Correct Answer: (d) (D), (A), (E), (B), (C)
Solution:निम्नलिखित काव्य रचनाओं का सही कालक्रम इस प्रकार है- नीहार (1930 ई.), लहर (1933), सांध्यगीत (1936 ई.), कुकुरमुत्ता (1942), कला और बूढ़ा चाँद (1959 ई.)।
→ कला और बूढ़ा चाँद, सुमित्रानंदन पंत का काव्य संग्रह है। जिसे पंत ने स्वयं 'रश्मिपदी काव्य' कहा है। इसमें इनकी 1958 की रचनाएँ संग्रहीत है। चेतन अवचेतन के स्तरों का भेदन करते हुए अतिचेतन का अवलोकन इन कविताओं की विषयवस्तु है, जिसे पंत ने दार्शनिक और तात्विक प्रतीकों के विषयवस्तु है, जिसे पंत ने दार्शनिक और तात्विक प्रतीकों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रत्यत्न किया है।
→ 'कुकुरमुत्ता' निराला का प्रगतिवादी एवं व्यंग्यपरक रचना है। इसमें गुलाब पूँजीपति वर्ग का एवं कुकुरमुत्ता सर्वहारा वर्ग का प्रतीक हैं रामविलास शर्मा ने इसे पंत के विरोध में लिखी गई कविता माना।
→ 'सांध्यगीत' में महादेवी वर्मा के 45 गीतों का संकलन है। इनमें जीवन की विभिन्न अनुभूतियों को महत्व दिया गया है इसमें महादेवी वर्मा के दार्शनिक विचारों की प्रौढ़ता दिखाई देती है।
→ महादेवी वर्मा कृत 'नीहार' की भूमिका अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध ने लिखी थी। 'नीहार' में महादेवी वर्मा की कुल 47 गीतों का संकलन है जो सन् 1924-1928 के बीच लिखे गए। इनमें प्रमुख है विसर्जन, मिलन, उस पार, स्वप्न आँसु आदि है।