक्ता निरपवादतः विसंवादिता (असंगतता) का अनुभव करते हैं, इसे कहा जाता है :

Correct Answer: (c) सम्यक् निर्णय लेने के बारे में अनिश्चितता की अनुभूति
Solution:

क्रय के पश्चात उपभोक्ता निरपवादतः संज्ञानात्मक विसंवादिता (असंगतता) का अनुभव करते हैं, इसे सम्यक निर्णय लेने के बारे में अनिश्चितता की अनुभूति कहा जाता है। खरीदारी (क्रय) के पश्चात ग्राहक की चिंता, अफसोस असुविधा या बेचैनी की भावना को खरीददारी के बाद असंगति के रूप में जाना जाता है। ऐसी खरीददारी जिसमें क्रेता के उच्च भागीदारी की आवश्यकता होती है उच्च कीमतें होती है वस्तु में उच्च स्तर का स्थायित्व होता है और जिन्हें महत्त्वपूर्ण माना जाता है या सम्यक निर्णय लेने के बारे में अनिश्चितता की अनुभूति पैदा कर सकते हैं।

53. निम्नलिखित में से कौन-सा बंदोबस्त पॉलिसी से संबंधित है?

Correct Answer: (b) पॉलिसी की अवधि पूरा होने पर बीमाकर्ता को बीमा पॉलिसी की राशि प्राप्त होती है।
Solution:

बंदोबस्त पॉलिसी या एकमुश्त भुगतान पॉलिसी एक संविदात्मक जीवन बीमा है जो इस प्रकार बनाया गया है कि एक निश्चित समय अवधि के बाद या समयपूर्व मृत्यु हो जाने पर ग्राहक को एकमुश्त राशि का भुगतान कर दिया जाये। सामान्यतः यह अवधि 20 वर्ष तक होती है। अतः बंदोबस्त पॉलिसी में पॉलिसी की अवधि पूरा होने पर बीमा कर्ता को बीमा की राशि प्राप्त होती है।

54. इलेक्ट्रानिक कैश लेजर का प्रयोग करते हुए भुगतान करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित कीजिए।

A. चालान पहचान संख्या (सी आई एन) का निर्गमन और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर (नकद बहीखाता) में जमा की गयी राशि
B. जी एस टी पीएमटी-07 का निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में शुद्धि (संशोधन)
C. सी आई एन (चालान पहचान संख्या) का चालान और अधिदेश प्रारुप नेफ्ट अथवा आरटीजीएस के द्वारा भुगतान
D. पोर्टल से जीएसटी पीएम टी-6 प्रारूप में चालान का निर्गमन और विवरणों की प्रवृष्टि करना E. भुगतान नियम के अनुसार धनराशि आंतरिक बैंकिंग, डेबिट क्रेडिट कार्ड इत्यादि का प्रयोग करके जमा किया जा सकता है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) D, E, C, A, B
Solution:

इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में करदाता द्वारा किए गए सभी जमा भुगतान का सारांश होता है। इलेक्ट्रानिक कैश लेजर, GST (जीएसटी) प्रणाली द्वारा रखा गया करदाता का एक खाता है जो मान्यता प्राप्त बैंकों में नकद जमा और करदाता द्वारा दिए गए करों और अन्य देय राशि को दर्शाता है।
स्त्रोत पर कटौती (TDS) और स्त्रोत पर एकत्रित कर (TCS) को भी करदाता की नकद जमा के रूप में इलेक्ट्रानिक कैश लेजर में दर्ज किया जाता है। इलेक्ट्रानिक कैश लेजर का प्रयोग करते हुए भुगतान करने की व्यवस्थित प्रक्रिया निम्नानुसार हैं:-
(1) पोर्टल से जीएसटी पीएम टी-6 प्रारुप में चालान का निर्गमन और विवरणों की पुष्टि करना। (2) भुगतान नियम के अनुसार धनराशि आंतरिक बैंकिंग डेबिट क्रेडिट कार्ड इत्यादि का प्रयोग करके जमा किया जा सकता है।
(3) सी.आई.एन. (चालान पहचान संख्या) का चालान और अधिदेश प्रारूप नेफ्ट (NEFT) अथवा आरटीजीएस (RTGS) के द्वारा भुगतान
(4) चालान पहचान संख्या (सी.आई.एन.) का निर्गमन और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर (नकद बही खाता) में जमा की गयी राशि
(5) जी.एस.टी., पी.एम.टी-07 का निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में शुध्दि (संशोधन)

