NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 वाणिज्य (Shift – II)

Total Questions: 100

81. प्रसरण (एनोवा) का एक घटक विश्लेषण______।

Correct Answer: (c) इसका तब कम प्रभाव होता है जब प्रत्येक समूह में प्रेक्षणों की संख्या समरूप (समान) होती है।
Solution:

प्रसरण (एनोवा) का एक घटक विश्लेषण स्नेडकर एण्ड कोचार्न द्वारा, 1989 में दिया गया था। विचरण का एक घटक विश्लेषण (एक तरफा एनोवा) एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग यह तुलना करने के लिए किया जा सकता है कि क्या दो नमूनों के साधन महत्वपूर्ण रूप से भिन्न है या नहीं।
तकनीक का उपयोग केवल संख्यात्मक प्रक्रिया डेटा आमतौर पर एक चर और संख्यात्मक या श्रेणीबद्ध इनपुट डेटा हमेशा एक चर के लिए किया जा सकता है। मान्यताएं- एक घटक एनोवा के परिणामों को तब तक विश्वसनीय माना जा सकता है जब तक निम्नलिखित धारणाएं पूरी होती है:-
• प्रतिक्रिया चर अवशिष्ट सामान्य रूप से वितरित (या लगभग सामान्य रूप से वितरित) होते हैं।
• जनसंख्या की भिन्नताएं समान हैं।
• किसी दिए गए समूह के लिए प्रतिक्रियाएँ स्वतंत्र और समान रूप से वितरित सामान्य यादृच्छिक चर है। उपर्युक्त मान्यताओं के ही कारण इस पर कम प्रभाव होता है जब प्रत्येक समूह में प्रेक्षणों की संख्या समरूप (समान) होती है।

82. निम्नलिखित में से कौन-से अनुषंगी का स्वामित्व भारतीय रिजर्व बैंक के पास नहीं है?

Correct Answer: (b) औद्योगिक विकास वित्त निगम (आई डी एफ सी)
Solution:

अनुषंगी कम्पनी:- अनुषंगी कंपनी या सहायक कंपनी वह कंपनी होती है जिसका स्वामित्व और नियंत्रण किसी अन्य कंपनी के पास होता है, जिसे मूल कंपनी या होल्डिंग कंपनी कहा जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पांच पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है:-
• डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DICGC)

• भारतीय रिजर्व बैंक नोट आधुनिकीकरण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL)

• रिजर्व बैंक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (ReBIT) इंडियन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड एलाइड सर्विसेज (IFTAS)

• रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) तथा इसके अलावा

• राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम (NHB) 1987 और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम 1981 (NABARAD)।
भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित है। अतः प्रश्नगत विकल्पों में से IDFC भारतीय रिजर्व बैंक के स्वामित्व वाली इकाई नहीं है।

83. सीमान्त राजस्व उत्पाद (एम आर पी) और सीमांत संसाधन लागत (एम.आर.सी) के मध्य सबंध के दृष्टिगत परिवर्त्यकारक आगत के प्रयोग में वृद्धि किसी व्यवसाय के लिए कब लाभदायक होता है?

Correct Answer: (a) MRP > MRC
Solution:

सीमान्त राजस्व उत्पाद (एम आर पी) और सीमांत संसाधन लागत (एम आर सी) के मध्य संबंध के दृष्टिगत परिवर्त्य कारक आगत के प्रयोग में वृध्दि किसी व्यवसाय के लिए तब लाभदायक होगी जब सीमान्त राजस्व उत्पाद सीमान्त संसाधन लागत की तुलना में ज्यादा (MRP > MRC) होगा।

84. निम्नलिखित व्यापार वार्ता विमर्श और सारलीकरण के आयोजनों को कालक्रमानुसार अनुक्रम में रखिए।

A. केनडी दौर
B. दोहा दौर
C. जेनेवा दौर
D. टोक्यो दौर
E. उरुग्वे दौर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, A, D, E, B
Solution:

