NTA यू.जी.सी. नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून-2025 योगा (Yoga)Total Questions: 10041. तुलसीदास के अनुसार किसके बिना सिद्ध लोग अपने अन्दर स्थित ईश्वर को नहीं देख पाते।(a) राधा-कृष्ण(b) सीताराम(c) भवानी शंकर(d) लक्ष्मी-विनायकCorrect Answer: (c) भवानी शंकरSolution:तुलसीदास के अनुसार,"बिनु हरि कृपा मिलहिं नहि संता। बिनु हरि कृपा न दृग गोविंदा।"परन्तु इस प्रश्न का सीधा उत्तर तुलसीदास कृत रामचरितमानस के एक प्रसिद्ध दोहे पर आधारित है :'विनु भवानी शंकर नहिं कोई। करै भक्ति जगत में सोई।।भावार्थ तुलसी जी के अनुसार 'भवानी और शंकर' की कृपा के बिना कोई भी अपने हृदय में स्थिर ईश्वर की भक्ति नहीं कर सकता और न ही उसे देख सकता है।42. "यह प्राण किससे उत्पन्न होता है, इस शरीर में कैसे आता है" यह प्रश्नोपनिषद का कौन सा प्रश्न है?(a) प्रथम(b) द्वितीय(c) तृतीय(d) चतुर्थCorrect Answer: (c) तृतीयSolution:यह प्रश्नोपरिषद का तृतीय प्रश्न है। प्रश्नोपनिषद में कौसल्य आश्वलायन मुनि पिप्पलाद से पूछते हैं कि यह प्राण किससे उत्पन्न होता है, शरीर में कैसे प्रवेश करता है, और कैसे शरीर से बाहर निकलता है।43. प्राणायाम साधना के अन्तर्गत श्वसन का ऐच्छिक नियंत्रण किया जाता है।(a) सेरेब्रल कार्टेक्स (प्रमस्तिष्क प्रान्तस्थों) के द्वारा(b) सेरेब्रल मेडुला (मस्तिष्क मज्जा) के द्वारा(c) मेडुला आब्लंगाटा के द्वारा(d) सेरेबेलम (पश्चमस्तिष्क पिंड) के द्वाराCorrect Answer: (a) सेरेब्रल कार्टेक्स (प्रमस्तिष्क प्रान्तस्थों) के द्वाराSolution:सेरेब्रल कार्टेक्स मस्तिष्क का वह भाग है जो ऐच्छिक कार्यों (जैसे- बोलना, चलना या श्वसन को जानबूझकर रोकना या धीमा करना) को नियंत्रित करता है। सामान्यतः श्वसन का नियंत्रण मेडुला आब्लंगाटा और पोंस के द्वारा होता है, परन्तु जब व्यक्ति श्वास को अपनी इच्छा से नियंत्रित करता है तब सेखल कार्टेक्स सक्रिय होता है।44. घेरण्ड संहिता के अनुसार द्वादश दलयुक्त कमल दल क्रमशः कौन से हैं?(a) हक्ष मल वर ह स ख फ्रे यूं ल(b) क्ष ह म ल व स ह फ्रे यूं लर ह(c) ह स क्ष मल व र यूं ह स ख फ्रें(d) ह लक्ष म सर व यूं ह स ख फ्रेंCorrect Answer: (c) ह स क्ष मल व र यूं ह स ख फ्रेंSolution:घेरण्ड संहिता के अनुसार द्वादश दल (12 पंखुडियों वाला कमल) में स्थित वर्ण (बीजाक्षर) निम्नलिखित है : ह, स, क्ष, म, ल, व, र, यूं, ह, स, ख, फ्रें यह हृदय के ऊपर स्थित द्वादश-दल कमल का वर्णन है, जिसमें हर दल में एक-एक अक्षर स्थिर होता है।45. योगसूत्र के अनुसार क्रमबद्ध करें।A. ईश्वर B. चित्तवृत्ति C. पञ्चक्लेश D. चित्त-परिणाम E. धारणानीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।(a) B, A, C, E, D(b) A, B, C, E, D(c) A, C, B, D, E(d) C, A, B, D, ECorrect Answer: (a) B, A, C, E, DSolution:योगसूत्र के अनुसार क्रमबद्ध है -B. चित्तवृत्ति A. ईश्वर C. पञ्चक्लेश E. धारणा D. चित्त परिणाम46. नॉन रैपिड आई मूवमेंट (NREM) नींद में कितने चरण होते हैं?(a)(b) II(c) III(d) IV(e) c और dCorrect Answer: (e) c और dSolution:नॉन-रैपिड आई मूवमेंट (NREM) नींद में कुल 3 चरण होते हैं -प्रथम चरण हल्की नींद होती है और व्यक्ति जागने और सोने के बीच की स्थिति में होता है।द्वितीय चरण - वास्तविक नींद की शुरुआत होती है और मस्तिष्क की तरंगें धीमी होने लगती हैं।