NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2024 वाणिज्य

Total Questions: 100

81. कुल उत्पादन अधिकतम होता है जब

Correct Answer: (c) सीमांत उत्पादन शून्य होता है
Solution:

कुल उत्पादन तब अधिकतम होता है जब सीमान्त उत्पादन शून्य होता है। इसका कारण यह है।
1. सीमान्त उत्पादन एक अतिरिक्त इकाई इनपुट (जैसे श्रम या पूंजी) का उपयोग करके उत्पादित अतिरक्ति उत्पादन को दर्शाता है।
2. जब तक सीमान्त उत्पादन सकरात्मक होता है, कुल उत्पादन बढ़ता रहता है।
3. जब सीमान्त उत्पादन शून्य हो जाता है, तो कुल उत्पादन अपने अधिकतम स्तर पर पहुँच जाता है। क्योंकि अतिरिक्त इनपुट जोड़ने से अतिरिक्त उत्पादन नही होता है।
4. यदि सीमान्त उत्पादन सकारात्मक हो जाता है, तो कुल उत्पादन घटने लगता है।

82. बीमा विनियामक विकास प्राधिकार अधिनियम, 1999 के अनुसार बीमा बाजार में निजी कंपनियों के प्रवेश के लिए निम्नांकित में से कौन सी शर्ते सही नहीं है :

Correct Answer: (d) बीमा कंपनियों को अपनी निधियो का न्यूनतम 15 प्रतिशत अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश करने की आवश्यकता पड़ती है।
Solution:

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 के अनुसार, बीमा बाजार मे निजी कंपनियों के प्रवेश के लिए आवश्यक शर्त नही है : बीमा कंपनियों को अपनी निधियों का न्यूनतम '15' प्रतिशत अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश शर्त नहीं है। जबकि अधिनियम में बीमा कंपनियों से कुछ सामाजिक दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा की गई है, जैसे कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों को बीमा प्रदान करना, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में 15% निधियों का निवेश करने का कोई विशिष्ट आदेश नहीं है।

83. कार्मिकों की आपूर्ति का अनुमान लगाने के लिए निम्नांकित में से कौन सी युक्ति प्रयुक्त होती है?

Correct Answer: (c) मार्कोव विश्लेषण
Solution:

कार्मिकों की आपूर्ति का अनुमान लगाने के लिए उपयोग किया जाने वाला उपकरण है मार्कोव विश्लेषण । मार्कोव विश्लेषण एक सांख्यिकीय तकनीक है जो ऐतिहासिक डेटा का उपयोग करके संगठन के भीतर कर्मचारियों की विभिन्न भूमिकाओं पदोन्नति, स्थानांतर और निकासी के बीच संक्रमण का विश्लेषण करके आंतरिक श्रम आपूर्ति का पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है।
यह विधि विशेष रूप से कर्मचारी आवाजाही के पैटर्न को समझने और भविष्य में कर्मिकों की उपलब्धता का अनुमान लगाने के लिए उपयोगी है।

84. अर्द्ध संविधाएँ सिद्धांत पर आधारित होती हैं

Correct Answer: (a) गैर विधि सम्मत संवर्द्धन
Solution:

अर्थ अनुबन्ध (Quasi Contracts) अन्यायपूर्ण एवं धीन (Unjust Enrichment) के सिद्धान्त पर आधारित है। यह कानूनी सिद्धान्त सुनिश्चित करता है कि कोई व्यक्ति दूसरे के खर्च पर बिना उचित मुआवजे के लाभ न उठाएं। अर्ध अनुवन्ध वास्तविक अनुबन्ध नहीं होते है, बल्कि न्यायालयों द्वारा इन्हें लागू किया जाता है ताकि एक पक्ष दूसरे के खर्च पर अन्यायपूर्ण रूप से लाभ न उठा सके।
यह सिद्धत निष्पक्षता और समानता के विचार पर आधारित है, जो यह सुनिश्चित करता है कि जिस व्यक्ति को लाभ प्राप्त होता है, उसे उसके लिए भुगतान करना चाहिए भले ही कोई औपचारिक समझौता न हो।

