Correct Answer: (b) मारुति-मन, रूचि भरत की लखि लषन कही है।
Solution:'मानस का हंस' के अनुसार उपन्यास के अंतिम अंश में तुलसीदास 'विनय पत्रिका' के छंद 'मारूति मन, रूचि भरत की लखि लषन कही है।' को अन्तिम छंद कहते हुए उसे गाने लगते हैं। 'मानस का हंस' अमृत लाल नागर द्वारा रचित जीवनी परक उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1972 ई. हुआ।
अमृतलाल नागर के प्रसिद्ध उपन्यास - बूँद और समुद्र, सुहाग के नुपूर, अमृत और विष, सात घूँघटवाला मुखड़ा, एकदानैमिषारण्ये, नाच्यौं बहुत गोपाल, खंजन नयन, बिखरे तिनके, अग्निगर्भा, करवट, पीढ़ियाँ आदि।