NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – II)

Total Questions: 100

71. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन I: माँग की कीमत लोच जब अधिक होती है। तो वस्तु के अधिक और उत्कृष्ट विकल्प उपलब्ध होते हैं।
कथन-II : वे सामान्य वस्तुएं (Eᵢ > O) जिसमें Eᵢ > 1 हों, वे विलासितापूर्ण वस्तु कहलाती है जबकि वे सामान्य वस्तुएं जिसमें E शून्य और इकाई के मध्य होती है वे आवश्यकता पूरक वस्तुएं मानी जाती है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) कथन । और II दोनों सही है
Solution:

कथन- I: माँग की कीमत लोच जब अधिक होती है। तो वस्तु के अधिक और उत्कृष्ट विकल्प उपलब्ध होते है।
कथन- II: वे सामान्य वस्तुएं (Eᵢ > O) जिसमें Eᵢ > 1 हो वे विलासितापूर्ण वस्तुएं कहलाती है। जबकि वे सामान्य वस्तुएं जिनमें Eᵢ, शून्य और इकाई के मध्य होती है वे आवश्यकता पूरक वस्तुएं मानी जाती है। कथन I और II दोनों सही है

72. जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था कमजोर होती है, तो किसी को_______निधियों में निवेश में वृद्धि और________निधियों में निवेश में कमी की अपेक्षा होती है।

Correct Answer: (c) मुद्रा बाजार म्यूच्यूअल, इक्विटी
Solution:

जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था कमजोर होती है,तो किसी को मुद्रा बाजार म्यूच्युअल निधियों में निवेश में वृद्धि और इक्विटी निधियों मे निवेश में कमी की अपेक्षा होती है, और इसके विपरीत जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था मजबूत (समृध्द) होती है तो किसी को दीर्घकालिक निधियों में निवेश में वृध्दि और अल्पकालिक निधियों में निवेश में कमी की अपेक्षा होती है।

73. आयोजक देशों के लिए एफ डी आई के संभाव्य लाभों में निम्नलिखित कौन-से सम्मिलित किये जाते हैं?

A. उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी तक पहुंच और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा
B. रोजगार सृजन
C. घरेलू निवेश में वृद्धि
D. आयोजक देशों के विदेशी विनिमय अंतरालों के मध्य सेतु का काम करना
E. आय असमानता में कमी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, C, D
Solution:

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) - प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) एक देश में किसी व्यक्ति या संस्थान द्वारा किसी दूसरे देश में स्थित व्यावसायिक संस्थानों में किया गया निवेश है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किसी देश के आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण चालक है।
किसी भी आयोजक देशों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकों के निम्न संभाव्य लाभ है:-

उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी तक पहुँच और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा
घरेलू निवेश में वृध्दि तथा
आयोजक देशों के विदेशी विनिमय अंतरालों के मध्य सेतु का काम करना।

74. बाजार में ब्रांड का स्थान निर्धारित करने के लिए प्रत्यजिक मानचित्र बनाने के महत्त्वपूर्ण चरणों को क्रमबद्ध चरण में व्यवस्थित कीजिए :

A. प्रतिस्पर्धी ब्रांडों के समुच्चय को चिह्नानांकित करना
B. उनका गुणात्मक शोध करना जहाँ उपभोक्ता प्रमुख शील गुण के आधार पर प्रत्येक ब्रांड की रेटिंग करते हैं।
C. द्वि-विमीय मानचित्र (चित्रों) पर ब्रांड का प्लाट तैयार करना
D. उस श्रेणी के सभी ब्रांड का समाकलन
E. उन महत्त्वपूर्ण गुणों (विशेषताओं) की पहचान करना जिसे उपभोक्ता गुणात्मक शोध का प्रयोग करते हुए ब्रांड का चयन करते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) D, A, E, B, C
Solution:

बाजार में ब्रांड का स्थान निर्धारित करने के लिए प्रत्यजिक मानचित्र बनाने के महत्वपूर्ण क्रमबध्द चरण निम्नानुसार है।

  • उस श्रेणी के सभी ब्रांड का समाकलन
  • प्रतिस्पर्धी ब्रांडों के समुच्चय को चिन्हांकित करना
  • उन महत्वपूर्ण गुणों (विशेषताओं) की पहचान करना जिसे उपभोक्ता गुणात्मक शोध का प्रयोग करते हुए ब्रांड का चयन करते है।
  • उनका गुणात्मक शोध करना जहाँ उपभोक्ता प्रमुख शील गुण के आधार पर प्रत्येक ब्रांड की रेंटिंग करते हैं।
  • द्वि-विमीय मानचित्रों (चित्रों) पर ब्रांड का प्लाट तैयार करना।

75. निम्नलिखित में से कौन डिजिटल रूप से अंतर्संबंद्ध विश्व के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की संवृद्धि को प्रेरित करते हैं?

