NTA यू.जी.सी. नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून-2025 योगा (Yoga)

Total Questions: 100

91. नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

मानवीय श्वसन तंत्र की विशेषता है कि यह ऐच्छिक तथा अनैच्छिक दोनों रूपों में कार्य करता है। अतः प्राणायाम के माध्यम से हम ऐच्छिक (शरीर क्रियाओं का चैतन्य नियंत्रण) से अनैच्छिक (शारीरिक क्रियाओं का अल्प नियन्त्रण) तक गति होती है। प्राण एवं  मन मस्तिष्क के उच्चतम केन्द्रों द्वारा क्रियान्वित होता है।

भौतिक शरीर में उच्चस्तरीय मस्तिष्कीय केन्द्र जिनकी सर्वश्रेष्ठ क्रियाशीलता होती है, वह निचले मस्तिष्कीय केन्द्रों को नियन्त्रित करते हैं साथ ही अन्य शारीरिक क्रियाओं का भी नियमन करते हैं। यह उच्च स्तरीय मस्तिष्कीय केन्द्र मिड ब्रेन के माध्यम से क्रियान्वित होते हैं तथा निचले मस्तिष्कीय क्रियाकलापों को नियन्त्रित एवं परिवर्तित करता है।

हाइपोथैलेमस जो कि मिड ब्रेन के ऊपर स्थित होता है, जो निचले केन्द्रों को नियन्त्रित करता है। हाइपोथैलेमस शरीर के समस्त स्वायत्तशासी क्रियाओं को भी नियन्त्रित करता है। हाइपोथैलेमस स्वायत्तशासी तन्त्र तथा अन्तःस्रावी तंत्र के माध्यम से शारीरिक क्रियाओं को नियन्त्रित करता है। तथा शारीरिक क्रियाओं में परिवर्तन लाता है।

हाइपौथेलेमस तथा ऐच्छिक तन्त्रिका तन्त्र का सम्बन्ध मस्तिष्क के उच्चस्थ केन्द्रों द्वारा होता है यह सामान्य मनुष्यों में स्वाभाविक प्रक्रिया है। सामान्य रूप से ऐच्छिक तन्त्रिका श्वसन तंत्र से सम्बन्धित होता है। अतः हम ऐच्छिक रूप से श्वास्-प्रश्वास, की गति, स्वरूप, लय आदि को स्वेच्छा से परिवर्तित कर सकते हैं इसी प्रकार ऐच्छिक तंत्रिका तंत्र, हाइपोथैलेमस स्वायत्त नियंत्रण को पार कर अपना नियंत्रण बना लेता है।

श्वास प्रश्वास प्रक्रिया है।

Correct Answer: (c) ऐच्छिक एवं अनैच्छिक
Solution:• अनैच्छिक रूप से हमारा मस्तिष्क (विशेषकर Medulla oblongata) स्वचालित रूप से श्वास प्रश्वास को नियंत्रित करता है जिससे हम बिना सोचे-समझे सांस लेते हैं।
• ऐच्छिक रूप से हम कुछ समय के लिए सांस रोक सकते हैं या तेज धीमा कर सकते हैं,जैसे ध्यान या योग करते समय ।

92. प्राणायाम का परिणाम है।

Correct Answer: (b) श्वसन के स्वायत्त नियंत्रण को पार करना
Solution:• प्राणायाम एक यौगिक अभ्यास है जिसके श्वास की गति गहराई और ताल को नियंत्रित किया जाता है।
• सामान्यतः श्वसन स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) द्वारा नियंत्रित होता है, जो अनैच्छिक होता है।
• लेकिन प्राणायम के अभ्यास से व्यक्ति इस स्वायत्त नियंत्रण को भी प्रभावित कर सकता है। यानी वह श्वसन के अनैच्छिक नियंत्रण को पार करके उसे ऐच्छिक रूप से संचालित कर सकता है।

93. हाइपोथैलेमस नियमन करता है।

Correct Answer: (a) अन्तः स्रावी संस्थान एवं स्वायत्तशासी तन्त्रिका तन्त्र
Solution:हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) मस्तिष्क का एक प्रमुख भाग है जो शरीर की अनेक स्वचालित एवं जैव-रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। यह मुख्यतः दो प्रणाली को नियंत्रित करता है।

(1) अन्तःस्रावी संस्थान (Endocrine System) हाइपोथैलेमस पिट्यूटरी ग्रंथि को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर के विभिन्न हार्मोन्स नियंत्रित होते हैं। यह हार्मोन्स संतुलन बनाए रखता है। जैसे- थायराइड, एड्रिनल, गोनाड्स आदि पर प्रभाव रखता है।
2. स्वायत्तशासी तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System)-

• यह तंत्र शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जैसे हृदय गति रक्तचाप, पाचन, पसीना आदि।
• हाइपोथैलेमस इस तंत्र का उच्चतम नियंत्रण केन्द्र होता है।

94. मस्तिष्क का क्षेत्र जो कि श्रेष्ठतम नियामक होता है, वह किससे नियंत्रित है?

