NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

31. यह कवितांश किस कवि द्वारा रचित है?

"बिना दुख के सब निस्सार,
बिना आँसू के जीवन भार,
दीन दुर्बल है रे, संसार
इसी से दया, क्षमा औ' प्यार !"

Correct Answer: (a) सुमित्रा नन्दन पन्त
Solution:उपर्युक्त कवितांश सुमित्रा नंदन पंत द्वारा रचित 'परिवर्तन' कविता से है। इसका प्रकाशन 1924 ई. में हुआ। यह रोला छंद में रचित एक लम्बी कविता है। यह 'पल्लव' काव्य संग्रह में संकलित है।
पंत की रचनाएँ - वीणा, पल्लव, चिदंबरा, युगवाणी, लोकायतन, युगपथ, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूलि, कला और बूढ़ा चाँद आदि।
मैथिलीशरण गुप्त - साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध, भारत-भारती, पंचवटी, द्वापर, सिद्धराज, नहुष, किसान, गुरूकुल, जयभारत, शंकुतला, विष्णुप्रिया, उर्मिला आदि।
रामधारी सिंह 'दिनकर' - कुरूक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी, हुंकार, परशुराम की प्रतीक्षा, हारे को हरिनाम, रश्मिलोक आदि।
नागार्जुन - हजार- हजार बाहों वाली, सतरंगे पंखोवाली, खिचड़ी विप्लव देखा हमने, युगधारा, इस गुब्बारे की छाया में, मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा, पुरानी जूतियों का कोरस, भूमिजा आदि।

32. महादेवी वर्मा के निम्नलिखित में से किस निबंध - संकलन का केन्द्रीय विषय स्त्री-मुक्ति है?

Correct Answer: (b) श्रृंखला की कड़ियाँ
Solution:महादेवी वर्मा के निबन्ध संकलन 'श्रृंखला की कड़ियाँ का केन्द्रीय विषय स्त्री-मुक्ति है।
महादेवी वर्मा की प्रमुख गद्य रचना - विवेचनात्मक गद्य, भारतीय संस्कृति के स्वर, साहित्यकार की आस्था तथा अन्य निबन्ध, संकल्पिता, क्षणदा, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, पथ के साथी, मेरा परिवार आदि।

33. आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा लिखित और संपादित रचनाओं को, प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. रस मीमांसा
B. गोस्वामी तुलसीदास
C. जायसी ग्रंथावली
D. भ्रमरगीत सार
E. हिंदी साहित्य का इतिहास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) B, C, D, E, A
Solution:आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा लिखित और संपादित रचनाओं का प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद का क्रम निम्नलिखित है।
संपादित और लिखित रचनाप्रकाशन वर्ष
गोस्वामी तुलसीदास1923
जायसी ग्रंथावली1924
भ्रमरगीत सार1925
हिन्दी साहित्य का इतिहास1929
रस मीमांसा1949

34. मिश्र बंधुओं द्वारा रचित 'मिश्र बंधु विनोद' कुल कितने भागों में विभक्त है?

Correct Answer: (c) चार
Solution:मिश्र बंधुओं द्वारा रचित 'मिश्र बंधु विनोद' कुल चार भागों में विभक्त है। इनमें से प्रथम तीन भागों का प्रकाशन सन् 1913 में हुआ था। इसका चौथा भाग सन् 1934 में प्रकाशित हुआ।
• 'मिश्रबन्धु विनोद' में 4591 कवियों का जीवनवृत्त वर्णित है।
• मिश्रबन्धुओं में गणेश बिहारी, श्याम बिहारी तथा शुकदेव बिहारी मिश्र हैं।
• 'मिश्रबन्धु विनोद' में कवियों का सापेक्षिक महत्व निर्धारित करने के लिए उनकी चार श्रेणियाँ बनायी गई हैं।

35. निम्नलिखित में से कौन-से पात्र 'कोसी का घटवार कहानी के हैं :

A. रजुआ
B. लछमा
C. बहादुर
D. धरमसिंह
E. अँसाई
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल B, D, E
Solution:शेखर जोशी कृत 'कोसी का घटवार' कहानी के प्रमुख पात्र-लछमा, धरमसिंह, गुसाई, गंगानाथ, रामसिंह, किशनसिंह आदि। 'कोशी का घटवार' 1958 में प्रकाशित हुई थी। यह पहाड़ी परिवेश की कहानी है। इसमें पहाड़ी जीवन की झलक दिखाई देती है।
• यह एक अधूरी प्रेम कहानी है। 'कोसी का घटवार' को चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी 'उसने कहा था' के समकक्ष माना जाता है।
• 'घटवार' का अर्थ होता है 'पनचक्की' जो पानी से चलती है। उस चक्की से अनाज वगैरह पीसा जाता है।
शेखर जोशी के प्रमुख कहानी संग्रह - कोशी का घटवार, साथ के लोग, दास्यू, हलवाहा, नौरंगी बीमार है।

