NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2023 वाणिज्य

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए

18वीं शताब्दी से अध्ययन के एक आधुनिक क्षेत्र के रूप में अपने अस्तित्व की अधिकांश अवधि में अर्थशास्त्र ने उपभोक्ता और उत्पादक व्यवहार का तर्कसंगत रूप में वर्णन किया है, इसने स्पष्ट किया है, कि क्रेता किसी उत्पाद का चयन क्यों करते हैं, किस प्रकार से कंपनियां अपने मुनाफे को अधिकतम करने के लिए उत्पादन करती और बाजार किस प्रकार से सर्वाधिक दक्ष कीमतों की खोज करते हैं। महान मंदी के साथ बदल गया, जब समग्र चरों की भूमिका सामने आई जिसके लिए बेहतर समझदारी की आवश्यकता थी बजाय की इस पूर्वाधारण के कि आद्यात के बाद बाजार संतुलन में लौट आता है।
इस प्रकार से बृहत अर्थशास्त्र अस्तित्व में आया जो कि इस निकृष्ट विज्ञान का सर्वाधिक निकृष्ट पक्ष है। तब से अर्थशास्त्र का कुछ अन्य शाखाओं में विविधीकरण हुआ है जिसमें सांख्यिकी और मनोविज्ञान का प्रयोग होता है लेकिन इसकी अधिकांश का बदनामी का कारण यह वित्तीय संकटों का पूर्वानुमान लगाने में विफल रहा है।
जैसा कि मेक्रो अथवा वृहत शब्द की प्रकृति ही है- जीडीपी, रोजगार, मुद्रास्फीति और दूसरे महत्वपूर्ण परंतु निद्राजनक मामले और मानदंड से सब समाचार की शीर्ष पंक्ति के विषय हैं यहां सरकारों की भूमिका का प्रश्न आता है जैसे अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का विषय आता है। तथापि वृहत दोहराए गए प्रयोगों के साथ प्राक्कल्पनाओं के परीक्षण की वैज्ञानिक विधि से बचता रहा है अब आद्यात के प्रभावों को स्थापित करने के लिए आप किसी अर्थव्यवस्था को ध्वस्त तो नहीं कर सकते हैं। इसके स्थान पर वृहत अर्थशास्त्री अपने मॉडलों का ऐसे आंकड़ो के आधार पर परीक्षण मात्र कर सकते हैं जिनके उदगम पर ही प्रश्न हो, इससे शेयर बाजार के अगली बार ध्वस्त होने की भविष्यवाणी करना हेली के धूमकेतु की वापसी से लज्जास्पद रूप से कम सटीक हो जाता है।
सूक्ष्म अर्थशास्त्र जो इस प्रयास का सम्मान जनक भाग है, नियंत्रित प्रयोगों की कम सीमाएं है और यह कम अनिश्चित अंतदृष्टि प्रदान करता है। आधुनिक विश्व में वाणिज्य के विस्फोट का श्रेय सर्वाधिक छोटे आर्थिक एजेंट मनुष्यों द्वारा कृत्यों के पूर्वानुमान को जाता है, यह भी बड़ी-बड़ी अवधारणाएं पर आधारित है, सर्वप्रथम ये कि मनुष्य तार्किक होते हैं और सूचना मुक्त हैं। आर्थिक प्रतिरूपण में संकट करोड़ों-करोड़ों सूक्ष्म सत्यों को जोड़कर एक वृहद सत्य बनाने से उत्पन्न होता है।
इससे मॉडलों में सुधार हो रहा है और मात्रात्मक सामर्थ्य में भी, जिनसे वृहत नीति के चालक गुणात्मक निर्णय और अधिक परिष्कृत होंगे।
गद्यांश के अनुसार आर्थिक प्रतिरूपण में संकटों का निम्न में से कौन-सा कारण है?

