NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

51. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (रचनाकार)सूची-II (रचना)
A. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र1. जनमेजय का नागयज्ञ
B. जयशंकर प्रसाद2. जय-पराजय
C. उपेन्द्रनाथ अश्क3. कलंकी
D. लक्ष्मीनारायण लाल4. मुद्राराक्षस

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)4123
(b)1234
(c)4321
(d)3241
Correct Answer: (a)
Solution:रचनाकार और रचना का सही सुमेलन इस प्रकार है-
रचनाकाररचना
भारतेन्दु हरिश्चन्द्रमुद्राराक्षस (1878)
जयशंकर प्रसादजनमेजय का नागयज्ञ (1926)
उपेन्द्रनाथ अश्कजय-पराजय (1937)
लक्ष्मीनारायण लालकलंकी (1969)

→ 'मुद्राराक्षस'भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का अनूदित नाटक है। मुद्राराक्षस संस्कृत के विशाखदत्त की रचना 'मुद्राराक्षस' का अनुवाद है। भारतेन्दु के इस नाटक में चाणक्य की राजनीति, प्रौढ़ता तथा उसके सूक्ष्म ज्ञान का चित्रण है।
→ जनमेजय का नागयज्ञ की पृष्ठभूमि 1926 ई. के साम्प्रदायिक दंगों पर आधारित है जिसे प्रसाद ने आर्य-अनार्य संघर्ष के माध्यम से चित्रित किया है। इस नाटक में प्रसाद जीवन की पूर्णता का आधार 'आस्तिकता' को मानते हैं।
→ 'जय-पराजय' उपेन्द्रनाथ अश्क का ऐतिहासिक नाटक है। इसकी कहानी कर्नल टॉड के राजस्थान में एक डेढ़ पृष्ठ पर लिखी हुई मिल सकती है। यह पाँच अंकों का नाटक है।
→ लक्ष्मीनारायण लाल का नाटक 'कलंकी' हिंदु मिथक का वर्तमान जीवन के सन्दर्भ में उपयोग तथा जीवन मूल्यों के अनुरूप वर्तमान युगबोध को संप्रेषित करता है। मनुष्य के आंतरिक यथार्थ को उजागर करने वाले इस नाटक में यह व्यंजित किया गया है कि व्यक्ति के ऊपर आधुनिक जीवन का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इसी से वह अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है।

52. निम्न में से कौन से कथन सत्य नहीं हैं?

(A) दयानारायण निगम ने अध्यापक पूर्ण सिंह के 'शिवशम्भू के चिट्टे' की आलोचना 'जमाना' में की - रामचन्द्र शुक्ल
(B) बालमुकुन्द गुप्त ने बैसवाड़ी के मूल वासी 'सरस्वती' संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग्य किया था - राम विलास शर्मा
(C) अच्छी हिन्दी बस एक व्यक्ति लिखता था, और वो था 'बालमुकुन्द गुप्त' - आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
(D) उस शेर को पढ़कर मैं रात भर बेकरार रहा, मजे ले लेकर बार-बार पढ़ता और झूमता था - पद्मसिंह शर्मा
(E) भला इस संसार को बनाने का क्या काम था, व्यर्थ इतने उल्लू एक संग पिंजड़ें में बन्द कर दिए - भारतेन्दु
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (A), (B), (C)
Solution:(A) "दयानारायण निगम ने अध्यापक पूर्ण सिंह के 'शिवशम्भू के चिट्टे' की आलोचना 'जमाना' में की रामचन्द्र शुक्ल
(B) “बालमुकुन्द गुप्त ने बैसवाड़ी के मूल वासी 'सरस्वती' संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग्य किया था- राम विलास शर्मा"
(C) "अच्छी हिन्दी बस एक व्यक्ति लिखता था, और वो था 'बालमुकुन्द गुप्त'- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी" सत्य कथन नहीं है।
→ 'शिवशम्भू के चिट्ठे' और चिट्ठे और खत' बालमुकुन्द गुप्त के प्रसिद्ध निबन्ध है। सन् 1904-1905 ई. बालमुकुन्द गुप्त ने 'भारतमित्र' में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन को संबोधित करते हुए लिखे।
→ बालमुकुन्द गुप्त ने आत्माराम नाम से महावीर प्रसाद द्विवेदी के निबन्ध 'भाषा और व्याकरण' में प्रयुक्त 'अनस्थिरता' शब्द की आलोचना की इसके जवाब में द्विवेदी जी ने 'सरगौ नरक ठेकाना नाहि' शीर्षक निबन्ध कल्लू अल् त नाम से लिखा।
→ महावीर प्रसाद द्विवेदी बालमुकुन्द के बारे में लिखते है कि "अच्छी हिन्दी बस एक ही व्यक्ति लिखता था- बालमुकुन्द गुप्त ।

53. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची - I (उपभाषाएँ)सूची - II (बोलियाँ)
A. पश्चिमी हिन्दी1. अवधी
B. पूर्वी हिन्दी2. गढ़वाली
C. बिहारी3. ब्रजभाषा
D. पहाड़ी4. भोजपुरी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b)
Solution:उपभाषाओं और बोलियों का सही सुमेलन इस प्रकार है-
उपभाषाएँबोलियाँ
पश्चिमी हिन्दीब्रजभाषा
पूर्वी हिन्दीअवधी
बिहारीभोजपुरी
पहाड़ीगढ़वाली

54. उपरोक्त पंक्तियों की रचना और रचनाकार हैं।

"भारत की यह विशेषता रही है कि वह अनेक जातियों को घोंटकर एक जाति बना देता है।"

Correct Answer: (b) संस्कृति के चार अध्याय - रामधारी सिंह दिनकर
Solution:उपरोक्त पंक्तियाँ रामधारी सिंह दिनकर कृत 'संस्कृति के चार अध्याय' से उद्धृत है।
→ यह विचारोत्तेजक पुस्तक भारत के सम्पूर्ण इतिहास को चार खण्डों में बाँटकर भारतीय संस्कृति को समझने का सार्थक प्रयास है। यह चार अध्यायों में विभक्त है-
1- भारतीय जनता की रचना और हिन्दू संस्कृति का आविर्भाव (तीन प्रकरण)
2- प्राचीन हिन्दुत्व से विद्रोह (सात प्रकरण)
3- हिन्दू संस्कृति और इस्लाम (बाहर प्रकरण)
4- भारतीय संस्कृति और यूरोप (सत्रह प्रकरण)
यह पुस्तक भारत के राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को समर्पित है एवं प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी भूमिका लिखी थी।

55. निम्न में से कौन से युग्म सही हैं?

(A) फोर्टविलियम कॉलेज - 1800 ई.
(B) हिन्दू कॉलेज - 1817 ई.
(C) ब्रह्म समाज - 1824 ई.
(D) आर्य समाज - 1870 ई.
(E) प्रार्थना समाज - 1862 ई.
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (A), (B)
Solution:→ 'फोर्टविलियम कॉलेज - 1800 ई., हिन्दू कॉलेज 1817' ई. युग्म सही है।
10 जुलाई 1800 ई. में कोलकाता में गवर्नर जनरल लार्ड वेलेजली ने युवा सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने के लिए की थी। इसमें भाखा मुंशियों के रूप में लल्लू लाल और सदल मिश्र की नियुक्ति हुई।
→ हिन्दू कॉलेज जिसे अब प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय कहा जाता है कलकत्ता में एक राज्य अधिकृत विश्वविद्यालय इसकी स्थापना 1817 ई. में हुई थी।
→ ब्रह्मसमाज की स्थापना 1828 ई में कलकत्ता में हुई थी जिसके संस्थापक राजाराम मोहन राय थे।
→ आर्य समाज की स्थापना 1875 ईं में बंबई में दयानन्द सरस्वती ने की थी।
→ प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 ई में बंबई में आत्माराम पांडुरंग ने की थी।

56. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (रचना)सूची-II (रचनाकार)
A. माटी की मूरतें1. रमणिका गुप्ता
B. ठकुरी बाबा2. कृष्ण चंदर
C. जामुन का पेड़3. रामवृक्ष बेनीपुरी
D. आपहुदरी4. महादेवी वर्मा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b)
Solution:रचना और रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है-
रचनारचनाकार
माटी की मूरतेंरामवृक्ष बेनीपुरी
ठकुरी बाबामहादेवी वर्मा
जामुन का पेड़कृष्ण चंदर
आपहुदरीरमणिका गुप्ता

→ माटी की मूरतें 1946 ई. में प्रकाशित रामवृक्ष बेनीपुरी का रेखाचित्र है। माटी की मूरतें रेखाचित्र में संकलित सभी रेखाचित्र रामवृक्ष बेनीपुरी ने हजारी बाग सेंट्रल जेल में रहते हुए लिखे हैं। इसमें रजिया, सरजू भइया, बलदेव सिंह, भउजी, बैजू मामा, मंगर, बुधिया, बालगोविन भगत एवं अन्य परिचित ग्रामीणों के रेखाचित्र है।
→ 'ठकुरी बाबा' रेखाचित्र में महादेवी वर्मा ने अपने सम्पर्क में आने वाले शोषित व्यक्तियों, दीन हीन नारियाँ, साहित्यकारों, जीव-जंतुओं आदि का संवेदनात्मक चित्रण किया है। मुख्य पात्र- महादेवी (स्वयं), भक्तिन और ठकुरी बाबा ।
→ 'जामुन का पेड़' कृष्ण चंदर का हास्य व्यंग्य कथा है। -
→ 'आपहुदरी' रमणिका गुप्ता की आत्मकथा का दूसरा भाग है। हादसे इनकी आत्मकथा का प्रथम भाग है।

57. 'राग दरबारी' में वर्णित शिवपालगंज में स्थित कॉलेज का क्या नाम था?

Correct Answer: (b) छंगामल विद्यालय इंटर कॉलेज
Solution:राग दरबारी' में वर्णित शिवपालगंज में स्थित कॉलेज का नाम 'छंगामल विद्यालय इंटर कॉलेज' है। → रागदरबारी 1968 ई. में प्रकाशित श्रीलाल शुक्ल का व्यंग्य प्रधान उपन्यास है। उत्तरप्रदेश के गाँव शिवपालगंज को केन्द्र में रखकर इसका कथानक बुना गया है। शिवपालगंज के इंटर कॉलेज के माध्यम से देश के गाँवों में व्याप्त सरकारी भ्रष्टाचार, अवसरवाद, कुत्सित राजनीति, छल-प्रपंच, मूल्यहीनता और नैतिक पतन का यथार्थ चित्रण किया गया है।
रागदरबारी उपन्यास के पात्रः- वैद्यजी, रंगनाथ, प्रिसिंपल साहब, मोतीराम, रुप्पन, बद्री, छोटे, लंगड़, सनीचर, दरोगाजी, खन्ना, जोगनाथ।

58. इन पंक्तियों से निर्मित छंद में रीतिकाल के किस कवि ने अपना परिचय दिया है?

