NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

11. निम्न में से किन आलोचना पुस्तकों के लेखक मुक्तिबोध हैं :

A. नयी कविता का आत्म संघर्ष तथा अन्य निबंध
B. लघुमानव के बहाने हिंदी कविता पर एक बहस
C. इतिहास और परंपरा
D. नये साहित्य का सौंदर्यशास्त्र
E. कामायनी एक पुनर्विचार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A, D, E
Solution:निम्नलिखित आलोचनात्मक पुस्तकों के लेखक मुक्तिबोध है-
A. नयी कविता का आत्म संघर्ष तथा अन्य निबंध (1964)
D. नये साहित्य का सौंदर्यशास्त्र (1971)
E. कामायनी एक पुनर्विचार (1961)

12. "जब तक भाषा बोलचाल में थी तब तक वह भाषा या देश भाषा ही कहलाती रही, जब वह भी साहित्य की भाषा हो गई तब उसके 'अपभ्रंश' शब्द का व्यवहार होने लगा।" यह कथन किसका है?

Correct Answer: (c) रामचंद्र शुक्ल
Solution:"जब तक भाषा बोलचाल में थी तब जक वह भाषा या देशभाषा ही कहलाती रही, जब वह भी साहित्य की भाषा हो गई तब उसके लिए 'अपभ्रंश' शब्द का व्यवहार होने लगा।" यह कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' नामक ग्रंथ की रचना की जिसका प्रकाशन 1929 ई. में हुआ था।

13. निम्नांकित चरित्रों को, तत्संबंधी उपन्यासों के प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. सोमराज साहनी B. काशीशाह
C. रूप्पन बाबू D. प्यारू
E. प्रतापी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) D, A, C, E, B
Solution:
पात्रउपन्यासरचनाकारप्रकाशन वर्ष
प्यारूमैला आँचलरेणु1954 ई.
सोमराज साहनीझूठा सचयशपाल1958 ई.
रूप्पन बाबूरागदरबारीश्रीलाल शुक्ल1968 ई.
प्रतापीधरती धन न अपनाजगदीशचंद्र1972 ई.
काशीशाहजिंदगीनामाकृष्णा सोबती1979 ई.

14. 'भारत दुर्दशा' नाटक के विभिन्न गीतों के ऊपर शैली राग का नाम दिया गया है। निम्न में से किनकिन का प्रयोग इस नाटक में है?

A. राग जयजयवंती
B.राग रामकली
C. लावनी
D. राग चैती गौरी
E. राग काफी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल C, D और E
Solution:'भारत दुर्दशा' नाटक के विभिन्न गीतों के ऊपर शैली/राग का नाम दिया गया है जो निम्न है- लावनी, राग चैती गौरी, राग काफी ।
• 'भारत दुर्दशा' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित नाटक है जिसका प्रकाशन 1880 ई. में हुआ।
• भारत दुर्दशा में छ; अंक हैं। यह राष्ट्रीय चेतना का पहला हिंदी नाटक है। इसमें भारतेन्दु ने प्रतीकों के माध्यम से भारत की तत्कालीन स्थिति का चित्रण किया है। मुख्य पात्र भारत, भारत दुर्दैव एवं भारत भाग्य।
गौण पात्र- योगी, आलस्य, मदिरा, सत्यानाश फौजदार, रोग, अन्धकार, निर्लज्जता एवं आशा आदि।
भारतेन्दु के अन्य नाटक- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवती, सत्य हरिश्चन्द्र, श्री चन्द्रावली, नीलदेवी, अंधेर नगरी आदि।

15. अर्ध-मागधी प्राकृत में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

A. जैन आचार्यों ने शास्त्रों की रचना में इस भाषा को अपनाया।
B. इसका तत्कालीन रूप मथुरा के आसपास व्यवह्त होता था।
C. 'स', 'घ' के स्थान पर 'श' का प्रयोग अर्धमागधी की प्रमुख विशेषता है।
D. अर्ध-मागधी प्राकृत की स्थिति मागधी और शौरसेनी प्राकृतों के बीच मानी गई है।
E. अर्ध-मागधी प्राकृत के अर्धमागधी अपभ्रंश से अवधी बोली का संबंध माना जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, C और E
Solution:अर्ध-मागधी प्राकृत के संबंध में सत्य कथन निम्नलिखित हैं-
(i) जैन आचार्यों ने शास्त्रों की रचना में इस भाषा को अपनाया।
(ii) 'स', 'घ' के स्थान पर 'श' का प्रयोग अर्धमागधी की प्रमुख विशेषता है।
(iii) अर्ध-मागधी प्राकृत के अर्धमागधी अपभ्रंश से अवधी बोली का संबंध माना जाता है।
• यह प्राचीन में मगध की साहित्यिक एवं बोलचाल की भाषा थी।

16. 'आधे अधूरे' नाटक में 'वर्णा' नामक युवती का उल्लेख कौन करता है?