Correct Answer: (a) करोड़ो करोड़ सूक्ष्म सत्यों को जोड़कर एक वृहत सत्य बनाना
Solution:

गद्यांश के अनुसार आर्थिक प्रतिरूपण ने संकटो का निम्नकारण दिये गये गंद्याश के पैराग्राफ '3' के चौथी लाइन में दिया गया है। आर्थिक प्रतिरूपण में संकट करोड़ों-करोड़ो सूक्ष्म सत्यों को जोड़कर एक बृहत सत्य बनाने से उत्पन्न होता है।

92. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन I : वृहद अर्थशास्त्री ऐसे आंकड़ों पर अपने मॉडलो का परीक्षण मात्र कर सकते हैं जिनकी उत्पत्ति पर ही प्रश्न चिन्ह लगे हैं।
कथन II : वृहद अर्थशास्त्री चर बार-बार के प्रयोगों से प्राक्कल्पन परीक्षण की वैज्ञानिक विधि से बच जाते हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) कथन I और कथन II दोनों सत्य है
Solution:

कथन-I बहुत अर्धशास्त्री ऐसे आँकड़ो पर अपने मॉडलों का परीक्षण मात्र कर सकते है जिनकी उत्पत्ति पर ही प्रश्न चिन्ह लगे है अतः कथन (1) सही है।
कथन-II बहत अर्धशास्त्री चर बार-बार के प्रयोगों से प्राक्कलन परीक्षण की वैज्ञानिक विधि से बच जाते हैं। अतः कथन (II) भी सही है।

93. गद्यांश के अनुसार, अधिक प्रभावी वृहद नीतियों के चालन का निम्न में से कौन-सा कारण है?

Correct Answer: (b) उन्नत आर्थिक मॉडल गुणात्मक व मात्रात्मक कारकों को समझने के सक्षम हैं
Solution:

गद्यांश के अनुसार, अधिक प्रभावी वृहत नीतियों के चालन का निम्न कारण दिये गये गंद्याश के पैराग्राफ '3' के अन्तिम लाइन में दिया गया है। इससे मॉडलों में सुधार हो रहा है और मात्रात्मक सामर्थ्य में भी, जिनसे वृहत नीति के चालक गुणात्मक निर्णय और अधिक परिष्कृत होंगे। अतः अधिक प्रभावी वृहत नीतियों के चालन कारण है उन्नत आर्थिक मॉडल गुणात्मक व मात्रात्मक कारकों को समझने में सक्षम है।

94. सूची-I के साथ सूची-II मिलान कीजिए :

सूची-I (घटनाएँ/परिघटनाएँ)सूची-II (कारण)
A. अर्थशास्त्र परिभाषित करता हैI. समुच्चय चरों की उत्तम समझदारी
B. मंदी की सीखII. GDP, रोजगार और मुद्रास्फीति
C. आर्थिक चरIII. मनुष्य तार्किक होते हैं और सूचना मुक्त है
D. आर्थिकी के खतरेIV. बाजार सर्वाधिक दक्ष कीमतों की खोज कैसे करता है

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें

Correct Answer: (d) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:

सूची-I का सूची-II से सही मिलानः

सूची-I (परिघटनाएँ)सूची-II (कारण)
A. अर्थशास्त्र परिभाषित करता हैiv. बाजार सर्वाधिक दक्ष कीमतों की खोज कैसे करता है
B. महान मंदी की सीखi. समुच्चय चरों की उत्तम समझदारी
C. वृहद आर्थिक चरii. सकल घरेलू उत्पाद, रोजगार और मुद्रास्फीति
D. सूक्ष्म आर्थिकी के खतरेiii. मनुष्य तार्किक होते हैं और सूचना मुक्त है

95. गद्यांश के अनुसार, अर्थशास्त्र के प्रमुख योगदान क्या हैं?

A. उत्पाद के प्रति क्रेताओं का व्यवहार
B. मुनाफे के अधिकतमीकरण का कंपनी का व्यवहार
C. बिक्री के अधिकतमीकरण हेतु खुदरा विक्रेताओं का व्यवहार
D. सर्वाधिक दक्ष कीमतों के प्रति बाजार का व्यवहार
E. धन के अधिकतमीकरण हेतु हितधारकों का व्यवहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) केवल A, B और D
Solution:

गंद्याश के अनुसार, अर्थशास्त्र के प्रमुख योगदान दिये गये गंद्याश के पैराग्राफ '1' के पहली लाइन में दिया गया है। अर्थशास्त्र ने उपभोक्ता और उत्पादक व्यवहार का तर्कसंगत रूप में वर्णन किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि क्रेता किसी उत्पाद का चयन क्यों करते हैं, किस प्रकार से कंपनियां अपने मुनाफे को अधिकतम करने के लिए उनका उत्पादन करती और बाजार किस प्रकार से सर्वाधिक दक्ष कीमतों की खोज करते हैं।
अतः अर्थशास्त्र के प्रमुख योगदान उत्पाद के प्रति क्रेताओं का व्यवहार, मुनाफे के अधिकतमीकरण का कंपनी का व्यवहार और सर्वाधिक दक्ष कीमतों के प्रति बाजार का व्यवहार है।

96. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

भारत में पिछले दशक में $350 बिलियन से अधिक की निजी पूंजी का निवेश हुआ है जिसने 5000 से अधिक उद्यमों को प्रेरित किया है, ये नए व्यापार नवप्रवर्तन व्यापारिक मॉडल पर आधारित हैं जिनमें प्रोद्योगिकी के संपूर्ण अंतःशक्ति को जोड़ा गया है और प्रत्येक भारतीय के लिए उसकी आकांक्षाओं को पूरा करना सुगम बनाया गया है। पिछले दशक में जो एक बड़ा परिवर्तन हुआ है वह भारत को 30 करोड़ परिवारों के एक संबोधनीय बाजार के रूप में नए सिरे से देखना।
यह पहले की तुलना में प्रथम श्रेणी के शहरों के मात्र 2 करोड़ परिवारों से एक विशाल परिवर्तन है यह उद्यामियों और पीई वीसी पारिस्थितिकी तंत्र के बीच की सशक्त भागीदारी से प्रेरित हुआ है। पीई वीसी में लगने वाली एफडीआई का हिस्सा दो दशक पूर्व के 20-30% से बढ़ कर 50-60% तक हो गया है।
मूल्य सृजन पर अत्यधिक फोकस के साथ ही, पीई वीसी उद्योग ने अर्थव्यवस्था में बहुआयामी प्रगति की है। यह उद्योग उत्तरदायित्वपूर्ण निवेश के सिद्धांत के प्रति वचनबद्ध है और इससे अधिक न्यायोचित व समावेशी अर्थव्यवस्था का निर्माण हो पाया है जिससे एक आकर्षक निवेश के रूप में भारी तादाद में वैश्विक निवेशको का विश्वास प्राप्त हुआ है।
पीई/वीसी पारिस्थितिकी तंत्र ने एक पुनर्जागरण उत्पन्न किया है, युवाओं के मन को साहसिक छलांग के लिए सशक्त किया है। इससे मानसिकता में एक परिवर्तन हुआ है जहां उद्यमशीलता आज एक स्वीकार्य आजीविका ही नहीं, एक गौरवशाली जीवनशैली है। आज स्टार्टअप व नए व्यापारों का गुणगान होता है और अनेक व्यक्ति सुस्थापित व्यवसायों को छोड़कर अपने दिल की पुकार का अनुसरण कर रहे हैं और उनके परिवार उद्यमशीलता के प्रवाह समर्थकों के रूप में उनके साथ खड़े हैं।
जोखिम व पुरस्कार की समानुपातिकता को गले लगाया गया है और अनिश्चितता व उपलब्धि के बीच एक सौहार्दपूर्ण संबंध बना है। देश के भीतर और बाहर वैश्विक वनी गाथाएं पूंजी प्रदाताओं और उद्यमियो के बीच भागीदारी की की शक्ति का साक्ष्य है जिसने एक विशालकाय लोकतंत्र को आत्मनिर्भर होने में रूपांतरित किया है
और 100 करोड़ से अधिक की जनसंख्या को उठाकर बड़ी आकाक्षांओं और विश्वास की एक नई दुनिया में पहुंचाया है। यह क्रांति मुख्यता इस कारण संभव हो पाई है क्योंकि भारत सरकार ने पूंजी आकृष्ट करने पर जोर लगाया है।
वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) जी आईएफटी सिटी, आईएफएससी, स्टार्ट अप इंडिया प्रोग्राम और बजट आवंटन के फ्रेमवर्क और जीएसटी व इंडिया स्टैंक जैसे प्रगातिशील संशोधनों ने भारत को निवेश का एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।
उत्तरदायित्वपूर्व निवेश के जिन सिद्धांतों के प्रति निजी इक्विटी व जोखिम पूंजी उद्योग प्रतिबद्ध है, उनमे भारतीय अर्थव्यवस्था में निम्न में से कौन से परिणाम निकले हैं?
A. लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
B. संतुलित क्षेत्रीय संवृद्धि
C. समावेशी व न्यायसंगत अर्थव्यवस्था
D. वृहत्तर निर्यात उन्मुखीकरण
E. वैश्चिक निवेशकों का विश्वास अर्जन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल C और E
Solution:

गद्यांश के अनुसार उत्तरदायित्वपूर्ण निवेश के जिन सिद्धान्तों के प्रति निजी इक्विटी व जोखिम पूंजी उद्योग प्रतिबद्ध है, उनमें भारतीय अर्थव्यवस्था में 'समावेशी व न्यायसंगत अर्थव्यवस्था और वैश्वविक निवेशकों का विश्वास अर्जन परिणाम निकले हैं।

97. गद्यांश के अनुसार, निम्न में से किसे अब जीवन शैली और आजीविका के रूप में स्वीकार किया जा रहा है?

Correct Answer: (d) उद्यमशीलता
Solution:

गद्यांश के अनुसार, उद्यमशीलताको अब जीवनशैली और आजीविका के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। क्योंकि गद्यांश के पैराग्राफ 4 के लाइन दो में दिया गया है। उद्यमशीलता आज एक स्वीकार्य आजीविका ही नहीं, एक गौरवशाली जीवन शैली है।

98. नीचे दो कथन दिए गए है; एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में;

अभिकथन A: नीजी इक्विटी व जोखिम पूंजी परिस्थितिकी तंत्र ने एक पुनर्जागरण उत्पन्न किया है, युवा मस्तिष्कों को एक साहसिक छलांग के लिए सशक्त किया है।
कारण R : आज स्टार्टअप और नए व्यापारों का गुणगान किया जाता है और अनेक व्यक्ति सुस्थापित व्यवस्था छोड़ कर अपने दिल की पुकार का अनुसरण कर रहे हैं और उनके परिवार उनके सशक्त समर्थकों के रूप में खड़े हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
Solution:

अभिकथन (A) : नीजी इक्विटी व जोखिम पूंजी परिस्थितिकी तंत्र ने एक पुनर्जागरण उत्पन्न किया है, युवा मस्तिष्कों को एक साहसिक छलांग के लिए सशक्त किया है। अतः अभिकथन (A) सही है।
कारण (R): आज स्टार्टअप और नए व्यापारों का गुणगान किया जाता है। और अनेक व्यक्ति सुस्थापित व्यवस्था छोड़ कर अपने दिल की पुकार का अनुसरण कर रहे हैं और उनके परिवार उनके सशक्त समर्थकों के रूप में खड़े हैं। अतः कारण (R) भी सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।

99. गद्यांश के अनुसार, निम्न में से किस-किस ने भारत को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य स्थान बना दिया है?

A. स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम
B. मेक इन इंडिया प्रोग्राम
C. माल व सेवा कर सुगमीकरण
D. वैकल्पिक निवेश निधियां
E. स्टैंडअप इंडिया प्रोग्राम
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:

गद्यांश के अनुसार, स्टार्ट अप इंडिया प्रोग्राम, माल व सेवा कर सुगमीकरण और वैकल्पिक निवेश निधियों ने भारत को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य स्थान बना दिया है।

100. हाल के वर्षों में भारत में निजी इक्विटी व जोखिम पूंजी का फोकस निम्न में से किस पर रहा है?

Correct Answer: (d) मूल्य सृजन
Solution:

गद्यांश के अनुसार, हाल के वर्षों में भारत में निजी इक्विटी व जोखिम पूंजी का फोकस मूल्य सृजन पर रहा है। क्योंकि गद्यांश के पैराग्राफ '3' के पहली लाइन में दिया गया है। मूल्य सृजन पर अत्यधिक फोकस के साथ ही, पीईवीसी उद्योग ने अर्थव्यवस्था में बहुआयामी प्रगाति की है।