Correct Answer: (c) सेनापति
Solution:उपर्युक्त पंक्तियों से निर्मित छंद में रीतिकाल के सेनापति कवि ने अपना परिचय दिया है।
→ सेनापति भक्तिकाल और रीतिकाल की संधि रेखा पर स्थित कवि है। ये रामभक्ति परम्परा के कवि है। इनका ग्रंथ 'कवित्त रत्नाकार' (सं. 1706) का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंश ऋतु वर्णन है। सेनापति की भाषा परिष्कृत ब्रजभाषा है। श्लिष्ट शब्द-विन्यास इन्हे अत्यधिक प्रिय है।
रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार “ये बड़े ही सहृदय कवि थे। ऋतु वर्णन तो इनके जैसा और किसी श्रृंगारी कवि ने नहीं किया।"
→ रसनिधि रीतिकाल के रीतिसिद्ध काव्य परम्परा के कवि हैं। रतनहजारा, रसनिधि सागर इनकी रचनाएँ है।
→ हठी जी रीतिसिद्ध कवि हैं। इन्होंने 'राधासुधाशतक' में राधा का चित्रण 103 छन्दों में की।
→ वृंद रीतिकाल में नीतिकाव्य लिखने वाले कवि हैं। इन्होंने वंद सतसई (1704), भाव पंचाशिका (1668), यमक सतसई इत्यादि की रचना की।

59. 'एक और द्रोणाचार्य' नाटक के अन्तर्गत कौन-सा पात्र लीला का समरुपी है?

Correct Answer: (b) कृषी
Solution:'एक और द्रोणाचार्य' नाटक के अन्तर्गत 'कृपी' पात्र लीला का समरुपी है।
→ 'एक और द्रोणाचार्य' वर्ष 1977 में प्रकाशित शंकर शेष का  नाटक है। दो भागों में विभाजित यह नाटक पौराणिक कथा महाभारत के माध्यम से आज की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को रेखांकित करता हुआ इसे प्राचीन परम्परा से जोड़ता है।
यह नाटक मूल रूप से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार, पक्षपात्, राजनीतिक घुसपैठ आदि समस्याओं को रेखांकित करता है। इस नाटक में पुराने कथानक द्वारा आधुनिक समस्याओं का समाधान ढूंढा गया है।
'एक और द्रोणाचार्य' नाटक के पात्रः-
अरविन्द (एक मध्यवर्गीय प्राइवेट कॉलेज का अध्यापक), लीला (अरविन्द की पत्नी), यदु, प्रसिडेंट, राजकुमार, प्रिंसिपल, विमलेन्दु, चंदू, अनुराधा, सुदीप
महाभारत कालीन पात्र - द्रोणाचार्य, कृपी (द्रोण की पत्नी), अश्वत्थामा, द्रुपद, भीष्म, अर्जुन, एकलव्य, युधिष्ठिर, धृष्टद्युम्न, सैनिक ।

60. इन निबंधों में से कौन सा निबंध संकलन विद्यानिवास मिश्र जी का नहीं है?

Correct Answer: (c) प्रिया नीलकंठी
Solution:'प्रिया नीलकंठी' निबन्ध संकलन विद्यानिवास मिश्रजी का नहीं है।
→ प्रिया नीलकंठी (1968) निबन्ध संकलन कुबरेनाथ राय का है।
→ विद्यानिवास मिश्र ने अपने निबन्धों में कल्पनाशीलता के साथ जीवन की विषमताओं तथा समसामयिक समस्याओं का विशद् चित्रण किया है। इनके निबन्ध संग्रह इस प्रकार हैं-
छितवन की छाँह (1953), हल्दी दूब (1955), कदम की फूली डाल (1956), तुम चन्दन हम पानी (1957), आँगन की पंछी और बंजारा मन (1963), मैने सिल पहुँचाई (1966), बसंत आ गया पर कोई उत्कंण्ठा नहीं (1972), मेरे राम का मुकुट भीग रहा है (1974), परंपरा कोई बंधन नहीं (1976), कौन तू फूलवा बीन निहारी (1980), भ्रमरानंद के पत्र (1981), अंगद की नियति (1984), शेफाली झर रही है (1989), सोऽहम हंसः (1991), शिरीष की याद आई (1995), गाँधी का करुण रस (2002) इत्यादि ।