NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

61. आचार्य रामचंद्र शुक्ल की पुस्तक 'त्रिवेणी' में निम्न कवियों पर निबंध संकलित हैं :

Correct Answer: (c) सूर, तुलसी, जायसी
Solution:'त्रिवेणी' आचार्य रामचंद्र शुक्ल की तीन कृतियों मलिक मुहम्मद जायसी, महाकवि सूरदास तथा गोस्वामी तुलसीदास के आलोचनात्मक अंशो का संकलन है। निबन्धों को इस दृष्टि से संकलित किया गया है कि साहित्य परंपरा की श्रेष्ठता तथा निबन्ध रचना का मानकीकरण हो सके। इनकी शैली, वैयक्तिकता, स्वच्छंदता तथा भावात्मक पक्ष इन तत्वों में समाहित है।

62. तुलसीदास रचित 'रामचरित मानस' में 'रामराज्य' संबंधी वर्णन की पंक्तियाँ हैं:

A. नहिं भय सोक न रोग
B. बड़े भाग मानुष तन पावा
C. सब गुनग्य पंडित सब ज्ञानी
D. देत ईस बिनु हेतु सनेही
E. सब उदार सब पर उपकारी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, C और E
Solution:तुलसीदास रचित 'रामचरित मानस' में 'रामराज्य' संबंधी वर्णन की पंक्तियाँ निम्नलिखित हैं -
(i) नहिं भय सोक न रोग
(ii) सब गुनग्य पंडित सब ज्ञानी
(iii) सब उदार सब पर उपकारी
• रामचरितमानस की रचना संवत् 1631 में चैत्र शुक्ल रामनवमी (मंगलवार) को हुआ। इसकी रचना में कुल 2 वर्ष 7 महीना 26 दिन लगा।
गोस्वामी जी की प्रमुख रचनाएँ - वैराग्य संदीपनी, रामाज्ञा प्रश्न, रामलला नहछु, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, कृष्ण गीतावली, विनय पत्रिका, बरवै रामायण, कवितावली आदि।

63. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (चरित्र)सूची-II (भाई/बहन)
A. कनकI. ऊषा
B. ताराII. दम्मो
C. उर्मिलाIII. कंचन
D. रतनIV. प्रवीण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:यशपाल के उपन्यास 'झूठा सच' (वतन और देश) में आये पात्रों का सही मिलान है-
सूची-Iसूची-II
A. कनकIII. कंचन
B. ताराI. ऊषा
C. उर्मिलाIV. प्रवीण
D. रतनII. दम्मो

64. निम्नलिखित चरित्रों को, तत्संबंधी नाटकों के प्रथम प्रकाशन के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. अलका             B. अशोक
C. अनुनासिक       D. लोचन बाबू
E. नारायणदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) E, A, C, B, D
Solution:नाटकों के प्रथम प्रकाशन के अनुसार पात्रों का क्रम है-
नाटकवर्षपात्रनाटककार
अंधेर नगरी1881नारायण दासभारतेन्दु हरिश्चन्द्र
चन्द्रगुप्त1931अलकाजयशंकर प्रसाद
आषाढ़ का एक दिन1958अनुनासिकमोहन राकेश
आधे अधूरे1969अशोकमोहन राकेश
महाभोज1982लोचन बाबूमन्नू भंडारी

65. 'कामायनी' के 'लज्जा' की पंक्तियाँ हैं :

A. प्राणी, कटुता को बाँट रहा जगती को करता अधिक दीन
B. वन, गुहा, कुंज, मरु अंचल में हूँ खोज रहा अपना विकास
C. मैं एक पकड़ हूँ जो कहती ठहरो कुछ सोच-विचार करो।
D. इस निविड़ निशा में संसृति की आलोकमयी रेखा क्या है?
E. नारी ! तुम केवल श्रद्धा हो विश्वास रजत नग पगतल में,
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल C, D और E
Solution:जयशंकर प्रसार कृत 'कामायनी' की प्रमुख पंक्तियाँ व  उनके सर्ग हैं-
काव्य पंक्तिसर्ग

प्राणी, कटुता को बाँट रहा जगती को करता अधिक दीन

इड़ा सर्ग

वन, गुहा, कुंज, मरु-अंचल में हूँ खोज रहा अपना विकास

इड़ा सर्ग

मैं एक पकड़ हूँ जो कहती ठहरो कुछ सोच-विचार करो।

लज्जा सर्ग

इस निविड़ निशा में संसृति की आलोकमयी रेखा क्या है?