85. मुद्रा के समय मूल्य के बारे मे निम्नांकित में से सही कथनों को चिह्नांकित कीजिए-

(A) वर्तमान में धारित मुद्रा पर अर्जित बचाया गया ब्याजराज मुद्रा के समय मूल्य की संकल्पना को रेखांकित करता है।
(B) वर्तमान में प्राप्य मुद्रा, भविष्य में प्राप्य मुद्रा से कम मूल्य की होती है।
(C) वर्तमान में प्राप्य मुद्रा और भविष्य में प्राप्य मुद्रा के मूल्य के मध्य विद्यमान संबंध मुद्रा का समय मूल्य कहलाता है।
(D) वर्तमान मे प्राप्य मुद्रा का मूल्य = भविष्य मे प्राप्य मुद्रा का मूल्य मुद्रा का समय मूल्य
(E) मुद्रा का भावी मूल्य किसी नियत ब्याज दर पर किसी नियत भावी काल में वर्तमान में धारित मुद्रा का मूल्य होता है।
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C और E
Solution:

मुद्रा के समय मूल्य के बारे में सही कथन :
A. वर्तमान में धारित मुद्रा पर आर्थित/बजाया गया ब्याज मुद्रा के समय मूल्य की संकल्पना को रेखाकिंत करता है। यह सही है। क्योंकि मुद्रा का समय मूल्य इस पर विचार पर आधारित है कि वर्तमान में उपलब्ध मुद्रा को ब्याज या निवेश के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है जिससे यह भविष्य में उपलब्ध समान राशि से अधिक मूल्यवान हो जाती है। |
C. वर्तमान में प्राप्य मुद्रा और भविष्य में प्राप्य मुद्रा के मूल्य के मध्य विद्यमान सम्बन्ध मुद्रा का समय मूल्य कहलाता है। यह सही है क्योंकि यह मुद्रा के समय मूल्य की मूल संकल्पना को परिभाषित करता है, जो अलग-अलग समय पर मुद्रा के मूल्य की तुलना करता है।
E. मुद्रा का भावी मूल्य किसी नियत ब्याज दर पर किसी नियत भावी काल में वर्तमान में धारित मुद्रा का मूल्य होता है। यह सही है क्योंकि मुद्रा का भावी मूल्य वर्तमान मूल्य पर एक निश्चित ब्याज दर को लागू करके एक निश्चित अवधि के लिए गणना की जाती है।
अतः सही उत्तर है A, C और E

86. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

 सूची-I (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के अन्तर्गत मूल परिभाषा)सूची-II (धाराएँ)
A. प्रेषितI. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2(1)(च)
B. न्यायनिर्णयन अधिकारीII. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2(1)(घ)
C. इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करनाIII. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2 (1) (ग)
D. असममितिक गूढ़लेखन प्रणालीIV. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2 (1) (ख)

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)IVIIIIII
(b)IIIIVIII
(c)IIIIIIIV
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (a)
Solution:

सूची-I का सूची-II से सही मिलान :

सूची-I (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अन्तर्गत मूल परिभाषा)सूची-II (धाराएँ)
A. प्रेषितसूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2 (1) (ख)
B. न्यायनिर्णयन अधिकारीसूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2 (1) (ग)
C. इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करनासूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2 (1) (घ)
D. असममित कूटलेखन प्रणालीसूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 2 (1) (च)

87. यदि विद्यमान संविदा के स्थान पर कोई नई संविदा प्रतिस्थापित की जाती है, तो इसे कहा जाता है

Correct Answer: (c) नोवेशन
Solution:

यदि किसी मौजूदा अनुबन्ध के स्थान पर नया अनुबन्ध प्रतिस्थापित किया जाता है, तो उसे नवीनीकरण कहा जाता है नवीनीकरण एक प्रक्रिया है जिसमें मूल अनुबन्ध को एक नए अनुबन्ध से बदल दिया जाता है,
चाहे वह समान पक्षकारों के बीच हो या नए पक्षकारों के साथ नवीनीकरण की मुख्य विशेषता यह है कि मूल अनुबन्ध पूरी तरह से समाप्त हो जाता है, और पुराने अनुबन्ध के सभी अधिकार और दायित्व नए अनुबन्ध में स्थानांतरित की जाते हैं। इसके लिए सभी पक्षकारों की सहमति आवश्यक होती है।

88. बहुत से बाजरों के लिए बहुत से उत्पाद उत्पन्न करने वाली कंपनियों के लिए विपणन विभाग की निम्न में से कौन सी संरचना सर्वाधिक उपयुक्त होगी?

