Correct Answer: (a) इड़ा
Solution:उपर्युक्त पंक्तियाँ 'कामायनी' के इड़ा सर्ग से ली गई है।
→ कामायनी प्रसाद की अन्तिम और अन्यतम कृति है। इसमें कुल 15 सर्ग है जो इस प्रकार है- चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, इडा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य तथा आनन्द । इसमें वर्णित घटनाक्रम शतपथ ब्राह्माण से लिया गया है। इसका मुख्य रस शान्त रस या निर्वेद रस तथा मुख्य छन्द के रूप में ताटंग छन्द का प्रयोग हुआ है।
→ कामायनी में बुद्धिवाद के विरोध में हृदयतत्व की प्रतिष्ठा करते हुए कवि ने शैव दर्शन के आनन्दवाद को जीवन के पूर्ण उत्कर्ष का साधन स्वीकार किया है।
कामायनी के मुख्य पात्रः-
मनु (मन), श्रद्धा (हृदय), इड़ा (बुद्धि), कुमार (मानव)
कामायनी के सम्बन्ध में विद्धानों के कथनः-
* मानवता का रसात्मक इतिहास नंददुलारे वाजपेयी
* छायावाद का उपनिषद शांतिप्रिय द्विवेदी
* मानव चेतना के विकास का महाकाव्य डॉ. नगेन्द्र
* आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य नामवर सिंह
* रहस्यवाद का पहला महाकाव्य सूर्यकांत त्रिपाठी निराला।