Correct Answer: (a) हाईपौथेलेमस
Solution:हाइपोथैलेमस मस्तिष्क का एक छोटा भाग है लेकिन अत्यंत शक्तिशाली भाग है जो शरीर की अनेक महत्वपूर्ण क्रियाओं का "श्रेष्ठतम नियामक" (Master Regulator) माना जाता है।

क्योंकि यह -

• शरीर का तापमान
• भूख, प्यास
• नींद, भावनाएँ
• हार्मोन्स स्राव (Pituitary gland) के माध्यम से। आदि का नियंत्रण करता है।

95. श्वास प्रश्वास के ऐच्छिक नियमन का उदाहरण :

Correct Answer: (e) a और c
Solution:

1. दौड़ते समय श्वास प्रश्वास की गति का बढ़ना स्वतः परिवर्तन होता रहता है। जब हम दौड़ते हैं तो शरीर को अधिक ऑक्सीजन चाहिए होती है। लेकिन (मस्तिष्क) विशेष रूप से मेडुला आब्लोंगाटा स्वतः श्वसन गति बढ़ा देता है। • (यह एक अनैच्छिक नियंत्रण क्रिया है)

3. "जल के भीतर सांस रोकना" यह व्यक्ति अपनी इच्छा से करता है। यह नियंत्रण स्वेच्छा से किया जाता है। (यह ऐच्छिक Voluntary) नियंत्रण का शुद्ध उदाहरण है। नोट (उत्तर c होना चाहिए, लेकिन NTA ने a, c दोनों माना है)।

96. नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

ॐ इस अक्षर का यज्ञ में उद्गाता द्वारा सर्वप्रथम उच्चारण किया जाता है। उसी उद्गीथ साधना की यहाँ व्याख्या की जाती है। सम्पूर्ण प्राणियों अथवा पदार्थों का रस पृथ्वी है। पृथ्वी का रस जल है। जल का रस औषधियां हैं। औषधियों का रस पुरुष का रस वाक् है। वाणी का रस साम है।

साम का रस उद्गीथ है। यह सभी रसों में सर्वोत्तम रस है। तथा परमात्मा का प्रतीक हैं। वाक् ही ऋक हैं, प्राण ही साम  है और ऊँकार ही उद्गीथ है। जो ऋक रूप वाणी और सामरूप प्राण है ये जोड़े प्रसिद्ध हैं। जिस प्रकार मिथुन (स्त्री-पुरुष) का मिलन एकदूसरे की कामनाओं की पूर्ति करता है, उसी प्रकार इसे जोड़े के संयोग से ऊँकार का संसृजन होता है।

ॐ अक्षर से ही त्रयी विद्या कर्म में प्रवृत होती है। ॐ कहकर ही अध्वर्यु आश्रावणा कर्म करता है। ॐ कहकर ही होता शंसन (पाठ या स्तुति) करता है और उद्‌गात सामगान आरम्भ करता है। इसी ऊँकार अक्षर रूप ब्रह्म की महिमा और रस (हव्य) से सभी यज्ञादि कर्म उसी अक्षर की अर्चना के लिए सम्पन्न किये जाते हैं।

ॐकार से किसकी प्राप्ति होती है?

Correct Answer: (c) कामनाओं की
Solution:

(हठ योग प्रदीपिका, अध्याय 4, श्लोक 64) ॐकार बिन्दु संयुक्त नित्यं ध्यांयंति योगिनः । कामदं मोक्षयं चैव ॐकाराय नमो नमः।। जो योगी ऊँकार (प्रणव) का ध्यान करते हैं। उन्हें कामनाओं की सिद्धि और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।

97. क्या कहकर उद्गाता वेद मंत्र का प्रारम्भ करताहै?

Correct Answer: (b) ॐ
Solution:वेदों के पाठ की परंपरा में विशेषकर सामवेद में, उद्गाता (जो सामगान करता है) वेद मंत्रों में उच्चारण से पूर्व “ॐ कहकर प्रारम्भ करता है। यह प्रणव (ॐ) ब्रह्मा का प्रतीक है और हर वैदिक अनुष्ठान या पाठ का शुभारंभ इससे होता है।

98. ॐकार किसका रस है?

Correct Answer: (d) साम
Solution:

छांदोग्य उपनिषद (अध्याय 1, खण्ड 1) में उल्लेख है। "ऋचा साम्नो रसः साम्नोऽपि ॐकारः रसः । अर्थातऋचाओं का सार साम होता है, और साम का सार (रस) ॐकार होता है। ऋग्वेद की ऋचाओं का सार सामवेद है। सामवेद की सार ऊँकार (प्रणव) ।

99. किसके जोड़े (संयोग) से उद्गीथ की सृजन होता है?

Correct Answer: (a) वाक् और प्राण
Solution:छान्दोग्य उपनिषद (1.2) में वर्णन है कि जब वाक् (बोलने की शक्ति) और प्राण (जीवन शक्ति) एक साथ मिलते हैं, तभी 'उद्गीथ'जो सामवेद का एक मूख्य और पवित्र अंश है की उत्पत्ति होती है।

100. उपरोक्त गद्य के अनुसार 5वां रस कौनसा है?

Correct Answer: (b) वाक्
Solution:

उपरोक्त गद्य के अनुसार 5वां रस-वाक् है, गद्य में दिया गया है- पहला रस पृथ्वी, दूसरा रस-जल, तीसरा रसऔषधियाँ, चौथा रस-पुरुष, पाँचवा रस-वाक्, छठा रस साम, और सातवां रस उद्गीथ है जो सभी रसों में सर्वोत्तम रस है।