निम्न वार्ता विश्व व्यापार संगठन (WTO) और शुल्क तथा व्यापार पर सामान्य समझौता (GATT) से सम्बन्धित है इनका कालक्रम के अनुसार नियोजन निम्न प्रकार है:-
• जेनेवा दौर (1955-56)
•  केनडी दौर - (1964-67)
•  टोक्यो दौर - (1973-79)
• उरूग्वे दौर (1986-94)- 1 January 1995 को WTO अस्तित्व में आ गया
• दोहा दौर - (2001)

85. भर्ती प्रतिकूल पिरामिड का प्रयोग करने के क्रम में प्रबंधक नए अभ्यार्थियों की भर्ती करते समय निम्नलिखित में से किन तथ्यों से सुअवगत होते हैं :

A. उपलब्ध नियुक्ति प्रस्ताव और वस्तुतः भर्ती किये जाने वाले अभ्यार्थियों का अनुपात 2: 1 है
B. उपलब्ध पद और साक्षात्कार के लिए बुलाये गए लोगों का अनुपात 12: 1 है
C. उपलब्ध प्रस्ताव और नए लोगों का अनुपात 20: 1 है
D. साक्षात्कार के लिए आमंत्रित और जिनका साक्षात्कार हुआ है उनका अनुपात लगभग 4: 3 है E. साक्षात्कार के लिए आमंत्रित न दिए गए ऑफर का अनुपात 3: 2 है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, D, E
Solution:

भर्ती: भर्ती को उस प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है, जिसमें किसी संगठनों के रिक्त पदों को भरने के लिए संभावित उम्मीदवारों की खोज करना और उन्हें प्रभावित करना शामिल है। भर्ती का उद्देश्य संगठन के विकास के लिए योग्य उम्मीदवारों को ढूंढना है।
भर्ती एक सकरात्मक प्रक्रिया है। भर्ती प्रतिकूल पिरामिड का प्रयोग करने के क्रम में प्रबन्धक को नए अभ्यर्थियों की भर्ती करते समय निम्न तथ्यों से सुअवगत होना चाहिए:-
• उपलब्ध नियुक्ति प्रस्ताव और वस्तुतः भर्ती किए जाने वाले अभ्यार्थियों का अनुपात 2:1 हो।
• साक्षात्कार के लिए आमंत्रित और जिनका साक्षात्कार हुआ है उनका अनुपात लगभग 4:3 हो।
• साक्षात्कार के लिए आमंत्रित न दिए गए ऑफर का अनुपात 3:2 हो।

86. P, R और M किसी प्रतिष्ठान में साझेदार हैं। उनकी लाभ और हानि का शेयर 3:2: 1 के अनुपात में था। 1 अप्रैल को R सेवानिवृत्त हो गया। प्रतिष्ठान की ख्याति का मूल्यांकन पिछले तीन वर्ष के लाभ के औसत के आधार पर दो वर्ष की खरीद पर किया गया। पिछले तीन वर्षों में हुए लाभ का ब्यौरा निम्नवत् था :

वर्ष 2020-21 लाभ Rs 2,48,000 रु.
वर्ष 2021-22 हानि Rs 36,000 रु.
वर्ष 2022-23 लाभ Rs 1,48,000 रु.
निर्णय लिया गया कि R की ख्याति (गुडविल) का शेयर P और M की ख्याति रकम क्या होगी?

Correct Answer: (e) *
Solution:

(*): NTA ने मूल्यांकन से बाहर कर दिया है।

87. निम्नलिखित में से कौन एक प्रतिरक्षण संव्यवहार विगोपन (निवेश) की एक परिचालन प्राविधि है?

