"चकित चकत्ता चौंकि चौंकि उठे बार बार,
दिल्ली दहसति चितै चाहि करषति है।
बिलखि बदन बिलखत बिजैपुर पति,
फिरत फिरंगिन की नारी फरकति है।"
Correct Answer: (b) भूषण
Solution:उर्पयुक्त पंक्तियाँ रीतिकालीन कवि भूषण की हैं। 'भूषण' चिंतामणि और मतिराम के भाई थे। चित्रकूट के सोलंकी राजा रूद्र ने इन्हें 'कवि भूषण' की उपाधि दी थी।
भूषण की प्रमुख रचनाएं - शिवराज भूषण, शिवाबावनी और छत्रशालदशक हैं।
मतिराम की प्रमुख रचनाएं - ललितललाम, छंदसार, रसराज, साहित्यसार, लक्षण श्रृंगार। इनकी प्रमुख काव्य पंक्ति-
केलि के राति अघाने नहीं दिन ही में लला पुनि घात लगाई।
प्यास लगी, कोड पानी दै जाइयो, भीतर बैठि के बात सुनाई।।
जेठी पठाई गई दुलही हँसि हेरि हरें मतिराम बुलाई।
कान्ह के बोल पे कान न दीन्हीं सुगेह की देहरि पै धारि आई।
कुलपति मिश्र की प्रमुख रचनाएँ- रस रहस्य, द्रोणपर्व, युक्तितरंगिणी, नखशिख, संग्रामसार, आदि।
इनकी प्रमुख काव्य - पंक्ति ऐसिय कुंज बनी छविपुंज रहे अलि गुंजत यों सुख लीजै। नैन बिसाल हिए बनमाल, बिलोकत रूप सुधा भरि पीजै।