तृतीय चरण - इसे Deep Sleep या Slow-Wave Sleep भी कहते हैं। शरीर की मरम्मत और पुनः निर्माण का कार्य इसी चरण से होता है। पहले NREM को 4 चरणों में बाँटा जाता था, पर अब आधुनिक नींद अनुसंधान ने इसे 3 चरणों में बाँटा है - Stage N, N2, N3147. हठयोगप्रदीपिका के अनुसार कौन सा हरित-शाक पथ्य नहीं है?(a) जीवन्ती-शाक(b) सरसों-शाक(c) पुनर्नवा-शाक(d) मेघनाद-शाकCorrect Answer: (b) सरसों-शाकSolution:हठयोग प्रदीपिका में पथ्य और अपथ्य आहार का उल्लेख अध्याय 1, श्लोक 62-64 में किया गया है। सुधनं जीवन्ती शाकं मुद्राः सुध्नं च लघुत्रं च पथ्यमाहुथोगिनाम् ।। यहाँ 'जीवन्ती शाक' को पथ्य कहा गया है।1. जीवन्तीशाक पथ्य है, हठयोग प्रदीपिका में स्पष्ट उल्लेख है। 2. सरसों-शाक पथ्य नहीं है क्योंकि यह तीव्र, तीखा उष्ण प्रकृति का होता है, जो योगाभ्यास के अनुकूल नहीं माना जाता है। 3. पुनर्नवा-शाक आयुर्वेद में यह औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है, परन्तु हठयोग प्रदीपिका में इसका उल्लेख नहीं है। 4. मेघनाद-शाक इसका भी उल्लेख ग्रंथ में नहीं है परन्तु इसका उपयोग बहुत तीव्र और वात वर्धक होता है। अतः पथ्य नहीं माना गया।48. सत्कार के लिए किया जाने वाला तप है :(a) सात्विक(b) राजस(c) तामस(d) बौद्धिकCorrect Answer: (b) राजसSolution:सत्कार के लिए किया जाने वाला तप राजस तप कहलाता है। यह तप सत्कार, मान और पूजा पाने के लिए किया जाता है, और इसे दम्भ (पाखण्ड) भी कहा जाता है। यह तप क्षणिक और अस्थिर होता है। "जैन दर्शन में, 6 प्रकार के आन्तरिक तप बताए गए हैं। प्रायश्चित, विनय, वैयावृत्य, स्वाध्याय, ध्यान और व्युत्सर्ग।" नोट- "गीता में तीन प्रकार बताया गया। शारीरिक, मानसिक और वाचिक ।।"49. हठयोगप्रदीपिका श्लोक के अनुसार हठयोगाभ्यास के योग्य देश के वर्णन को अनुक्रम में कीजिए।A. शिला अग्नि सुभिक्ष से रहित B. सुभिक्ष C. धार्मिक D. सुराज्य E. एकांत स्थाननीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।(a) A, B, C, D, E(b) D, A, Е, C, B(c) D, C, B, A, E(d) D, E, C, B, ACorrect Answer: (c) D, C, B, A, ESolution:योगाभ्यास के योग्य देशों के वर्णन का अनुक्रम अवस्थित है - D. सुराज्य C. धार्मिक B. सुभिक्ष A. शिला अग्नि सुभिक्ष से रहित E. एकांत स्थान50. मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को निम्न में से कौन नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है?A. प्रमाद B. करुणा C. भ्रान्तिदर्शन D. अविरति E. मुदितानीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।(a) केवल A, E, D(b) केवल A, C, E(c) केवल A, C, D(d) केवल B, C, DCorrect Answer: (c) केवल A, C, DSolution:मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को जो तत्व नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं वे होते हैं-A. प्रमाद- लापरवाही, असावधानी यह नकारात्मक प्रभाव डालता है। C. भ्रान्तिदर्शन भ्रमित या विकृत दृष्टिकोण: यह भी मानसिक भ्रम पैदा करता है। नकारात्मक प्रभाव डालता है। D. अविरति व्रत आदि में रुचि न होना, संयम न होना, यह आत्मसंयम की कमी को दर्शाता है। नकारात्मक प्रभाव डालता है। जबकि B. करुणा सकारात्मक भावना E. मुदिता - दूसरों की सफलता में प्रसन्नता, यह भी सकारात्मक है।Submit Quiz« Previous12345678910Next »