A. दक्षिण विश्व में अधिक उपभोग
B. गतिशील विनिमय, ब्याज एवं मुद्रा स्फीति दरें
C. व्यापार प्रोत्साहक क्षेत्रीय समूहों का अभिकरण
D. विनियमित पूंजी एवं पोर्टफोलियों प्रवाह
E. जन सांख्यिकी लाभांश एवं कम लागत पर विनिर्माण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, C और E
Solution:

डिजिटल रूप से अंतर्संबंध विश्व के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की संवृध्दि को निम्नवत् प्रेरित करते हैं।
• दक्षिण विश्व में अधिक उपभोग
• व्यापार प्रोत्साहक क्षेत्रीय समूहों का अभिकरण, तथा
• जन सांख्यिकी लाभांश एवं कम लागत पर विनिर्माण।

76. निम्नलिखित में से कौन-से अवयव (तत्त्व) प्रतिफलविधि की आन्तरिक दर के प्रयोगों में समस्या उत्पन्न करते हैं, तब जबकि हम पारस्परिक विशिष्ट (अनन्य) परियोजनाओं का मूल्यांकन करते हैं।

A. छूट दर
B. समय
C. मापनी
D. प्रतिवर्ती प्रवाह
E. उत्तोलक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल B,C
Solution:

रिटर्न की आंतरिक दर एक पूंजीगत बजट गणना है जो यह तय करती है कि विचाराधीन कौन सी परियोजनाएँ या निवेश, निवेश योग्य है और उन्हें रैंकिंग दी जाती है। प्रतिफल विधि की आन्तरिक दर वह छूट दर है
जिसके लिए शुध्द वर्तमान मूल्य (NPV) शून्य के बराबर होता है (जब समय- समायोजित भविष्य का नकदी प्रवाह प्रारंभिक निवेश के बराबर होता है।) प्रतिफल विधि की आन्तरिक दर के प्रयोगों में तब जबकि हम पारस्परिक विशिष्ट (अनन्य) परियोजनाओं का मूल्यांकन करते हैं, तो समय (Time) और मापनी (Scale) अवयव इसके प्रयोग में समस्या उत्पन्न करते हैं।

77. निम्नलिखित किन मामलों में करार प्रारंभ से ही शून्य होता है?

A. गलती धोखा अथवा मिथ्या निरूपण द्वारा हुई हो
B. अनुबंधित व्यक्ति की पहचान से संबंधित गलती
C. वह गलती जो लिखित दस्तावेज (प्रपत्र) संबंधी प्रकृति अथवा विशेषता की हो
D. द्विपक्षीय गलती (भूल)
E. एकपक्षीय गलती (भूल)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल B, A, C
Solution:

प्रारंभ से ही शून्य करार (Void-ab-initio agreement) लैटिन शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब है शुरूआत से ही शून्य समझौता। इसका मतलब यह है कि कानूनी तौर पर कोई भी अनुबंध बनते ही अमान्य हो जाता है। अनुबंध में लिखी गयी बातों के आधार पर अनुबंध के पक्ष कानूनी रूप से संबंधित नहीं हैं, क्योंकि विचाराधीन समझौता कभी वैध नहीं था।
निम्नलिखित मामलों में करार प्रारम्भ से ही शून्य होता है:-

  • अनुबंधित व्यक्ति की पहचान से संबंधित गलती
  • गलती धोखा अथवा मिथ्या निरूपण द्वारा किये गये करार, तथा
  • वह गलती जो लिखित दस्तावेज (प्रपत्र) संबंधी प्रकृति अथवा विशेषता की हो ।

78. संदेय कर की रकम कितनी होने पर निर्धारिती पर अपनी आय पर अग्रिम कर अदायगी का भुगतान करने का कोई दायित्व नहीं होता है जब कर देयता :

Correct Answer: (a) 10,000 रु. से कम
Solution:

अग्रिम कर अग्रिम कर का अर्थ है कि लागू आयकर की गणना और भुगतान अग्रिम रूप से किया जाना चाहिए अर्थात वर्ष के अंत के बजाय वित्तीय वर्ष के दौरान ।
वर्तमान कानूनों के अनुसार करदाताओं को अग्रिम कर का भुगतान तभी करना पड़ता जब वित्तीय वर्ष के लिए उनकी आयकर देनदारी लागू वित्तीय वर्ष के लिए टी.डी.एस काटने के बाद रु10,000 से अधिक हो अतः जब कर देयता की संदेय कर की रकम रु10,000 से कम होगी तो निर्धारिती अपनी आय पर अग्रिम कर अदायगी का भुगतान करने का कोई दायित्व नहीं होता है।

79. सममिति के बढ़ते हुए क्रम में निम्नलिखित सांख्यिकीय बंटन एवं परीक्षणों को अनुक्रम में रखिए।

A. Z-बंटन
B. काई स्कवायर बंटन
C. T-बंटन
D. F-बंटन
E. समान बंटन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) E, B, D, C, A
Solution:

सममिति के बढ़ते हुए क्रम में साख्यिकीय बंटन एवं परीक्षणों का अनुक्रम निम्नानुसार हैं:-
(1) सामान्य बंटन (2) काई स्कवायर बंटन  (3) F-बंटन
(4) T-बंटन  (5) Z-बंटन

80. मिलर और मोदीगिलानी का लाभांश अप्रासंगिकता सिद्धांत निवेश नीति और लाभांश नीति के बीच निम्नलिखित में से किन संबंधों पर निर्भर करता है?

Correct Answer: (d) निवेश नीति समय से पूर्व तय हो जाती है और लांभाश नीति में परिवर्तन से इसमें कोई परिवर्तन नहीं होता है।
Solution:

मिलर और मोदीगिलानी का लाभांश अप्रासंगिकता सिद्धांत- लाभांश अप्रसांगिकता सिध्दांत एक वित्तीय अवधारणा है जो बताती है कि किसी कंपनी का मूल्य उसकी कमाई और निवेश निर्णयों से आधारित होता है न कि उसकी लाभांश नीति से।
इस सिध्दांत के अनुसार निवेशक इस बात के प्रति उदासीन रहते है कि उन्हें लाभांश मिले या पूंजीगत लाभ जब तक कि कुल रिटर्न समान है। इस सिध्दांत के अनुसार निवेश नीति समय से पूर्व तय हो जाती है और लाभांश नीति में परिवर्तन से इसमें कोई परिवर्तन नहीं होता है।