36. 'बकरी' नाटक के इन गीतों को, नाटक में आने के क्रम से, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. युगल गीत जा तेरी मेरी ना पटनी
कैसी बनाई चटनी ॥
B. पूजा गीत - तन मन धन उन्नायक जय हे
जय जय बकरी माता।
C. वंदना - हे संकट मोचू
बना दे हमें घोंचू
D. समूह गान - बकरी मैया तोरे चरनन अरज करूँ
गाँधी बाबा तोरे चरनन अरज करूँ
E. डंडा गीत - डंडा ऊँचा रहे हमारा
सबसे प्यारा सबसे न्यारा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, A, E, B, D
Solution:'बकरी' नाटक के इन गीतों का पहले से बाद का क्रम इस प्रकार है-
(i) वंदना - हे संकट मोचू बना दे हमें घोंचू ।
(ii) युगल गीत - जा तेरी मेरी ना पटनी कैसी बनाई चटनी ।।
(iii) डंडा गीत - डंडा ऊँचा रहे हमारा सबसे प्यारा सबसे न्यारा।
(iv) पूजा गीत - तन मन धन उन्नायक जय है।
जय जय बकरी माता
(v) समूह गान - बकरी मैया तोरे चरनन अरज करूँ
गाँधी बाबा तोरे चरनन अरज करूँ।

37. करीमुद्दीन किस कहानी का पात्र है :

Correct Answer: (c) परिंदे
Solution:करीमुद्दीन 'परिंदे' कहानी का पात्र है। परिंदे (1960), जलती झाड़ी (1965), पिछली गर्मियों में (1968), बीच बहस में (1973), कव्वे और कालापानी (1983) आदि निर्मल वर्मा की प्रमुख कहानियाँ हैं जबकि 'दुनिया का अनमोल रतन' प्रेमचंद की, 'गैंग्रीन' अज्ञेय की तथा 'सिक्का बदल गया' कृष्णा सोबती की प्रमुख कहानी है।

38. 'अंधायुग' के अंकों को, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य
B.प्रभु की मृत्यु
C. गांधारी का शाप
D. पंख, पहिये और पट्टियाँ
E. पशु का उदय
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) E, A, D, C, B
Solution:'अंधायुग' गीतिनाट्य के अंकों का पहले से बाद का क्रम इस प्रकार है -
(i) पशु का उदय
(ii) अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य
(iii) पंख, पहिये और पट्टियाँ
(iv) गांधारी का शाप
(v) प्रभु की मृत्यु
• 'अंधायुग' धर्मवीर भारती द्वारा रचित गीति नाट्य है। इसका प्रकाशन वर्ष 1955 ई. है। इसका कथानक महाभारत युद्ध के अंतिम दिन पर आधारित है।

39. "जिस जाति की सामाजिक अवस्था जैसी होती है उसका साहित्य भी ठीक वैसा ही होता है। जातियों की क्षमता और सजीवता यदि कहीं प्रत्यक्ष देखने को मिल सकती है तो उनके साहित्य रूपी आईने ही में मिल सकती है।"

- यह कथन किस लेखक का है?

Correct Answer: (a) महावीर प्रसाद द्विवेदी
Solution:"जिस जाति की सामाजिक अवस्था जैसी होती है उसका साहित्य भी ठीक वैसा ही होता है। जातियों की क्षमता और सजीवता यदि कहीं प्रत्यक्ष देखने को मिल सकती है तो उनके साहित्य रूपी आईने ही में मिल सकती है।" यह कथन महावीर प्रसाद द्विवेदी का है।
• आचार्य शुक्ल ने लिखा है, जबकि प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्तियों का संचित प्रतिबिम्ब होता है, तब यह निश्चित है कि जनता की चित्तवृत्ती के परिवर्तन के साथ-साथ साहित्य के स्वरूप में भी परिवर्तन होता चला जाता है। आदि से अन्त तक इन्ही चित्तवृत्तियों की परम्परा को परखते हुए साहित्यपरम्परा के साथ उनका सामंजस्य दिखाना ही 'साहित्य का इतिहास' कहलाता है।"

40. निम्नलिखित उपन्यासों को, उनके प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. चित्रलेखा B.राम रहीम
C.विराटा की पद्मिनी D. विस्मृति के गर्भ में
E. अलका
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (e) (*)
Solution:उपन्यासों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद का क्रम है-
उपन्यासप्रकाशन वर्षउपन्यासकार
अलका1933सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
चित्रलेखा1934भगवती चरण वर्मा
विराट की पद्मिनी1936वृंदावनलाल वर्मा
राम रहीम1936राधिकारमण प्रसाद सिंह
विस्मृति के गर्भ में1946राहुल सांकृत्यायन

नोट- विकल्पगत सभी उत्तर अंसगत हैं क्योंकि कोई भी विकल्प प्रकाशनवर्ष के अनुसार सही नहीं है।