55. ए टी कियर्नी विदेश नीति वैश्वीकरण सूचकांक (2007) वैश्वीकरण के मापन हेतु एक व्यापक रूपरेखा है यह 12 चर समूहों पर आधारित हैं जो कि निम्नलिखित किन चार समुच्चयों में संयोजित है?

Correct Answer: (b) निजी एकीकरण, प्रौद्योगिकीय एकीकरण, आर्थिक एकीकरण, राजनीतिक एकीकरण
Solution:

ए.टीकियन विदेश नीति वैश्वीकरण सूचकांक (2007) वैश्वीकरण के मापन हेतु एक व्यापक रुपरेखा है यह 12 चर समूहों पर आधारित हैं, जो निजी एकीकरण, प्रौद्योगिकी एकीकरण, आर्थिक एकीकरण तथा राजनीतिक एकीकरण इन चार समुच्चयों से संयोजित है।

56. कोई कंपनी निम्नलिखित शर्तों के अधीन बट्टा पर शेयर जारी कर सकती है?

A. कंपनी द्वारा व्यवसाय आरम्भ करने की तिथि अनुमति दिए जाने की तारीख से दो वर्ष का समय बीत जाना चाहिए
B. जारी किये जाने वाले शेयर पहले ही निर्गमित श्रेणी के होने चाहिए
C. सी एल बी की अनुमति की तारीख से तीन महीने के भीतर शेयर अनिवार्यतः निर्गमित होना चाहिए
D. शेयरों का निर्गम अनिवार्यतः कंपनी के साधारण संकल्प द्वारा अधिकृत होना चाहिए
E. संकल्प में अनिवार्यतः बट्टे की अधिकतम दर का उल्लेख होना चाहिए
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B, D, E
Solution:

कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 53 के अनुसार धारा-54 (यानी स्वेट इक्विटी शेयर) में दिए गए प्रावधानों को छोड़कर कोई कंपनी छूट पर शेयर जारी नहीं करेगी। किसी कंपनी द्वारा डिस्काउंट पर जारी किया गया कोई भी शेयर अमान्य होगा। कोई कंपनी निम्न शर्तों के अधीन बट्टा पर शेयर जारी कर सकती है
• जारी किये जाने वाले शेयर पहले ही निर्गमित श्रेणी के होने चाहिए।
• शेयरों का निर्गम अनिवार्यतः कंपनी के साधारण संकल्प द्वारा अधिकृत होना चाहिए।
• संकल्प में अनिवार्यतः बट्टे की अधिकतम दर का उल्लेख होना चाहिए।

57. निम्नलिखित कौन-सी अवधारणा किसी उद्योग को वस्तुगत दृष्टि से परिभाषित करती है?

Correct Answer: (b) माँग की उच्च प्रति कीमत लोच
Solution:

उद्योग एक आर्थिक गतिविधि है जहाँ वस्तुओं का निर्माण किया जाता है और कच्चे माल को भारी मशीनरी की मदद से संसाधित किया जाता है। एक उद्योग समान प्रकृति की फर्मों के समूह को भी संदर्भित करता है जो समान वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करते हैं। उद्योगों को मोटे तौर पर तीन प्रकारों मे वर्गीकृत किया जा सकता है: प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योग। माँग की उच्च प्रति कीमत लोच की अवधारणा किसी उद्योग को वस्तुगत दृष्टि से परिभाषित करती है।

58. बोस्टन परामर्श दात्री समूह (बी सी जी) के विकाससाझा आव्यूह की महत्त्वपूर्ण मान्यताओं में से एक है?