Correct Answer: (d) अग्रपश्चाभिमुख (लीडिंग एंड लैंगिंग) के माध्यम से प्रतिरक्षण
Solution:

प्रतिरक्षण संव्यवहार विगोपन (लेन-देन का जोखिम):
• जब भी किसी फर्म के पास विदेशी मुद्रा में अंकित प्राप्य या देय राशि होती है, तो यह लेन-देन जोखिम के अधीन होती है।
• इन प्राप्य या देय राशि कर आकार लेन-देन जोखिम के परिणाम को परिभाषित करती है। इस प्रकार जब किसी फर्म के पास कोई विदेशी मुद्रा मूल्यांकित प्राप्य या देय नहीं होता है। उसका लेनदेन का कोई जोखिम नहीं होता है।
परिचालन तकनीकों के माध्यम से बचाव:-
• लेन-देन जोखिम को कम करने के लिए निम्नलिखित परिचालन तकनीकों का भी उपयोग किया जा सकता है:-
(1) चालान मुद्रा का विकल्प
(2) अग्रपश्चाभिमुख (लीडिंग लैगिंग) रणनीति
(3) एक्सपोजर नेटिंग अग्रणी (Leading) का अर्थ है
अग्रिम भुगतान करना और पिछड़ने (Lagging) का अर्थ है बाद में भुगतान करना कभी-कभी नियत तारीख के बाद । जो व्यवसाय इन तकनीकों का उपयोग करते हैं, वे यह अनुमान लगाने का प्रयास करते हैं कि मुद्रा किस दिशा में चलेगी और उसी के अनुसार अपना लेन-देन करते हैं।

88. आव्यूह संरचना उन द्वि-आयामी संरचनाओं का साकारीकरण है जो प्रत्यक्षतः प्राधिकार के दो आयाम से व्यूत्पन्न होता है। बताएं कि इन आव्यूह संरचना का सृजन किस युग्म (संयोजन) से होता है :

Correct Answer: (b) प्रकार्यात्मक और प्रक्षेपीय (अनुमानित)
Solution:

आव्यूह संरचना उन द्वि-आयामी संरचनाओं का साकारीकरण है जो प्रत्यक्षतः प्राधिकार के दो आयामों से व्युत्पन्त्र होता है। इन आव्यूह संरचना का सृजन प्राकार्यात्मक और प्रक्षपीय (अनुमानित) युग्म (संयोजन) से होता है।

89. निम्नलिखित कौन-से कारक (घटक) मापनी के चयन एवं संरचना (निर्माण) को प्रभावित करते हैं?

A. बहु-सहरेखीयता
B. आँकड़ा गुण धर्म
C. आयामों की संख्या
D. महत्त्व का स्तर
E. शोध का उद्देश्य
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल C, E, B
Solution:

मापनी के चयन एवं संरचना (निर्माण) को प्रमाणित करने वाले कारक निम्नलिखित है:-
• आयामों की संख्या
• शोध के उद्देश्य तथा
• आँकड़ा गुण धर्म ।

90. निम्नलिखित में से प्रभावी विपणन सम्मिश्र (मार्केटिंग मिक्स) के अभिलाक्षणिक विशेषताओं को चिह्नित कीजिए :

A. विपणन सम्मिश्र ग्राहक की आवश्यकता के अनुरूप होता है
B. विपणन सम्मिश्र से उच्च लाभप्रदता सुनिश्चित होती है
C. विपणन सम्मिश्र से प्रतिस्पर्धी 'लाभ की स्थिति' उत्पन्न होती है
D. विपणन सम्मिश्र सुसंलयित होता है और यह निगमित संसाधनों के अनुरूप होता है।
E. विपणन सम्मिश्र में नीतिगत सिद्धांतों का पालन किया जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C, D
Solution:

प्रभावी विपणन सम्मिश्र (मार्केटिंग मिक्स) अभिलाक्षणिक विशेषाताएं निम्नानुसार है:-
• विपणन सम्मिश्र ग्राहक की आवश्यकता के अनुरूप होता है।.
• विपणन सम्मिश्र से प्रतिस्पर्धी लाभ की स्थिति उत्पन्न होती है।
• विपणन सम्मिश्र सुसंलयित होता है और यह निगमित संसाधनों के अनुरूप होता है।