Correct Answer: (d) किन्नी
Solution:'आधे अधूरे' नाटक में 'वर्णा' नामक युवती का उल्लेख 'किन्नी' करती है। यह आधे अधूरे नाटक में 'छोटी लड़की' रहती है। आधे-अधूरे मोहन राकेश का प्रमुख नाटक है। महेन्द्रनाथ, सिंघानिया, सावित्री, अशोक, बिन्नी आदि उसके प्रमुख पात्र है। आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस मोहन राकेश के अन्य प्रमुख नाटक है।

17. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (विशेषण)सूची-II (विशेषण के प्रकार)
A. अच्छाI. सर्वनामिक विशेषण
B. सवाII. परिमाणवाचक विशेषण
C. कुछIII. गुणवाचक विशेषण
D. वहIV. संख्यावाचक विशेषण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-III, B-II, C-IV, D-I
Solution:सूची-I का सूची-II के साथ सही मिलान इस प्रकार है-
विशेषण-विशेषण के प्रकार
अच्छा-गुणवाचक विशेषण
सवा-परिमाणवाचक विशेषण
कुछ-संख्यावाचक विशेषण
वह-सर्वनामिक विशेषण

18. "भीतर कदम तो रख दिया, पर सहसा सहमा गई, जैसे वह किसी अंधेरे कुएँ में अपने-आप कूद पड़ी हो, ऐसा कुआँ जो निरंतर पतला होता गया है ... और जिसमें पानी की गहराई पाताल की पर्तों तक चली गई हो, जिसमें पड़कर वह नीचे धँसती चली जा रही हो...."

-यह कथन किस कहानी से लिया गया हैः

Correct Answer: (b) राजा निरबंसिया
Solution:"भीतर कदम तो रख दिया, पर सहसा सहमा गई, जैसे वह किसी अंधेरे कुएँ में अपने-आप कूद पड़ी हो, ऐसा कुआँ जो निरंतर पतला होता गया है ... और जिसमें पानी की गहराई पाताल की पर्तों तक चली गई हो, जिसमें पड़कर वह नीचे धँसती चली जा रही हो.....।" यह कथन राजा निरबंसिया कहानी से लिया गया है।

राजा निरबंसिया कमलेश्वर द्वारा रचित कहानी है जिसका प्रकाशन 1957 ई. में हुआ। यह कहानी कमलेश्वर के कहानी संग्रह 'राजा निरबंसिया' में शामिल है। इनके अन्य कहानी संग्रह- कसबे का आदमी, खोई हुई दिशाएं, मांस का दरिया बयान, आजादी मुबारक, जार्ज पंचम की नाक, कोहरा, कथा प्रस्थान आदि।

जबकि 'कोसी का घटवार' शेखर जोशी की 'अपना-अपना भाग्य' जैनेन्द्र की तथा 'परिंदे' निर्मल वर्मा की कहानी है।

19. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान बाँगरू बोली का क्षेत्र माना जाता है?

Correct Answer: (a) हिसार
Solution:'हिसार' बाँगरू बोली का क्षेत्र माना जाता है। इसको हरियाणवी नाम से भी जाना जाता है। यह बोली शौरसेनी अपभ्रंश के पश्चिमी हिन्दी से विकसित हुई है। पश्चिमी हिन्दी के अन्तर्गत निम्न बोलियाँ आती है-
(i) कौरवी (ii) हरियाणवी या बाँगरू (iii) ब्रजभाषा (iv) बुन्देली (v) कन्नौजी
बोलीबोली क्षेत्र
कन्नौजीइटावा
बुन्देलीजालौन
ब्रजभाषाअलीगढ़

20. यह गीत 'गोदान' में कौन सा पात्र गाता है?

'हिया जरत रहत दिन रैन ।
आम की डरिया कोयल बोले
तनिक न आवत चैन।"

Correct Answer: (a) होरी
Solution:'हिया जरत रहत दिन रैन ।
आम की डरिया कोयल बोले
तनिक न आवत चैन ।"
यह गीत 'गोदान' उपन्यास में 'होरी' गाता है। प्रेमचंद के गोदान उपन्यास में होरी प्रधान पात्र है तथा धनिया, भोला, पटेश्वरी, झुनिया, गोबर, मेहता, ओंकारनाथ आदि गोदान के अन्य प्रमुख पात्र हैं।