Correct Answer: (b) बाजार शेयर का रोकड़ प्रवाह पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं क्योंकि लाभ बाजार शेयरों से संबंद्ध होता हैं
Solution:

बोस्टन परामर्श दात्री समूह (BCG Matrix)- वोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप मैट्रिक्स का उपयोग करके उत्पादों या पोर्टफोलियों का विश्लेषण किया जा सकता है। यह उत्पादों को निम्न के आधार पर चार अलग-अलग क्षेत्रों में वर्गीकृत करता है।
बाजार हिस्सेदारी- क्या बेचे जा रहे उत्पाद की बाजार हिम्मेदारीकम है या ज्यादा ?
बाजार की वृद्धि दर - बाजार में संभावित ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है या नहीं।
बोस्टन मैट्रिक्स प्रमुख धारणाओं/मान्यताओं की एक श्रृंखला बनाता है जो निम्न है:

  • बाजार मे निवेश से बाजार हिस्सेदारी हासिल की जा सकती है।
  • बाजार हिस्सेदारी का लाभ हमेशा नकद अधिशेष उत्पत्र करेगा।
  • जब उत्पाद जीवन चक्र के परिपक्वता चरण में होगा तो नकद
    अधिशेष उत्पन्न होगा।
  • बाजार में प्रमुख स्थिति बनाने का सबसे अच्छा अवसर विकास
    चरण के दौरान होता है।
  • बाजार शेयर का रोकड़ प्रवाह पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैक्योंकि लाभ बाजार शेयरों से संबध्द होता है।

59. निम्नलिखित कौन-सी नीतियों को अपनाकर सतत रूप से हो रही चालू खाता घाटे से बचा जा सकता है?

A. बचत प्रोत्साहन देना
B. राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण
C. घरेलू मुद्रा का अवमूल्यन
D. उत्पादकता घटाना
E. बाह्या वाणिज्यिक उधारियों पर निर्भरता को कम करके
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल B, C, E
Solution:

चालू खाता घाटा - चालू खाता घाटा की स्थिति तब होती है जब किसी देश के वस्तु और सेवाओं के आयात का मूल्य उसके निर्यात से अधिक होता है।
चालू खाता घाटा और राजकोषीय घाटा संयुक्त रूप से दोहरा घाटा हैं जो शेयर बाजार और निवेशकों को प्रभावित कर सकते हैं। निम्न नीतियों को अपनाकर सतत रुप से हो रही चालू खाता घाटे से बचा जा सकता है:-
• राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण करके
• घरेलू मुद्रा का अवमूल्यन करके
• बाह्य वाणिज्यिक उधारियों पर निर्भरता को कम करके ।

60. निम्नलिखित कौन-सी आकृतियों का प्रयोग दीर्घकालिक औसत लागत वक्र का वर्णन करने में होता है?

A. S-आकृति
B. L-आकृति
C. V-आकृति
D. U-आकृति
E. W-आकृति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल B और D
Solution:

दीर्घकालीन औसत लागत वक्रः - दीर्घकालीन लागत वक्र उत्पादन और दीर्घकालीन उत्पादन की लागत के बीच सम्बन्ध का अध्ययन करता है। दीर्घकालीन औसत लागत दीर्घकालीन कुल लागत में उत्पत्ति के स्तर का भाग देने से निकलती है। वह वक्र जो सभी सम्भव उत्पादन के स्तरों पर उत्पादन करने के लिए न्यूनतम सम्भव लागत को बतलाता है, दीर्घकालीन औसत लागत वक्र कहलाता है।
• यह वक्र L-आकृति ओर U-आकृति का प्रयोग दीर्घकालिकऔसत लागत वक्र का वर्णन करने में करता है।
दीर्घकालीन औसत लागत वक्र की विशेषताएं:-
दीर्घकालीन औसत लागत वक्र (LAC) विभिन्न अल्पकालीन लागत वक्रों (SAC) का स्पर्शी होता है। इसे " लिफाफा वक्र" भी कहा जाता है, क्योंकि यह सभी अल्पकालीन लागत वक्रों को ढकता है। अल्पकालीन लागत वक्र का कोई भी बिन्दु दीर्घकालीन लागत वक्र के नीचे नहीं जा सकता है।