NTA यू.जी.सी. नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून-2025 योगा (Yoga)

Total Questions: 100

11. मांसपेशी फाइबर की सबसे छोटी कार्यात्मक इकाई है-

Correct Answer: (c) सार्कोमेयर
Solution:

सार्कोमेयर (Sarcomere) कंकाल की पेशियों (Skeletal Muscles) का वह सबसे छोटा संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है जो मांसपेशियों के संकुचन की प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभाता है।

12. माण्डूक्योपनिषद के अनुसार सूची-I और सूची-II को मिलाए।

सूची-I सूची-II
(A) वैश्वानर(I) तृतीय
(B) प्राज्ञ(II) अकार
(C) अन्तः प्रज्ञ(III) सप्ताङ्ग
(D) जागरितस्थान(IV) तैजस
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIVII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सूची का सही सुमेलन निम्नवत है-
सूची-I सूची-II
(A) वैश्वानर(III) सप्ताङ्ग
(B) प्राज्ञ(I) तृतीय
(C) अन्तः प्रज्ञ(IV) तैजस
(D) जागरितस्थान(II) अकार

13. कौन सी प्रो विटामिन शरीर के भीतर विटामिन 'ए' में परिवर्तित हो जाता है?

Correct Answer: (b) बीटा - कैरोटीन
Solution:

शरीर के भीतर, बीटा कैरोटिन नामक प्रो विटामिन, विटामिन 'A' में परिवर्तित हो जाता है। यह रूपान्तरण आंत में होता है जहाँ बीटा कैरोटीन को एंजाइम द्वारा विटामिन में बदल दिया जाता है। विटामिन 'A'के प्रमुख स्रोत - मछली, मांस, अण्डे, दूध, डेयरी उत्पादों में बीटा कैरोटीन फलों और सब्जियों में पाया जाने वाला प्रमुख कैरोटीनॉयड है, जो उन्हें पीला नारंगी और लाल रंग देता है।

14. कठोपनिषद के अनुसार आत्मा का लक्षण नहीं है।

A. कार्य है।
B. कारण है
C. न जन्म लेता है
D.न मरता है
E. पुरातन है

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (d) केवल A, B
Solution:

कठोपनिषद के अनुसार आत्मा का लक्षण यह है कि यह न जन्म लेती है, न मरती है और यह शाश्वत, अजन्मा पुरातन है। इसका स्पष्ट उल्लेख कठोपनिषद के इस मंत्र में मिलता है।

"न जायते प्रियते व कदाचिन् नायं भूत्वा भविता वा न भूयः । अजो नित्याः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते । हन्यमाने शरीरे ।। (कठोरपनिषद 1.2.18) नोट- (कठोपनिषद के अनुसार आत्मा का लक्षण न कार्य है न कारण)

15. पातंजल योगसूत्र के अनुसार स्वशक्ति और स्वामिशक्ति दोनों के स्वरूप प्राप्ति का कारण क्या है?

Correct Answer: (a) संयोग
Solution:

पातंजल योगसूत्र के अनुसार स्वशक्ति (पुरुष) और स्वामिशक्ति (प्रकृति) दोनों के स्वरूप की प्राप्ति का कारण संयोग है। इसमें बताया गया है कि पुरुष और प्रकृति का संयोग ही संसार (भोग और अपवर्ग) का कारण है। यह संयोग ही दुःखों का मूल है। और इसी संयोग के कारण पुरुष (आत्मा) अपने वास्तविक स्वरूप को भूलकर प्रकृति के गुणों में लिप्त हो जाता है।

16. घेरण्ड के अनुसार क्रमबद्ध करें।

A. त्राटक
B. वारिसार
C. वातक्रम
D. वमन-धौती
E. दन्तमूल-धौती

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (c) B, E, D, A, C
Solution:घेरण्ड के अनुसार क्रमबद्ध है -

B. वारिसार
E. दन्तमूल- धौती
D.वमन - धौती
A. त्राटक
C. वातक्रम

17. पातंजल-योगसूत्र के अनुसार पुरुष की ख्याति से प्रकृति के गुणों में तृष्णा के अभाव को क्या कहते हैं?

Correct Answer: (c) वैराग्य
Solution:

पतंजलि योग सूत्र के अनुसार पुरुष की ख्याति अर्थात् आत्मा की सच्ची पहचान हो जाने पर जब प्रकृति गुणों सत्व, रजस, तमस् में कोई तृष्णा नहीं रह जाती, तो उसे वैराग्य कहा जाता है।

18. हठरत्नावली के अनुसार महामुद्रा करने का क्रम कैसा होता?

Correct Answer: (c) बायां पैर मुड़ा, दायां सीधा, जालन्धर बन्ध
Solution:

हठरत्नावली के अनुसार महामुद्रा करने का क्रम निम्नलिखित है- हठ योग ग्रंथों के अनुसार महामुद्रा करते समय-

• बायां पैर मोड़कर गुदा के नीचे रखा जाता है।
• दायां पैर सीधा रहता है।
• फिर जालन्धर बन्ध लगाया जाता है।
• प्राण व अयान का संयोग करके मूलबन्ध व उड्डीयान बन्ध की सहायता से अतिरिक्त ऊर्जा का संचय किया जाता है।

19. श्रवण की प्रक्रिया में श्रवणांगों का क्रम

A. कोक्लिया
B. टिम्पैनिक मेम्ब्रेन
C.ओसिकल
D. आउरिकल
E. वेस्टीव्यूल

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (d) D, B, C, E, A
Solution:श्रवण की प्रक्रिया में श्रवणांगों का क्रम निम्नलिखित है-

D. आउरिकल - बाहरी कान, ध्वनि तरंगों को पकड़ता है
B. टिम्पैनिक मेम्ब्रेन - ध्वनि तरंगों को कम्पन में बदलता है
C. ओसिकल - ध्वनि कम्पन्नों को मध्य कर्ण से भीतर कर्ण तक पहुँचाता है।
E. वेस्टीव्यूल - भीतरी कान का भाग, ध्वनि और संतुलन में सहायक
A. कोक्लिया - ध्वनि कम्पनों को विद्युत संकेतों में बदलता है जो श्रवण तंत्रिका द्वारा मस्तिष्क तक भेजता है।

20. सिद्धसिद्धान्त पद्धति के अनुसार सूची-1 और सूची-II को मिलाएं।

सूची-I सूची-II
(A) मात्सर्य(I) प्रकृति
(B) उद्योग(II) वाक्
(C) आशा(III) क्रिया
(D) परा(IV) माया
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IVIIIIII
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (a)
Solution:सूची का सही सुमेलन निम्नवत है-
सूची-I सूची-II
(A) मात्सर्य(IV) माया
(B) उद्योग(III) क्रिया
(C) आशा(I) प्रकृति
(D) परा(II) वाक्