NTA यू.जी.सी. नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून-2025 योगा (Yoga)

Total Questions: 100

21. हठयोगप्रदीपिका के अनुसार किससे योग सिद्ध होता है?

Correct Answer: (a) साहस
Solution:हठ योग प्रदीपिका के अनुसार योग सिद्ध किन कारणों से होती है। जो स्पष्ट रूप से श्लोकों में बताया गया है।

"साहसेन गुरौ भक्त्या सत्यमार्जवमात्मवेदना।
शौचं च संतोषात्सत्य योगोऽपदीयते ।।"

साहस गुरु में भक्ति, सत्य, सरलता, आत्मज्ञान, जप, शौच और संतोष इन सात गुणों से योग सिद्ध होता है। नोट :- अत्याहार, प्रयास, चंचलता ये सब योग में बाधक माने गये हैं। सिद्धि के सहायक नहीं।

22. श्रीमद्भगवद्‌गीता के अनुसार क्रमबद्ध करें।

A. दर्प
B. अज्ञान
C. दम्भ
D. क्रोध
E. अभिमान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) C, A, E, D, B
Solution:श्रीमदभगवद्‌गीता के अनुसार क्रमबद्ध निम्न है -

C. दम्भ
A. दर्प
E. अभिमान
D.क्रोध
B. अज्ञान

23. प्रणव में सूक्ष्म प्रपञ्चाभिधायक कौन है?

Correct Answer: (b) उकार
Solution:

प्रणव (ॐ) के चार भाग होते हैं -

1. अकार (अ) स्थूल प्रपञ्च (जाग्रत अवस्था) का प्रतिनिधि
2. उकार (3) - सूक्ष्म प्रपञ्च (स्वप्न अवस्था का अभिधायक)
3. मकार (म) कारण अवस्था (सुषुप्ति) का प्रतिनिधि
4. अर्धमात्रा (अनुनासिक ध्वनि) - तुरीय अवस्था (अविनाशी ब्रह्मा) उपनिषदों के अनुसार -

• उकार वह है जो सूक्ष्म अवस्था, अर्थात् स्वप्न और अंतर्मन की चेतना को दर्शाता है। इसलिए उकार को 'सूक्ष्म प्रपञ्चाभिधायक' कहा गया है।

24. योग के आधार भूत तत्त्वों के साथ सूची-I और सूची- II को मिलान करें।

सूची-I सूची-II
(A) पुरुषार्थ(I) हठयोग
(B) गोरक्ष-संहिता(II) वेद
(C) त्रयी(III) अरण्यकाण्ड
(D) रामायण(IV) चार
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IVIIIIII
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:सूची का सही सुमेलन निम्नवत है-
सूची-I सूची-II
(A) पुरुषार्थ(IV) चार
(B) गोरक्ष-संहिता(I) हठयोग
(C) त्रयी(II) वेद
(D) रामायण(III) अरण्यकाण्ड

25. सांख्य के अनुसार तत्त्वों की सृष्टि प्रक्रिया में नहीं है।

A. महत्
B. सत्व
C. अहंकार
D. महाभूत
E. रज

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (c) केवल B और E
Solution:

सांख्य दर्शन के अनुसार सृष्टि की प्रक्रिया प्रकृति से प्रारंभ होकर महत् (बुद्धि) फिर अहंकार, तत्पश्चात तनमात्रा, इन्द्रियाँ और अंततः महाभूतों (पाँच स्थूल तत्वों) तक विस्तार होता है। इस प्रक्रिया में त्रिगुणों सत्व, रज और तम की भूमिका है, परन्तु ये तत्व नहीं हैं, बल्कि प्रकृति गुण हैं। अतः सत्व और रज स्वयं तत्व नहीं माने जाते हैं।

26. हठरत्नावली के अनुसार धौती के लिए वस्त्र की लम्बाई क्या होनी चाहिए?

Correct Answer: (b) बीस हाथ
Solution:

हठ रत्नावली के अनुसार धौती के लिए वस्त्र की लम्बाई 20 हाथ (22.5 फीट) होनी चाहिए। लगभग 3 अंगुल चौड़ाई वस्त्र होना चाहिए। यह शुद्धिक्रिया (षटकर्म) में आती है और पाचन, कफ विकार आदि में लाभकारी मानी जाती है।

27. हठरत्नावली के अनुसार कर्मों को बताएँ।

A. चक्रि
B.नौलि
C. गजकरणी
D.मस्तक भ्रान्ति
E. शंख प्रक्षालन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) केवल A, B, C, D
Solution:हठरत्नावली के अनुसार कर्म है :

A. चक्रि
B. नौलि
C. गजकरणी
D. मस्तकभ्रान्ति

28. कौन सी धौति क्रिया पित्त एवं कफ का नियमन करती है?

Correct Answer: (c) हृद्-धौति
Solution:

हृद धौति क्रिया पित्त और कफ का नियमन करती है। धौति क्रिया, योग में षट्कर्म का एक भाग है, जिसका अर्थ है शरीर को शुद्ध करना। धौति क्रिया के कई प्रकार हैं, जिनमें से हृद् धौति, वमन धौति (कंजल क्रिया) और वस्त्र धौति प्रमुख हैं।

29. नारदभक्ति सूत्र के अनुसार कौन एक दूसरे पर आश्रित हैं?

Correct Answer: (b) ज्ञान एवं भक्ति
Solution:

नारदभक्ति सूत्र के अनुसार ज्ञान और भक्ति एक दूसरे पर आश्रित होते हैं, ज्ञान का अर्थ है सत्य को जानना और यह भक्ति के मार्ग पर चलने वालों के लिए आवश्यक है। भक्ति का अर्थ है भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति का मार्ग कठिन है।

30. भुजंगासन के दौरान टखने के जोड़ और पैरों की स्थिति होती है :

Correct Answer: (b) प्लांटर फ्लेक्सन
Solution:इस आसन में व्यक्ति पेट की बल लेटता है और पैरों को पीछे सीधे फैलाता है। पंजे (Toes) पीछे की ओर खिंच जाते हैं और नीचे की ओर मुड़ जाते हैं। जिससे Plantar Flexion होता है। टखने के जोड़ भी उसी दिशा में झुक जाते हैं यानि पंजे नीचे की ओर।