लज्जा सर्ग

नारी! तुम केवल श्रद्धा हो विश्वास-रजत-नग पगतल में,

लज्जा सर्ग

66. हिन्दू नवोत्थान, 'मुस्लिम नवोत्थान' शीर्षक प्रकरण 'संस्कृति के चार अध्याय' के किस अध्याय में संकलित हैं?

Correct Answer: (d) चतुर्थ अध्याय
Solution:हिन्दू नवोत्थान, 'मुस्लिम नवोत्थान' शीर्षक प्रकरण 'संस्कृति के चार अध्याय' के चतुर्थ अध्याय में संकलित हैं।
• 'संस्कृति के चार अध्याय' की रचना रामधारी सिंह दिनकर ने की है। इसका प्रकाशन 1956 ई. में हुआ। इस साहित्य के लिए इन्हें 1959 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
• संस्कृति के चार अध्याय पुस्तक चार अध्यायों में विभक्त है-
(i) भारतीय जनता की रचना और हिन्दू संस्कृति का वर्णन ।
(ii) प्राचीन हिन्दुत्व से विद्रोह ।
(iii) हिन्दू संस्कृति और इस्लाम।
(iv) भारतीय संस्कृति और यूरोप ।
दिनकर की प्रमुख काव्य रचनाएँ- उर्वशी, कुरुक्षेत्र, रेणुका, हुंकार, रश्मिरथी आदि।

67. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (कहानीकार)सूची-II (कहानी)
A. राजेंद्र यादवI. एक पथिक का स्वप्न
B. अज्ञेयII. चित्र लिखे पत्थर
C. जयशंकर प्रसादIII. जिज्ञासा
D. माधवराव सप्रेIV. अपने पार

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:कहानीकारों एवं कहानियों का सही सुमेल है-
(कहानीकार)(कहानी)
A. राजेंद्र यादवअपने पार
B. अज्ञेयजिज्ञासा
C. जयशंकर प्रसादचित्र लिखे पत्थर
D. माधवराव सप्रेएक पथिक का स्वप्न

68. इनमें से किस जैन आचार्य को 'कलिकालसर्वज्ञ' नाम से भी जाना जाता है?

Correct Answer: (b) हेमचंद्र
Solution:जैन आचार्य 'हेमचंद्र' को 'कविकालसर्वज्ञ' नाम से भी जाना जाता है। हेमचंद्र गुजरात के सोलंकी राजा सिद्धराज जयसिंह और उनके भतीजे कुमार पाल के राजदरबार में रहते थे। इनके व्याकरण ग्रंथ का नाम 'सिद्ध हेम' है। 'सिद्ध हेम' में संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश तीनों का समावेश किया गया है।
हेमचन्द्र की अन्य ग्रंथ निम्नलिखित हैं- कुमार पाल चरित्र, योगशास्त्र, प्राकृत व्याकरण, छन्दोनुशासन, देशीनाम माला कोष ।

69. 'इतिहास तिमिरनाशक'पुस्तक के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (c) राजा शिव प्रसाद
Solution:'इतिहास तिमिरनाशक' पुस्तक के लेखक राजा शिव प्रसाद 'सितारे हिंद' है। इनकी अन्य रचनाएँ राजा भोज का सपना, भुगोल हस्तामालक, मानव धर्मसार इत्यादि ।

70. 'मानस का हंस' के अनुसार उपन्यास के अंतिम अंश में तुलसीदास 'विनय पत्रिका' के किस छन्द को अन्तिम छन्द कहते हुए उसे गाने लगते हैं?

Correct Answer: (b) मारुति-मन, रूचि भरत की लखि लषन कही है।
Solution:'मानस का हंस' के अनुसार उपन्यास के अंतिम अंश में तुलसीदास 'विनय पत्रिका' के छंद 'मारूति मन, रूचि भरत की लखि लषन कही है।' को अन्तिम छंद कहते हुए उसे गाने लगते हैं। 'मानस का हंस' अमृत लाल नागर द्वारा रचित जीवनी परक उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1972 ई. हुआ।
अमृतलाल नागर के प्रसिद्ध उपन्यास - बूँद और समुद्र, सुहाग के नुपूर, अमृत और विष, सात घूँघटवाला मुखड़ा, एकदानैमिषारण्ये, नाच्यौं बहुत गोपाल, खंजन नयन, बिखरे तिनके, अग्निगर्भा, करवट, पीढ़ियाँ आदि।