Correct Answer: (c) केवल C, D और E
Solution:'भारत दुर्दशा' नाटक के विभिन्न गीतों के ऊपर शैली/राग का नाम दिया गया है जो निम्न है- लावनी, राग चैती गौरी, राग काफी ।
• 'भारत दुर्दशा' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित नाटक है जिसका प्रकाशन 1880 ई. में हुआ।
• भारत दुर्दशा में छ; अंक हैं। यह राष्ट्रीय चेतना का पहला हिंदी नाटक है। इसमें भारतेन्दु ने प्रतीकों के माध्यम से भारत की तत्कालीन स्थिति का चित्रण किया है। मुख्य पात्र भारत, भारत दुर्दैव एवं भारत भाग्य।
गौण पात्र- योगी, आलस्य, मदिरा, सत्यानाश फौजदार, रोग, अन्धकार, निर्लज्जता एवं आशा आदि।
भारतेन्दु के अन्य नाटक- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवती, सत्य हरिश्चन्द्र, श्री चन्द्रावली, नीलदेवी, अंधेर नगरी आदि।