Correct Answer: (d) आव्यूह संगठन
Solution:

बहुत से बाजारों के लिए बहुत से उत्पाद उत्पन्न करने वाली कंपनियों के लिए विपणन विभाग की सर्वाधिक उपयुक्त संरचना आव्यूह संगठन है। आव्यूह संगठन एक ऐसी संरचना है जो जटिल परिस्थितियों को संभालने के लिए डिजाइन की गई है, जहाँ कपनी कई बाजारों में कई उत्पादों के साथ काम करती है।
यह संरचना उत्पाद ब्राण्ड प्रबंधन और भौगोलिक क्षेत्रीय प्रबंधन को एक साथ जोड़ती है। इससे कंपनी उत्पाद-विशिष्ट रणनीतियों और बाज़ार विशिष्ट की आवश्यकताओं पर एक साथ ध्यान केंद्रित कर सकती है।

89. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

 सूची-I अवधारणाएँसूची-II अभिप्राय
A. विनिमय दरI. इसका तात्पर्य गृह मुद्रा की कुछ इकाइयों के सन्दर्भ में विदेशी मुद्रा की एक इकाई के मूल्य से है।
B. वायदा बाजार (फॉरवर्ड मार्केट)II. यह विभिन्न बाजारों में सम्पत्तियों के मूल्यों में अन्तर का दोहन कर जोखिम रहित लाभ अर्जित करने की प्रक्रिया है।
C. मध्यस्थता / विवाचन (आर्बिट्रेशन)III. जहाँ भविष्य तिथि में निपटान के लिए लेन-देन किये जाते हैं।
D. प्रत्यक्ष बोली / मूल्यIV. यह दूसरी मुद्रा की कुछ इकाइयों के संदर्भ में मुद्रा की एक इकाई की कीमत है।

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IVIIIIII
(b)IIIVIII
(c)IIIIIIIV
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (a)
Solution:

सूची-I का सूची-II से सही मिलान :

सूची-I (अवधारणाएँ)सूची-II (अभिप्राय)
A. विनिमय दरयह दूसरी मुद्रा की कुछ इकाइयों के सन्दर्भ में मुद्रा की एक इकाई का कीमत है
B. वायदा बाजार (फॉरवर्ड मार्केट)जहाँ भविष्य तारीख में निपटान के लिए लेन-देन किये जाते हैं
C. माध्यम विवाचन (आर्बिट्रेशन)यह विभिन्न बाजारों में संपत्तियों के मूल्यों में अन्तर का दोहन कर जोखिम रहित लाभ अर्जित करने की प्रक्रिया है
D. प्रत्यक्ष बोली/मूल्यइसका तात्पर्य गृह मुद्रा की कुछ इकाइयों के सन्दर्भ में विदेशी मुद्रा की एक इकाई के मूल्य से है

90. सकल कुल आय के परिकलन के बारे में निम्नांकित बिन्दुओं को चरणवार क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

(A) सकल कुल आय का परिकलन
(B) हानियों की पूर्ति एवं आगे ले जाना
(C) पति पत्नी, अवयस्क बालक इत्यादि की आय को योजित करना
(D) आय के प्रत्येक शीर्षक के अधीन आय का परिकलन
(E) आवासीय स्थिति का निर्धारण
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) E, D, C, B, A
Solution:

सकल कुल आय की गणना के लिए सही चरणबद्ध क्रम है
1. E. आवासीय स्थिति का निर्धारण
2. D. आय के प्रत्येक शीर्षक के अधीन आय का परिकलन
3. C. पति पत्नी, अवयस्क बालक इत्यादि की आय को योजित करना
4. B. हानियों की पूर्ति एवं आगे ले जाना
5. A. सकल कुल आय का परिकलन